सरकार का बड़ा ऐलान: छोटे व्यापारियों के लिए UPI भुगतान पर 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना!
डिजिटल इंडिया को मिलेगी नई रफ्तार भारत सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाने के लिए UPI प्रोत्साहन योजना को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। इस योजना के तहत सरकार 1,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारियों को डिजिटल भुगतान को अपनाने में सहायता मिलेगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों को डिजिटल लेनदेन की ओर प्रोत्साहित करना है। नकद लेनदेन में कमी लाने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार छोटे मूल्य के UPI लेनदेन को बढ़ावा दे रही है।
कैसे मिलेगा लाभ?
सरकार की इस योजना के तहत, अगर कोई ग्राहक 2,000 रुपये तक की खरीदारी करता है और भुगतान UPI के जरिए करता है, तो व्यापारी को प्रति लेनदेन 0.15% का प्रोत्साहन मिलेगा।
यदि कोई व्यापारी 2,000 रुपये का लेनदेन करता है, तो उसे 3 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इससे छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होगी और वे अधिक डिजिटल लेनदेन करने के लिए प्रेरित होंगे।
कौन-कौन होंगे लाभार्थी?
छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह योजना फायदेमंद होगी।
किराना स्टोर, मेडिकल स्टोर, रेस्टोरेंट, और अन्य स्थानीय दुकानदारों को इससे सीधा फायदा मिलेगा।
डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले सभी व्यापारी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
डिजिटल लेनदेन में बड़ा विस्तार
सरकार का उद्देश्य 2025-26 तक देश में 20,000 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन को हासिल करना है। खासतौर पर, छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में UPI भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई योजनाएं लागू कर रही है।
डिजिटल लेनदेन से होने वाले फायदे:
नकदी रखने की झंझट खत्म
लेनदेन में पारदर्शिता
व्यापारियों को सीधा लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति
काले धन और टैक्स चोरी पर लगाम
भारत में UPI ट्रांजेक्शन हर महीने नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2025 में UPI लेनदेन का कुल मूल्य 18 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। सरकार का मानना है कि इस प्रोत्साहन योजना से यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में अभी भी डिजिटल भुगतान को अपनाने में कुछ कठिनाइयां देखी जा रही हैं, जैसे इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या और डिजिटल साक्षरता की कमी। सरकार इन चुनौतियों को हल करने के लिए UPI लाइट और ऑफलाइन पेमेंट जैसी नई तकनीकों को प्रोत्साहित कर रही है।
सरकार की यह पहल न केवल छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने से पारदर्शिता बढ़ेगी, टैक्स सिस्टम मजबूत होगा और नकद लेनदेन की निर्भरता कम होगी।