छत्तीसगढ़ / रायपुर

रायपुर NIT चौपाटी शिफ्टिंग को लेकर राजनीति तेज, जेसीबी पहुंचते ही कांग्रेस नेताओं और व्यवसायियों ने किया जमकर विरोध

रायपुर। साइंस कॉलेज चौपाटी हटाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चौपाटी को आमा नाका ब्रिज के पास शिफ्ट किया जा रहा हैजिससे दुकानदार असंतुष्ट हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि आमा नाका ब्रिज के नीचे रेलवे ने ठेले और गुमटियों के दुकानो को लगाने की अनुमति नहीं दी है। इसी वजह से दुकानदार चिंतित और नाराज़ हैंजिससे बड़ा बवाल मचा हुआ है। इसे लेकर अब विपक्षी दल कांग्रेस ने राजनीति भी शुरु कर दी है।
 
करीब 5 करोड़ की लागत से बनी रायपुर साइंस कॉलेज के पास स्थित चौपाटी को हटाए जाने को लेकर राजधानी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दुकानदारों ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये लगाकर अपनी दुकानें तैयार की थीं, जिनसे उनकी रोजी–रोटी चलती थी। इसी मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने देर रात दुकानदारों के साथ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया।

वहीं, सरकार चौपाटी को तुरंत हटाकर आमा नाका ब्रिज के नीचे शिफ्ट कर रही है। दुकानदारों का आरोप है कि नया स्थान असुरक्षित है, जहां नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है और शराब पीने वालों की भीड़ दिखाई देती है। उनका कहना है कि ऐसी जगह पर चौपाटी शिफ्ट करने से उनका व्यापार चौपट हो जाएगा और जीविका छिन जाएगी।

निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन व्यापारियों को कई दिनों पहले नोटिस जारी किए गए थे, जिसके तहत आम नाका ब्रिज के नीचे उनकी दुकानों को शिफ्ट किया जाना था। बावजूद इसके, व्यापारी नोटिस का पालन नहीं कर रहे थे और निर्देशों को अनदेखा कर रहे थे। इसी कारण निगम की टीम को मजबूरी में कार्रवाई करते हुए उनकी दुकानों को वहां स्थानांतरित करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार नया स्थान उनके रोजगार को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि उनके लिए नियमित रूप से व्यवसाय चलाने की सुविधा उपलब्ध कराएगा। निगम का मानना है कि निर्धारित स्थान पर शिफ्ट होने से यातायात व्यवस्था भी सुचारु रहेगी और व्यापारियों को भी दीर्घकाल में लाभ मिलेगा।

NIT चौपाटी को हटाया जा रहा है, और नगर निगम की टीम द्वारा उसे दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। लेकिन नई जगह पर रेलवे पुलिस कर्मचारियों द्वारा ठेले या घूमते लगने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस वजह से व्यापारियों में गहरा रोष है। कांग्रेस के महामंत्री सुबोध हरितवाल का कहना है कि सरकार न तो रोजगार दे पा रही है और ऊपर से लोगों का मौजूदा रोजगार भी छीन रही है। उन्हें वैकल्पिक स्थान पर भी ठीक से शिफ्ट नहीं किया जा रहा है, न ही कोई आवश्यक अनुमति प्रदान की जा रही है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे व्यापारी बेहद परेशान हैं और उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कहीं-न-कहीं यह स्थिति सरकार की लापरवाही और अत्याचार को दर्शाती है।

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