<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>मध्य प्रदेश - CG Update Feed</title><link>https://cgupdates.com</link><description>CG Update Feed Description</description><item><title>लाड़ली लक्ष्मी योजना के बजट में कटौती! लेकिन सरकार के इस फैसले के पीछे की असली वजह क्या है?</title><link>https://cgupdates.com/madhyapradesh.php?articleid=1815</link><description>मध्य प्रदेश सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के बजट आवंटन में कटौती की घोषणा की है, जिससे इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभार्थियों में चिंता बढ़ गई है। इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं के शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना का बजट ₹1,231 करोड़ से घटाकर ₹1,183 करोड़ कर दिया है।
सरकार का दावा  योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा
बजट में कटौती के बावजूद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्वासन दिया है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उन्हें सुचारू रूप से जारी रखा जाएगा।
योजना का महत्व और लाभ
लाड़ली लक्ष्मी योजना 2007 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बालिकाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि उनकी शिक्षा और भविष्य सुरक्षित रह सके। नवंबर 2023 में, सरकार ने योजना के अंतर्गत दी जाने वाली कुल सहायता राशि को ₹1,43,000 से बढ़ाकर ₹2,00,000 कर दिया था।
बजट में कटौती से उठे सवाल
बजट में की गई इस कटौती को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां कुछ लोग इसे सरकारी योजनाओं में कमी का संकेत मान रहे हैं, वहीं सरकार का कहना है कि लाभार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
भले ही बजट में कमी आई हो, लेकिन सरकार के दावों के मुताबिक योजना का क्रियान्वयन पहले की तरह जारी रहेगा और इससे जुड़ी सुविधाएं मिलती रहेंगी। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में सरकार अपने इस वादे को कितनी प्रभावी तरीके से निभा पाती है।</description><guid>1815</guid><pubDate>04-Apr-2025 5:15:02 pm</pubDate></item><item><title>S** करो और सैलरी लो, स्पा सेंटरों में लड़कियों पर बनाया जा रहा दबाव थाने पहुच युवती ने किया खुलासा  </title><link>https://cgupdates.com/madhyapradesh.php?articleid=1793</link><description>जबलपुर: स्पा सेंटर में देह व्यापार का दबाव, युवती की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के एक स्पा सेंटर में काम करने वाली युवती ने पुलिस थाने पहुंचकर आरोप लगाया कि उस पर ग्राहकों को खुश करने के लिए दबाव डाला जा रहा था। युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर पर छापा मारा और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
युवती ने लगाए गंभीर आरोप
मामला जबलपुर के ओमती थाना क्षेत्र का है, जहां स्थित एक स्पा सेंटर में काम करने वाली युवती, जो असम के गुवाहाटी की रहने वाली है, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। युवती का आरोप है कि जब उसने अपनी सैलरी की मांग की, तो उसे ग्राहकों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला गया। हालांकि, जब वह पुलिस थाने पहुंची, तब वह नशे की हालत में थी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पा सेंटर पर छापेमारी की और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
स्पा सेंटरों में देह व्यापार का खुलासा
जबलपुर में पहले भी कई स्पा सेंटरों पर देह व्यापार के आरोप लग चुके हैं। एंजल टच, रॉयल और फ्लेक्स जैसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी ऐसे ही गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन मसाज पार्लर और स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहा यह अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
</description><guid>1793</guid><pubDate>06-Mar-2025 12:02:44 pm</pubDate></item><item><title>ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2024: पीएम मोदी ने भोपाल में किया उद्घाटन, निवेश और विकास पर दिए बड़े संकेत</title><link>https://cgupdates.com/madhyapradesh.php?articleid=1784</link><description>भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS 2024) का भव्य आगाज हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन किया, जहां वे मंच पर नहीं, बल्कि दर्शकों के बीच बैठकर इसे और भी खास बना दिया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश में 18 नई नीतियों का लोकार्पण किया, जो आने वाले समय में राज्य के विकास को नई दिशा देंगी।
मध्य प्रदेश में निवेश का सही समय  पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर निवेशकों को बड़ी उम्मीदें दीं और कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश के लिए यही सही समय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले वर्षों में टेक्सटाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी सेक्टर प्रदेश में नए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करेंगे।
बच्चों की परीक्षा के कारण देरी से पहुंचे पीएम, मांगी माफी
अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने देरी से आने के लिए माफी मांगी और बताया कि बच्चों की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के चलते उन्होंने सुरक्षा कारणों से अपनी यात्रा में 10-15 मिनट की देरी की, ताकि रास्ते न बंद हों और छात्र बिना किसी बाधा के समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें।
भारत पर दुनिया की नजरें, सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज पूरा विश्व भारत को लेकर बेहद आशावादी है।

    हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बताया।
    यूएन की एक रिपोर्ट में भारत को सोलर पावर की सुपरपावर करार दिया गया।
    जहां कई देश सिर्फ पर्यावरण के बारे में बातें करते हैं, भारत परिणाम देकर दिखाता है।

मध्य प्रदेश की आर्थिक ताकत और संभावनाएं
पीएम मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश न केवल जनसंख्या बल्कि कृषि, खनिज संपदा और औद्योगिक विकास के लिहाज से भी देश के टॉप राज्यों में शामिल है।
✅ कृषि में अग्रणी  मध्य प्रदेश भारत के शीर्ष कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है।
✅ खनिज संपदा से भरपूर  खनिज भंडार के मामले में यह देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल है।
✅ मां नर्मदा का आशीर्वाद  राज्य में जल संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर सही दिशा में कदम उठाए जाएं, तो यह राज्य जल्द ही भारत की जीडीपी में टॉप 5 में आ सकता है।
मध्य प्रदेश में बदलाव की कहानी: 2 दशकों में हुआ जबरदस्त विकास
पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर देते हुए कहा कि दो दशक पहले तक बिजली, पानी और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याएं थीं, जिससे निवेशक राज्य में आने से डरते थे। लेकिन भाजपा सरकार के प्रयासों से अब यह राज्य देश के टॉप इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन में शामिल हो चुका है।
इंफ्रास्ट्रक्चर की छलांग: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से मिलेगा फायदा
देश के दो सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रहा है, जिससे यहां के उद्योगों को जबरदस्त फायदा होगा।
???? मुंबई के पोर्ट्स तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
???? उत्तर भारत के बाजारों से सीधा संपर्क बनेगा।
जल संकट और औद्योगिक विकास के लिए उठाए जा रहे कदम
पीएम मोदी ने वॉटर सिक्योरिटी को औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार वॉटर कंजर्वेशन और रिवर लिंकिंग मिशन को प्राथमिकता दे रही है, जिससे भविष्य में जल संकट न हो और उद्योगों को पर्याप्त संसाधन मिल सकें।
मध्य प्रदेश बनेगा निवेशकों की पहली पसंद!
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2024 में उठाए गए इन कदमों से यह साफ हो गया कि मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बनने जा रहा है।
क्या यह राज्य जल्द ही भारत की आर्थिक रीढ़ बनेगा? क्या निवेशकों की यह बड़ी बैठक प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी? आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा!</description><guid>1784</guid><pubDate>24-Feb-2025 12:36:35 pm</pubDate></item><item><title>अब UPSC में EWS कैंडिडेट्स को भी मिलेगी 5 साल की आयु छूट और 9 अटेम्प्ट...</title><link>https://cgupdates.com/madhyapradesh.php?articleid=1777</link><description>
भोपाल: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। अब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं में EWS अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 5 साल की छूट मिलेगी, साथ ही उन्हें 6 की बजाय 9 बार परीक्षा देने की अनुमति होगी, ठीक वैसे ही जैसे अन्य आरक्षित वर्गों को मिलता है।
याचिका और कोर्ट की सुनवाई
मध्य प्रदेश के मैहर निवासी याचिकाकर्ता आदित्य पांडे ने अदालत में सवाल उठाया था कि जब अन्य आरक्षित वर्गों को आयु छूट और अधिक प्रयासों का लाभ मिलता है, तो EWS अभ्यर्थियों को इस सुविधा से वंचित क्यों रखा गया?
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि हाल ही में किसी अन्य परीक्षा में इसी तरह की राहत दी गई थी, इसलिए EWS कोटे के उम्मीदवारों को भी UPSC में समान अधिकार मिलना चाहिए।
हाईकोर्ट का आदेश
चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस सुरेश जैन की पीठ ने 14 फरवरी को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए EWS उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट देने का आदेश दिया।

    UPSC को निर्देश दिया गया है कि वे याचिकाकर्ता सहित सभी समान उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार करें।
    कोर्ट ने UPSC को बिना अनुमति इन उम्मीदवारों के परिणाम घोषित करने से भी रोक दिया है।

अब तक क्या था नियम?

    ओबीसी (OBC) उम्मीदवारों को 3 साल की आयु छूट और 9 अटेम्प्ट मिलते थे।
    एससी/एसटी (SC/ST) को 5 साल की आयु छूट और अनलिमिटेड अटेम्प्ट मिलते थे।
    EWS उम्मीदवारों को अब तक कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी जाती थी।

इस फैसले से EWS अभ्यर्थियों को अब समान अधिकार मिलेंगे, जिससे UPSC परीक्षा में उनके लिए अधिक अवसर खुलेंगे।</description><guid>1777</guid><pubDate>18-Feb-2025 4:26:57 pm</pubDate></item></channel></rss>