छत्तीसगढ़
इस जिले के पुलिस विभाग में फेरबदल...SSP ने 6 थाना प्रभारियों का किया ट्रांसफर...देखिये लिस्ट..!!
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में तबादले का दौर जारी है. इसी कड़ी में बलौदाबाजार SSP दीपक कुमार झा ने 6 थाना प्रभारियों का ट्रांसफर किया है.

रात में सोते वक्त बिस्तर पर चढ़ाकर गर्भवती महिला को जहरीले सांप ने डंसा...घर में किलकारी गूंजने से पहले पसरा मातम..!!
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक घर के आंगन में किलकारी गूंजने से पहले ही मातम पसर गया. दरअसल अपने कमरे में खाट पर सो रही गर्भवती महिला को जहरीले सर्प ने डंस लिया. संजीवनी कर्मियों को सुदूर वनांचल गांव तक पहुंचने में घंटों लग गए. जब तक वो सर्पदंश की शिकार गर्भवती महिला को लेकर अस्पताल पहुंचते, बहुत देर हो चुकी थी. मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत महिला को मृत घोषित कर दिया. मामला बालकोनगर थाना क्षेत्र का है.
मृत महिला के पति श्याम सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी सुमन का 8वां महीना चल रहा था। मंगलवार रात को दोनों पति-पत्नी ने खाना खाया और सोने के लिए चले गए। पत्नी एक खाट पर अलग सोई हुई थी और वो अपने बच्चों के साथ अलग बेड पर सोया हुआ था. रात करीब 1 बजे पत्नी को करैत सांप ने काटा। उसकी पत्नी की नींद सांप काटने से खुली। उसने कमरे में करैत को देखा. उसने तुरंत पति को ये बात बताई.
सांप काटने की बात सुनकर घबराए पति ने तत्काल 108 संजीवनी एक्सप्रेस को फोन किया. पत्नी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. जिला अस्पताल चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार जनार्दन ने बताया कि जिला अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम कराया गया है. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
ईयरफोन लगाकर पार कर रहा था रेलवे ट्रैक, युवक के लिए मौत बनकर आई ट्रेन, जानिए क्या है पूरा मामला....
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। बता दें कि युवक कान में ईयरफोन लगाकर ट्रैक पार कर रहा था और ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी और अचानक सामने ट्रेन आ गई। जिसके बाद युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। फिर उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया ,जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकरी के अनुसार दुर्ग जिले में एक 33 वर्षीय युवक शशांक दास ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की टक्कर से वो हवा में 100 फीट उछलकर दूर जा गिरा। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दोस्तों ने बताया कि शशांक हमेशा कान में इयर फोन लगाकर रखता था। इसी के चलते वो उनकी बात नहीं सुना और ट्रेन की चपेट में आ गया। शशांक के बड़े भाई ने बताया कि उसकी कुछ साल पहले ही शादी हुई थी। उसको एक साल की बच्ची है। दुर्घटना में उसकी मौत होने से मासूम बच्ची अनाथ हो गई। शशांक के जाने से घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके शव को पीएम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया।
छत्तीसगढ़ में सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत हितग्राहियों की बढ़ी पेंशन राशि, 1 जुलाई से मिलेगा बढ़ी पेंशन का लाभ
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निराश्रितों, बुजुर्गों, दिव्यांगों एवं विधवा तथा परित्यक्ता महिलाओं के लिए इस वर्ष 2023-24 के बजट में बड़ी घोषणा करते हुए उनको सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत दी जाने वाली मासिक पेंशन की राशि 350 रूपए से बढ़ाकर 500 रूपए प्रति माह कर दी है।
घोषणा के परिपालन में समाज कल्याण विभाग ने सभी कलेक्टरों, जिला पंचायत और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सभी नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका, नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को बढ़ी दर पर पेंशन राशि का नियमित भुगतान करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में 22.38 लाख से अधिक हितग्राही सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।
जारी आदेश के अनुसार सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं की पेंशन राशि में 01 जुलाई 2023 से वृद्धि की गई है। राशि में बढ़ोत्तरी किए जाने के बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत अब 60 से 79 आयु वर्ग के हितग्राहियों को 350 रूपए की जगह 500 रूपए पेंशन मिलेगी। इस योजना के तहत 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हितग्राहियों को पूर्ववत 650 रूपए पेंशन दी जाएगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 350 रूपए के स्थान पर 500 रूपए पेंशन दी जाएगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तजन पेंशन योजना के तहत पूर्ववत 500 रूपए पेंशन दी जाएगी। राज्य योजना सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, सुखद सहारा योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत अब 350 रूपए के स्थान पर हितग्राहियों को 500 रूपए पेंशन राशि दी जाएगी। इससे जरूरतमंद लोगों को जीवन-यापन के लिए सहारा मिल सकेगा।
झीरम न्यायिक जांच आयोग का कार्यकाल बढ़ा...नोटिफिकेशन जारी...!!
