रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए अब कुछ ही महीने बाकी है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसी बीच प्रदेश भाजपा के चुनाव सह प्रभारी व केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डा. मनसुख मंडाविया रविवार को राजधानी रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद मंडाविया प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा नेताओं की बैठक लेकर चुनावी रणनीति बनाई।
इस दौरान डा. मंडाविया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस भाजपा के लिए कोई चुनौती नहीं है। हम कांग्रेस की हवा निकाल देंगे। भाजपा हर चुनौती से पार पाने की क्षमता रखती है। हम विजय के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। चुनाव सह प्रभारी के मार्गदर्शन में रणनीतिक मंथन किया गया। सुबह 10.30 बजे से शुरू बैठकों का सिलसिला शाम तक चलता रहा।
ये हुए बैठक में शामिल पार्टी सूत्रों की मानें तो मंडाविया ने भाजपा के इंटरनेट मीडिया, आइटी सेल, मीडिया टीम की बैठक ली और कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ तर्क और तथ्य के साथ मजबूती से अपनी बात रखें। उन्होंने घोषणा पत्र के संयोजक और सह संयोजकों की भी बैठक ली। इस बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश संगठन सह प्रभारी नितिन नबीन, महामंत्री संगठन पवन साय, चुनाव घोषणा पत्र समिति के संयोजक विजय बघेल, रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल, शिवरतन शर्मा, ओपी चौधरी, पंकज झा आदि मौजूद रहे।
रायपुर । हरेली के रंग में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास सराबोर हो गया है। छत्तीसगढ़िया संस्कृति की अनूठी झलक दिख रही है। लोग पारंपरिक वेशभूषा में उत्साह के साथ गेड़ी चढ़ रहे है।
थोड़ी देर में मुख्यमंत्री बघेल हरेली तिहार पर तुलसी पूजा कृषि यंत्रों की पूजा में शामिल होने के बाद भंवरा, बांटी, गिल्ली डंडा, मटकी फोड़ और गेड़ी नृत्य जैसे आयोजन में शामिल होंगे। वे इस मौके पर गौ पूजन कर हरेली के अवसर पर तैयार किए गए लोंदी खिलाएंगे।
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों द्वारा राउत नाचा, गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी तथा हरेली गीत भी गाए जाएंगे।
इस मौके पर पशुधन विकास और पारंपरिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री निवास पर ग्रामीण परिवेश के अनुरूप सजाया जा रहा है। यहां रहचुली भी लगाई जा रही है।
रायपुर। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार के मंडी शुल्क वसूलने के चलते मंडी में धान की कीमत भारी कम हो गई है। किसानों को लूटा जा रहा है, ठगा जा रहा है। 13 जुलाई से धान पर जो वापस 5.2 प्रतिशत मंडी टैक्स कर दिया गया है। उसके चलते तीन दिन पहले 2150 रुपए में बिकने वाला धान अब ₹2000 में बिक रहा है। किसानों के धान की कीमत में प्रति क्विंटल ₹150 की गिरावट के लिए के सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है।
अग्रवाल ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार पूरी तरह किसान विरोधी सरकार है, किसानों के साथ धोखा करने वाली सरकार है। किसानों को धोखे में रखकर लूटने वाली सरकार है।
उन्होंने कहा की कांग्रेस ने एक तरफ घोषणा पत्र में मंडी शुल्क समाप्त करने का वादा किया था और आज लगातार मंडी शुल्क बढ़ाकर ले रही हैं। भाजपा सरकार में लागू 2 प्रतिशत मंडी शुल्क को 30 नवंबर 2021 से धान पर 3 प्रतिशत मंडी शुल्क एवं 2 प्रतिशत कृषक कल्याण कोष शुल्क लागू किया गया था
पहले इसे 5 प्रतिशत फिर 2 प्रतिशत अब फिर 5.2 प्रतिशत की वसूली मंडी शुल्क के रूप में की जा रहीं है। जिसके चलते किसानों की धान की कीमत मंडी में 2 ही दिन में प्रति क्विंटल 150 रूपये कम हो गया है। सरकार के इस कारनामे को किसानों को ही भुगतना पड़ रहा है
बृजमोहन ने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहा है। कांग्रेस ने जो कहा वह कभी पूरा नहीं किया। किसानों के साथ अन्याय, लूट एवं अत्याचार कांग्रेस की पुरानी आदत रही है और आज भी छत्तीसगढ़ के किसानों को पर्दे के पीछे से लूटा जा रहा है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था मंडी शुल्क समाप्त करेंगे और उल्टा मंडी शुल्क वसूलने में लगी हैं।
उन्होंने किसान विरोधी इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है व कहा है कि गंगाजल की कसम खाने वाले लोग मंडी शुल्क तत्काल समाप्त करें।
मुख्यमंत्री ने वन-जलवायु परिवर्तन विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा की
रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल ने रविवार शाम अपने निवास कार्यालय में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान विभागीय अधिकारियों की छत्तीसगढ़ में वनों के सरंक्षण-संवर्धन सहित वनवासियों के उत्थान हेतु समन्वित होकर कार्य करने के लिए विशेष जोर दिया। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि राज्य में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित वृहद स्तरीय कार्यक्रम में तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक तथा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के लाभांश लगभग 466 करोड़ रूपए की राशि का जिलों में हितग्राहियों को वितरण किया जाएगा। इनमें वन प्रबंधन समितियों के वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक की अवधि के 44 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है। इसी तरह तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक अंतर्गत 422 करोड़ रूपए की राशि में से वर्ष 2021 के 163 करोड़ 59 लाख रूपए तथा वर्ष 2022 के अंतर्गत 258 करोड़ 17 लाख रूपए की राशि शामिल है।
बैठक में समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वन विभाग द्वारा राज्य में वनों संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य हो रहे हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप वृक्षारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है और इसमें फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता से लिया गया है। राज्य में वर्ष 2023-24 में विभागीय वृक्षारोपण अंतर्गत समस्त योजनाओं में 7 हजार 695 हेक्टेयर रकबा में 70 लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें कैम्पा मद के वृक्षारोपण के अंतर्गत 3 हजार 68 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 18 लाख पौधरोपण का लक्ष्य शामिल है। गौरतलब है कि इनमें चालू वर्षा ऋतु के दौरान 2 हजार 121 हेक्टेयर रकबा में 6 लाख 47 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा।
बैठक में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना’’ की प्रगति के संबंध में समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 23 हजार 603 कृषकों द्वारा 36 हजार 140 एकड़ रकबा में पौधरोपण किया जाएगा। इनमें प्रजातिवार सागौन, बांस, नीलगिरी, चंदन तथा मिलिया डूबिया के 2 करोड़ 25 लाख 52 हजार 941 पौधों का रोपण होगा। इसी तरह नरवा विकास के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में भी विस्तार से समीक्षा की गई। नरवा विकास अंतर्गत राज्य में वर्तमान में वनांचल के 6 हजार 755 नालों में 25 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा में भू-उपचार का कार्य प्रगति पर है। इसके लिए 1 करोड़ 80 लाख भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण जारी है।
बैठक में आगे छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, वन्यप्राणी, संयुक्त वन प्रबंधन समिति, औषधि पादक बोर्ड और राज्य जैव विविधता बोर्ड के कार्यों तथा प्रगति के बारे में गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा अंकित आनंद, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ अनिल राय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सुधीर अग्रवाल, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पांडेय तथा सुनील कुमार मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओपी यादव तथा जे. ए. सी. एस. राव सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
रायपुर : हरेली के साथ आज से (17 जुलाई) छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 शुरुआत होगी। छत्तीसढ़िया ओलंपिक में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल खेले जाएंगे। ये ओलंपिक 6 चरणों में ढ़ाई महीने तक आयोजित होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल गतिविधियों को ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रोत्साहित करने, प्रतिभागियों को मंच प्रदान करने और उनमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा खेल भावना का विकास करने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन किया जा रहा है। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में शुरू की गई छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में लोग बडे़ उत्साह से भाग लेते हैं। खासकर गांवों में इसका अलग ही रौनक देखने को मिलता है। Chhattisgarhia Olympics 2023
छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 में 16 खेल प्रतियोगिताएं
छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय व एकल दो श्रेणी में आयोजित होगी। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं।
बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक तीन आयु वर्ग में होंगे प्रतिभागी
खेल विभाग के अधिकारियों ने यहां बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल प्रतियोगिता में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता में दलीय एवं एकल श्रेणी में 16 तरह के पारम्परिक खेलों को शामिल किया गया है। इस बार के ओलंपिक में एकल श्रेणी में रस्सीकूद एवं कुश्ती को भी जोड़ा गया है।
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के आयोजन का दायित्व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और नगरीय क्षेत्रों के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को सौंपा गया है। प्रतियोगिता का समापन 27 सितंबर 2023 को होगा।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सबसे पहले राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर प्रतियोगिता 17 जुलाई से 22 जुलाई तक नॉकआउट पद्धति से होगा। वहीं दूसरा स्तर जोन है, जिसमें 8 राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर एक क्लब होगा।
इसका आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा। विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तर पर आयोजन 7 अगस्त से 21 अगस्त तक होगा। जिला स्तर पर आयोजन 25 अगस्त से 04 सितंबर तक होगा। संभाग स्तर पर आयोजन 10 सितंबर से 20 सितंबर तक होगा और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिसका की आयोजन 25 सितंबर से 27 सितंबर तक होगा।
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में आयु वर्ग को तीन वर्गों में बांटा गया है। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा वर्ग 18-40 वर्ष आयु सीमा तक और तीसरा वर्ग में 40 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग में प्रतिभागी भाग ले सकेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर पर विजेता प्रतिभागियों से लेकर राज्य स्तर के विजेता प्रतिभागियों को प्रभाणपत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर प्रथम आने वाल विजेता खिलाड़ियों को 1000 रूपए, द्वितीय स्थान आने पर 750 रूपए एवं तीसरा स्थान आने पर 500 रूपए की पुरस्कार राशि एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
इसी तरह जिला स्तर पर प्रथम आने वाल विजेता प्रतिभागियों को 2000 रूपए की राशि, द्वितीय आने पर 1500 रूपए और तीसरे स्थान आने पर 1000 रूपए की राशि सहित प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। संभाग स्तर पर विजेता प्रतियोगियों को प्रथम आने पर 3000 रूपए, द्वितीय आने पर 2500 रूपए एवं तीसरे स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को 2000 रूपए एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
राज्य स्तर पर ओलंपिक के अंतिम आयोजन में प्रथम आने वाले प्रतिभागियों को 5000 रूपए, द्वितीय आने पर 4500 रूपए एवं तीसरे स्थान आने वाले खिलाड़ियों को 4000 रूपए की राशि और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में संविदा कर्मचारी इन दिनों प्रदेश सरकार के खिलाफ अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दरअसल, बघेल सरकार की ओर से संविदा कर्मचारियों पर एस्मा लगाए जाने के ऐलान के बाद से ही संविदाकर्मी बघेल सरकार से खासे नाराज हैं. ये कभी जल में जाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. तो कभी सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं. अब सोमवार को ये अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे. हरेली के दिन जेल भरो आंदोलन कर ये सरकार के खिलाफ हल्ला बोल विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं। सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन करेगा। संविदा कर्मचारियों का जेल भरो आंदोलन आज दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा। इस दौरान हरेली त्योहार के उपलक्ष्य में संविदा कर्मचारी गेड़ी में चढ़कर जेल जाएंगे। जानकारी मिल रही है कि, संविदा कर्मचारियों के इस जेल भरो आंदोलन में लगभग 20 हजार कर्मचारी शामिल होंगे।
बता दें कि, नाराज संविदा कर्मचारी सामूहिक रूप से नियमितीकरण, वेतन विसंगतियां, पेंशन जैसी मांगों को लेकर रायपुर स्थित तुता धरना स्थल पर बीते 3 जुलाई से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इनकी मांगे पूरी नहीं हुई है। इसलिए संविदा कर्मचारियों ने जेल भरो आंदोलन करने का फैसला लिया है।
रायपुर : एक तरफ देश के कई इलाकों में भारी बारिश (Rain) ने तबाही मचाई हुई है. कई इलाकों में बाढ़ आ गई है तो कहीं भूस्खलन और नदियां अपने रौद्र रूप में आ चुकी है. जगह-जगह जलभराव की स्थिति सामने आ रही है और कई लोगों की मौत ही हो रही है.