रायपुर । राज्य सरकार ने झीरम न्यायिक जांच आयोग का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। आयोग का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा था। इसे देखते हुए सरकार ने आयोग का कार्यकाल 11 अगस्त से 10 फरवरी 2024 तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे पहले इसी वर्ष फरवरी में आयोग का कार्यकाल बढ़ाया गया था। इस संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
बता दें कि कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में हुए एक नक्सली हमले में 31 लोग मारे गए थे। इसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश पटेल, दिग्गज नेता महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार जैसे नाम भी शामिल थे। इस हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका बाद में इलाज के दौरान निधन हो गया। तत्कालीन सरकार ने इस घटना की जांच के लिए न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था।
2018 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मौजूदा कांग्रेस सरकार ने आयोग का पुनर्गठन किया। इसमें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश के अग्निहोत्री को आयोग का अध्यक्ष और न्यायमूर्ति जी. मिन्हाजुद्दीन आयोग के सदस्य बनाया गया है। साथ ही जांच में नए बिंदु भी शामिल किए गए हैं।

नेताम का इस्तीफा कांग्रेस के आदिवासी विरोधी होने का एक और ठोस प्रमाण : भाजपा
रायपुर । भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम का कांग्रेस से इस्तीफा कांग्रेस के लगातार आदिवासी विरोधी होने का एक और ठोस प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों के साथ हर स्तर पर छल-कपट किया है, उन्हें उपेक्षित और प्रताड़ित कर सतत् यह षड़यंत्र किया है कि आदिवासी न तो आर्थिक रूप से, न शैक्षणिक रूप से, न सामाजिक तौर पर और न ही राजनीतिक तौर पर आगे आएँ और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि जब भी मौका मिला आदिवासियों को अपमानित कर कांग्रेस ने यूज एंड थ्रो की नीति अपनाई है। कांग्रेस अध्यक्ष के पद से मोहन मरकाम की विदाई हो, मंत्रिमंडल से प्रेमसाय सिंह टेकाम को बाहर का रास्ता दिखाने का मसला हो, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पद से फूलोदेवी नेताम को बेदखल करने का मुद्दा हो, कांग्रेस ने अपने इसी घोर आदिवासी विरोधी राजनीतिक चरित्र का परिचय दिया है। कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार ने अपनी कुनीतियों और कुशासन के चलते आदिवासियों को सम्मानपूर्ण जीवन जीने के लिए मोहताज कर दिया है। तीन साल की बच्ची से लेकर प्रौढ़-वृद्ध महिलाएँ हैवानों की दरिंदगी की शिकार हो रही हैं। राजनीतिक कार्यकर्ता उपेक्षा के दंश झेलने के लिए विवश हो रहे हैं। आदिवासियों का हक मारकर उनके साथ अन्याय की पराकाष्ठा की जा रही है, बदतर चिकित्सा व्यवस्था के चलते हजारों बच्चे मौत के आगोश में समा गए। आरक्षण और रोजगार के नाम पर केवल छल और धोखाधड़ी की जा रही है। ऐसी स्थिति में वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री नेताम का कांग्रेस से इस्तीफा देना आदिवासियों के नाम पर कांग्रेस के राजनीतिक पाखण्ड को बेनकाब करने वाला है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री कश्यप ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री नेताम ने जिस पीड़ा और वेदना के साथ कांग्रेस छोड़ने की बात कही है, उससे कांग्रेस की कथनी और करनी का अंतर आईने की तरह साफ हो गया है। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आईना भेजकर अपने राजनीतिक ओछेपन का प्रदर्शन कर चुके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपनी सरकार और कांग्रेस की बदरंग होती शक्ल अब अपने ही नेताओं द्वारा दिखाए जा रहे आईने में देख लेनी चाहिए। एक ओर जहां विश्व आदिवासी दिवस के नाम पर मुख्यमंत्री सियासी ड्रामेबाजी कर रहे थे, ठीक उसी दिन कांग्रेस का आदिवासी विरोधी चरित्र बेनकाब करते हुए कांग्रेस से इस्तीफे का ऐलान करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री नेताम के क्षोभ से उपजे आदिवासियों के आक्रोश की बड़ी राजनीतिक कीमत चुकाने के लिए अब कांग्रेस को तैयार हो जाना चाहिए। सब्जबाग दिखाकर, झूठ बोलकर कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार तो बना ली, लेकिन जमीनी सच यही है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आदिवासियों का विश्वास अब तक नहीं जीत पाई है।
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ अपराध चरम पर, राहुल-प्रियंका कब आएंगे : बीजेपी
प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त,कांग्रेस ने धोखेबाजी का कीर्तिमान रचा : केदार गुप्ता
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने कहा है कि मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की चिंता से पूरा देश इत्तेफाक रखता है। हिंसा किसी भी रूप में एक सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती, लेकिन पिछले 4 वर्षों से छत्तीसगढ़ में महिलाओं के साथ लगातार हो रही हिंसाओं पर एक शब्द उनके मुख से नहीं निकलता, ये दोहरा चरित्र वांछनीय नहीं है। गुरुवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस ब्रीफ में पत्रकारों से चर्चा करते हुए गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर नहीं जाने पर तो सवाल उठाते हैं पर छत्तीसगढ़ की जनता और प्रदेश भाजपा राहुल गांधी से यह जानना चाहती है कि वह हिंसा और अपराधों का गढ़ बनते जा रहे छत्तीसगढ़ क्यों नहीं आ रहे हैं? वह छत्तीसगढ़ की सरकार को समझाने, यहाँ के प्रशासन को दुरुस्त करने कब आएंगे? हिंसा और नशाखोरी रोकने के लिए प्रशासनिक क्षमताओं का विकास करने वह छत्तीसगढ़ कब आएंगे?