आपको बता दे कि राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश भर में देर रात से भारी बारिश हो रही है। अचानक शुरू हुई बारिश ने मौसम को ठंडा करते हुए लोगों को राहत तो दी, लेकिन लगातार बारिश होने से राजधानी रायपुर के कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया है। राजधानी रायपुर के प्रमुख लोधी पारा चौक, तेलीबांधा चौक, भाजपा कार्यालय समेत कई मुख्य सड़कों और अंदुरनी इलाके पानी से लबालब हैं। इसके चलते आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।वहीं, मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में अगले 4- 5 दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश भर में तेज बारिश होने का अलर्ट भी जारी किया है। साथ ही मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना भी जताई है।
रायपुर। CG NEWS : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन द्वारा लिखित आत्मकथा बैटल नॉट यटओवर का विमोचन आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष ऋतुराज अवस्थी और ओडिशा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश वी गोपाल गौडे ने किया।
मूल रूप से उड़िया भाषा में लिखी गई इस आत्मकथा का अंग्रेजी में अनुवाद प्रसिद्ध लेखक और अकादमी पुरस्कार विजेता प्रोफेसर भगवान जय सिंह ने किया है। केन्द्रीय साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव, प्रख्यात लेखक प्रो.डॉ. विजयानंद सिंह समेत कई गणमान्य हस्तियां, मीडियाकर्मी और दिल्ली के गणमान्य नागरिक मौजूद थे. इंडियन कॉन्फ्रेंस आफ इंटेलेक्चुअल द्वारा इस सेमिनार का आयोजन किया गया था।
इस अवसर पर हरिचंदन ने कहा कि इस आत्मकथा में उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और उनसे मिली सीख को साझा किया है। उन्होंने कहा कि मेरे रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की प्रेरणा से यह पुस्तक इस रूप में सामने आई है। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता स्वर्गीय परशुराम हरिचंदन की देशभक्ति से प्रेरित थे, उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया। राज्यपाल ने कहा कि वह जिस भी पद पर रहे, उन्होंने हमेशा न्याय के लिए काम किया और अन्याय के खिलाफ मुखर रहे। पुस्तक में उनके राजनीतिक संघर्षों, आपातकाल के दौरान संघर्ष, उस समय ओडिशा के राजनीतिक परिदृश्य, लोगों के कल्याण के लिए मंत्री के रूप में उनके द्वारा की गई पहल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इस सेमिनार को डॉ विजयानंद सिंह ने संबोधित किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्यपाल हरिचंदन की पुस्तक के बारे में दिए गए संदेश को पढ़ा।
सेमिनार को ओडिशा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश गोपाल गावड़े, राष्ट्रीय कानून आयोग के अध्यक्ष ऋतुराज अवस्थी, ओडिशा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशश्री विश्वनाथ रथ, भगवान जय सिंह, और श्रीनिवास राव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल हरिचंदन का अभिनंदन भी किया गया।
रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि हरेली तिहार सभी के लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आए। अपने शुभकामना संदेश में बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां के उत्सवों में प्रमुखता से दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ का लोक तिहार हरेली छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में रचा-बसा खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्यौहार है। इसमें अच्छी फसल की कामना के साथ खेती-किसानी से जुड़े औजारों की पूजा की जाती है। इस दिन धरती माता की पूजा कर हम भरण पोषण के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं बघेल ने कहा कि हरेली तिहार को गांवों में बड़े उत्साह और उमंग से मनाया जाता है। नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाले सभी तरह के औजारों की साफ-सफाई और पूजा की जाती है। प्राचीन मान्यता के अनुसार सुरक्षा के लिए घरों के बाहर नीम की पत्तियां लगाई जाती हैं। पारंपरिक तरीके से लोग गेड़ी चढ़कर हरेली की खुशियां मनाते हैं। इस वर्ष वन विभाग के माध्यम से सी-मार्ट में गेड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई है। इससे अपनी पुरातत्व परंपराओं से शहरी लोग भी जुड़ सकेंगे और ग्रामीणों की आर्थिक उन्नति में सहभागी बनेंगे।बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हरेली त्यौहार के दिन सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया है। इसके पीछे राज्य सरकार की मंशा छत्तीसगढ़ के लोगों को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ना है। यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के लोक पर्व हरेली का उत्साह और उमंग अब विदेशों में भी रंग जमाने लगा है। प्रवासी भारतीय हर साल इसे उत्साह से मनाकर अपनी संस्कृति को दूर-दूर तक पहुंचा रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी संस्कृति और परम्परा को सहेजने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। हरेली के दिन ही तीन साल पहले प्रदेश की महत्वाकांक्षी और अनूठी ‘गोधन न्याय योजना’ का शुभारंभ हुआ है। पिछले साल 2022 में हरेली तिहार के दिन से प्रदेश में जैविक खेती और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अध्याय की शुरूआत करते हुए ‘‘गो-मूत्र खरीदी’’ प्रारंभ की गई है। इसे आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष हरेली तिहार के दिन से छत्तीगढ़िया ओलंपिक शुरू किया जा रहा है
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जब किसान खुशहाल और समृद्ध होता है, तो आम लोगों के जीवन मे भी खुशहाली और संपन्नता आती है। छत्तीसगढ़ में नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना, गोधन न्याय योजना, और रोका-छेका अभियान के माध्यम से पारंपरिक संसाधनों को पुनर्जीवित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है। गौठानों को ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि विकास के साथ-साथ परंपराओं का भावी पीढ़ी तक प्रवाह सामूहिक उत्तरदायित्व का काम है। आशा है सभी प्रदेशवासी गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए सहभागी बनेंगे।
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के शहरी स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत सरकार ने हमर क्लिनिक की शुरुवात की ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके उत्तर विधानसभा के विधायक जुनेजा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवम स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिहदेव को स्वास्थ्य विभाग को प्रेषित किए गए प्रस्ताव को स्वीकृति देने का आग्रह किया था, जिसमे काली माता वार्ड खपरा भट्टी में हमर क्लिनिक भवन का निर्माण किया जाएगा।
स्थानीय विधायक एवम छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष कुलदीप सिंह जुनेजा ने 25लाख रुपए के हमर क्लिनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत् पूजन कर भूमिपूजन किया। प्रस्तावित चयन स्थान पर कई वर्षो से देवार लोगो का डेरा रहता था जिसे विधायक एवम पोलिस प्रशासन द्वारा समझाईस देकर हटाने में सफलता मिली। इसके अलावा देवारो द्वारा क्षेत्र में चोरी और डेरा से होकर कांपा स्कूल जाती है जो की वहां से गुजरने वाले बच्चो को अवांछनीय तत्वों एवम अनैतिक व्यवहारो सुरक्षा मिलेगी। यह भवन सर्व सुविधा युक्त होगी जिनसे सैंपल कलेक्शन स्टोर, ओपीडी, रजिस्ट्रेशन चेंबर ,मुफ्त दवाई की सुविधा होगी
जुनेजा ने कहा की जनता को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने के लिए हम बाध्य है, आगे भी सुविधा मुहैया कराते रहेंगे। उन्होंने कहा की हमने उत्तर विधानसभा में और शासन को प्रस्ताव भेजी है, स्वीकृत होते ही जगह चयन प्रक्रिया कर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं हमर क्लीनिकों में अब तक घर के पास अपने ही वार्ड में 1 लाख से अधिक लोगों ने मुफ्त जांच एवं दवा की सुविधा प्राप्त की है। आगे भी हमारी सरकार प्रदेश के स्वास्थ्य लाभ के लिए कार्य करेगी और बेहतर स्वाथ्य सेवा उपलब्ध कराएगी।
इस अवसर पर पार्षद अमितेश भारतद्वाज, हरीश जग्गी, गौतम राहा,देव आशीष, मुकेश जांघेंल, सनद साहू, राजकुमार गंभीर, प्रवीण ठाकुर, अर्जुन राज, पी आर नेताम, भगवती साहू, पूनम साहू सहित क्षेत्रवासी प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
रायपुर। भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आज अनियमित, संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव से मिलकर अपनी पीड़ा बताई। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि उनकी मांगों पर विचार करके पार्टी की घोषणा पत्र समिति उसे घोषणा पत्र में शामिल करेगी और सरकार में आने के बाद उनके नियमितीकरण की समयबद्ध प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करेगी।
साव रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में कर्मचारी नेताओं व कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर रहे थे। विदित रहे विविध कर्मचारी संघ के इस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से युक्त एक ज्ञापन भी साव को सौंपा। इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री ओ.पी. चौधरी यशवंत जैन मौजूद थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साव ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि नियमितीकरण के मुद्दे पर प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में भाजपा विधायक दल सरकार का ध्यान आकर्षित करेगा। साव से चर्चा के दौरान कर्मचारी नेताओं ने बताया कि उनका संगठन आगामी 18 से 21 जुलाई तक प्रदेश की कांग्रेस सरकार को उनके वादे की याद दिलाने के लिए प्रदेशस्तरीय बड़ा आंदोलन कर रहा है। इस दौरान विधानसभा का घेराव भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी करेंगे।
प्रदेश सरकार ने अपने पिछले घोषणा पत्र में नियमितीकरण का वादा करके भी पूरा नहीं किया है। इससे प्रदेशभर के कर्मचारी बेहद संत्रस्त हैं। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार पर आंदोलन के लिए अनुमति नहीं देने और अनावश्यक व अकारण कर्मचारियों पर एफआईआर करके प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष साव ने कहा कि अपने हक के लिए आंदोलन करना सबका लोकतांत्रिक अधिकार है। कर्मचारी कोई नई मांग नहीं रख रहे हैं, बल्कि पिछले विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस ने कर्मचारियों से जो वादा किया था, उसे याद दिलाकर पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
साव ने प्रदेश सरकार के रवैए को संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताकर कहा कि विरोध में और अपने हक के लिए उठने वाली आवाज को दबाना नितांत अलोकतांत्रिक व कर्मचारी विरोधी है। प्रदेश में कांग्रेस के शासन काल के दौरान हुई भर्तियों की प्रक्रिया को लेकर भी साव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। साव ने कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल को पार्टी की ओर से सकारात्मक सहयोग के लिए आश्वस्त किया।
Hareli Tihar 2023 : मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने लोगों तक गेड़ी की उपलब्धता के लिए जिला मुख्यालयों में स्थित सी-मार्ट में किफायती दर में गेड़ी बिक्री के लिए व्यवस्था की है। (cg festival news) परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे।
आपको बता दे कि सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है।
पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं
गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसलिए किसान भाई इस दिन पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं। गेहूं आटे को गंूथ कर गोल-गोल बनाकर अरंडी या खम्हार पेड़ के पत्ते में लपेटकर गोधन को औषधि खिलाते हैं। ताकि गोधन को विभिन्न रोगों से बचाया जा सके। गांव में पौनी-पसारी जैसे राऊत व बैगा हर घर के दरवाजे पर नीम की डाली खोंचते हैं।
गेड़ी की पूजा भी की जाती है।
किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है। शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं।
रायपुर। राजधानी रायपुर के कोर्ट में एक कैदी ने पुलिसकर्मियों को चकमा देकर हथकड़ी सहित फरार हो गया। मामले में पुलिस ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाना में दर्ज कराई है। बता दें कि दुर्ग पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक कुलेश्वर वर्मा व आरक्षक तरुण कुमार केंद्रीय जेल दुर्ग से आरोपी कोमल साहू को पेशी के लिए रायपुर के कोर्ट में लेकर आए थे। जहां आरोपी कोमल ने पुलिस को चकमा देकर हथकड़ी सहित भाग निकला। बताया जाता है कि आरोपी कोमल के खिलाफ राजधानी के अलग-अलग थानों में चोरी, नारकोटिक्स, मारपीट सहित कई मामले दर्ज है। जब खोजबीन के बाद भी आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। तो पुलिसकर्मियों ने आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज कराया है।
दुर्ग। Suicide जिले के जामुल थाना क्षेत्र में एक मजदूर ने आर्थिक तंगी के चलते अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर मौके में पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं घर वालों ने बताया कि वो लोग आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। एक दिन पहले राशन लाने के लिए उसने अपने ठेकेदार से एडवांस रकम मांगी थी। उसने देने से मना कर दिया था। अगली सुबह उसकी लाश घर की परछी में लटकी हुई मिली।
बता दें कि शिवांस होटल के पीछे नाकापारा निवासी उत्तम साहू 43 वर्ष ने बीती रात अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उत्तम की पत्नी गणेशिया बाई ने बताया कि उत्तम हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया में मयूरा कंपनी में काम करता था। वो लेबर ठेकेदार विनीत के अंडर में काम करता था। जितना भुगतान ठेकेदार करता था उससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। उसने किसी तरह अपनी बड़ी बेटी ज्योति की शादी कर दी थी। घर में बेटा जितेंद्र 23 वर्ष, उत्तम और उसकी पत्नी रहते थे। पिछले कुछ दिन से घर में राशन खत्म था। इसे लेकर उत्तम काफी परेशान चल रहा था
गणेशिया के मुताबिक उसने शुक्रवार को लेबर ठेकेदार विनीत को फोन करके 5 हजार रुपए एडवांस मांगा था। ठेकेदार ने रुपए देने से मना कर दिया। इसके बाद से वो काफी परेशान थे। शुक्रवार रात सभी लोग खाना खाकर कमरे में सोने चले गए। तभी रात 2-7 बजे के बीच उत्तम उठा। घर के बाहर बांस और खपरैल से बनी परछी में नाइलोन की रस्सी से फंदा बनाया और उसमें लटक गया। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मामले को जांच में लिया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसूनी तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और इसके प्रभाव से लगातार बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी तंत्र की मजबूत हो गया है और इसके प्रभाव से लगभग 10 दिनों बाद प्रदेश भर में अच्छी बारिश शुरू हुई है। शनिवार को दोपहर बाद शुरू हुई लगातार बारिश में ही कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई।
विभाग का कहना है कि रविवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है,साथ ही प्रदेश भर में लगातार बारिश का यह क्रम आने वाले दो से तीन दिनों तक जारी रहेगा।
अच्छी बारिश से किसानों की चिंताएं दूर
बारिश चलते अब मौसम में ठंडकता आ गई है और उमस छूमंतर हो गई है। साथ ही अधिकतम तापमान में भी गिरावट शुरू हो गई है और ठंडकता बढ़ी है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अब अच्छी बारिश के आसार है। शनिवार से बारिश शुरू होते ही अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की चिंताएं भी दूर होगी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अब होने वाली बारिश जून में हुई काम बारिश की कमी दूर कर देगी और यह कृषि के लिए भी राहत भरा रहेगा।
यह बना रहा सिस्टम
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून द्रोणिका गंगानगर,हिसार के साथ ही दक्षिण पूर्व की ओर और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक 0.9 किमी ऊंचाई तक है। इलरे प्रभाव से रविवार को अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा के भी आसार है। कुछ क्षेत्रों में बिजली भी गिरेगी।
राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ पुलिस के द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूध्द लगातार कार्रवाई किया जा रहा है। इसी तारतम्य में अवैध शराब परिवहन पर डोगरगढ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
डोगरगढ़ पुलिस को सूचना मिला था कि महाराष्ट्र बोर्डर के रास्ते से बोरतलाव होते हुये डोंगरगढ़ की ओर दो पहिया वाहन में 02 व्यक्तियो के द्वारा अवैध शराब की तस्करी किया जा रहा है। इसकी सूचना पर पुलिस नाकाबंदी कर वाहनो को चेक करने के लिये निर्देशित किया गया।दौरान चेकिंग एक व्यक्ति कुछ दूर दो पहिया वाहन को रोक पीछे बैठे व्यक्ति को उतारकर मो0सा0 लेकर बोरतलाव की तरफ भाग गये। पीछे बैठे व्यक्ति को घेराबंदी कर पकडे गये। पूछताछ करने पर अपना नाम रंजन सिंह पिता हरभजन सिंह उम्र 34 साल निवासी गुरूद्वारा रोड मानगो थाना मानगो जिला पुर्वी सिंहभूम टाटा नगर झारखंड हाल कुम्हारपारा डोंगरगढ़ का होना बताये पास में रखे थैला की तलाशी लेने पर 48 बॉटल गोवा शराब मिला। जिस संबंध में पूछताछ करने भांजा गुरवीराज सिंह के साथ म०प्र० से लाना और पुलिस पार्टी के नाकाबंदी को देखकर मुझे छोडकर भाग जाना बताये है
आरोपी के कब्जे से 48 बॉटल गोवा शराब कीमती 21360/- रू को जप्त किया गया। आरोपी के ऊपर आबकारी एक्ट अपराध क्रमांक 450/23 धारा 34 (2) आबकारी एक्ट का अपराध पंजीबध्द किया गया, मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया जंहा से जेल वारंट प्राप्त कर जेल भेजा गया। उक्त मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी अभी शेष है।
रायपुर / आईईईई मध्य प्रदेश अनुभाग के अन्तर्गत आईईईई कलिंगा विश्वविद्यालय छात्र शाखा ने 14 एवं 15 जुलाई को कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में संचार और कंप्यूटिंग 2023 पर अंतर्राष्ट्रीय आईईईई विश्व सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी से संबंधित अत्याधुनिक और साथ ही उभरते विषयों को लक्षित किया। इसने इंटेलिजेंट सिस्टम पर इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के कार्यान्वयन के लिए प्रभावी रणनीति भी विकसित की।
इस विश्व सम्मेलन का उद्देश्य शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के व्यक्तियों और छात्रों को इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में वर्तमान प्रवृत्ति और रणनीतियों के बारे में विचारों, अनुभव और विशेषज्ञता के साथ चर्चा करने और ज्ञान के आदान-प्रदान करने के अवसर प्रदान करना था।गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक एवं गोदावरी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, हीरा समूह के प्रबंध निदेशक श्री सिद्धार्थ अग्रवाल को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।
आईईईई इंडिया काउंसिल के पूर्व चेयर-एचटीसी डॉ चाणक्य झा और आईईईई एमपी सेक्शन के उपाध्यक्ष डॉ मनीष दीक्षित को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उद्घाटन के अवसर पर कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, डॉ. संदीप गांधी, आईईईई सम्मेलन के आयोजक श्री हरीश पाटिल भी मुख्य अतिथि और सम्मानित अतिथि के साथ उपस्थित थे।
कलिंगा विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर श्रीमती अनु जी पिल्लई ने समारोह के मास्टर के रूप में भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय की निदेशक और सम्मेलन की संयोजक डॉ. विजयलक्ष्मी बिरादर ने उद्घाटन के दौरान सम्मेलन के बारे में जानकारी दी।
‘‘सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 1436 पेपर प्राप्त हुए, जिनमें से केवल 292 पेपर को 3 समीक्षकों द्वारा उन पत्रों की समीक्षा करने के बाद प्रस्तुति के लिए चुना गया था’’ उसने उद्धृत किया। ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में सत्र आयोजित करने में 80 से अधिक सत्र अध्यक्ष और सत्र समन्वयक शामिल थे। आईईईई एमपी अनुभाग ने तकनीकी रूप से सम्मेलन को प्रायोजित किया है।
श्री शरत चंद्र मोहंती, सहायक प्रोफेसर और आईक्यूएसी समन्वयक ने सम्मेलन के दौरान सभी सत्रों का प्रबंधन किया।आयोजन समिति की ओर से आईईईई केयू एसबी काउंसलर श्री अनूप कुमार जाना ने सभी प्रतिभागियों, मुख्य वक्ताओं, सत्र अध्यक्षों, समीक्षकों, प्रायोजकों और स्वयंसेवकों को उनके बहुमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया, जिसने सम्मेलन को एक शानदार सफलता दिलाई।
रायपुर। भाजपा का घोषणा पत्र सत्यता पर आधारित होगा। छत्तीसगढ़ की जनता झूठ से परेशान हो गई है। जनता भाजपा को आशा भरी निगाह से देख रही है। यह बात भाजपा घोषणा समिति के संयोजक विजय बघेल ने मीडिया से चर्चा में कही।
घोषणा पत्र समिति की बैठक से पहले मीडिया से चर्चा में विजय बघेल ने कहा कि घोषणापत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है। हमारे साथ जनता के 15 साल का अनुभव है। हम जनता के बीच जाएंगे, हर विधानसभा में जाएंगे। हमारी टीम जनता से राय लेगी। हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बैठक हुई। भाजपा अबकी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे ’सबका साथ, सबका विकास’ के तर्ज पर घोषणा पत्र बनाएगी। बता दें कि 12 जुलाई को हुई भाजपा की बैठक में प्रदेश भर के विधानसभा में सुझाव केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया था। समिति के संयोजक विजय बघेल और सभी सह संयोजकों से घोषणा पत्र निर्माण की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।