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जहाँ तक मणिपुर का मसला है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस पर चिंता और क्षोभ व्यक्त किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर गए भी थे। उसी परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में बढ़ती हिंसा पर भी चिंता व्यक्त की थी। अगर प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के हालात पर चिंता जताई थी तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उस पर संज्ञान लेना था। नक्सलियों का सफाया करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री शाह बस्तर में आकर ठहरते हैं, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ता 2 हजार रुपए के बंद होने जा रहे नोट बदलने के लिए नक्सलियों की ओर से बैंक की लाइन में खड़े होते हैं और नोट को खपाने के लिए घूमते हैं। इलाज कराने के लिए नक्सलियों को अस्पताल लेकर जाते हैं। अभी हाल ही हुए नक्सली सप्ताह में नक्सलियों ने हजारों ग्रामीणों को बंधक बनाकर अपना मार्चपास्ट दिखाया। गुप्ता ने आश्चर्य व्यक्त किया कि मोहला-मानपुर के कांग्रेस विधायक शाह की मौजूदगी में एक सभा में कांग्रेस के आदिवासी नेता सरजू टेकाम ने खुलकर कहा कि भाजपा का कोई कार्यकर्ता अगर प्रचार के लिए आता है तो उसे काट डालेंगे। डीजीपी ने इसका संज्ञान क्यों नहीं लिया? क्या मुख्यमंत्री बघेल को ये शब्द सुनाई नहीं दिए? क्या राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा तक यब बात नहीं पहुँची? क्या यह सुनियोजित सामूहिक हिंसा का प्रयास प्रदेश सरकार को नहीं दिख रहा है? क्या लोगों को उकसाने वाली यह मानसिकता दिखाई नहीं पड़ती?
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की लक्षित हत्या (टारगेट किलिंग) नक्सलियों द्वारा किए जाने की बात सामने आई है, क्या इसको इस तारतम्य से जोड़कर नहीं देखना चाहिए? गुप्ता ने सवाल दागते हुए कहा कि आखिर राहुल गांधी कब इन हालात की चिंता करेंगे? उन्हें कब छत्तीसगढ़ की यह चीत्कार सुनाई देगी? प्रदेश में आए दिन महिलाओं को जिंदा जला दिया जा रहा है, मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार हो रहे हैं। राजधानी में एक नवयुवती को पेट्रोल डालकर जला दिया गया, बिलासपुर में सामूहिक बलात्कार करके महिला को जिंदा जला दिया गया, कवर्धा में अगर रेप पीड़िता महिला को न्याय नहीं मिलता है तो वह पुलिस थाना और एसपी ऑफिस के सामने आत्मदाह को मजबूर होती है। प्रदेश की राजधानी के गुढ़ियारी क्षेत्र में एक युवक एक नाबालिग किशोरी को उसके बाल पकड़कर हाथ में गंडासा लिए सरेआम घुमाकर आतंक फैलाता है और पुलिस इसे रोकने में नाकाम होती है। पौन घंटे बाद पुलिस आती है। छत्तीसगढ़ में रोज ऐसे हादसे हो रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि इन हालात पर अपनी प्रदेश सरकार से काबू कराने के लिए राहुल गांधी छत्तीसगढ़ कब आएंगे?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गुप्ता ने छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और घोटालों के नित-नए खुलासे होने पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों का चावल घोटाला, कोयला घोटाला, शराब घोटाले, गौठान घोटाला, गोबर घोटाला, पीएससी गोटाला, व्यापमं घोटाला, शिक्षाकर्मियों के तबादले में घोटाला करके प्रदेश को शर्मसार किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी राहुल गांधी को आगाह किया है कि छत्तीसगढ़ में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, हिंसा बढ़ रही है। अडाणी पर लगातार हमलावर राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए गुप्ता ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार अडाणी की बात करते हैं कि अडाणी को केंद्र सरकार सहयोग करती है। अडाणी को खदान देने से आदिवासियों ने मना किया था, आंदोलन भी किया था, बावजूद इसके कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने अडाणी को खदान देकर खनन की अनुमति दे दी। आखिर वे आदिवासियों का भी विरोध क्यों कर रहे हैं? मुख्यमंत्री बघेल और राहुल गांधी कब जागेंगे? प्रदेश के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। प्रदेश भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी लगातार छत्तीसगढ़ की चिंता कर रहे हैं, अब राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ की चिंता कब होगी, यह बड़ी चिंता का विषय है।
लिव-इन रिलेशनशिप में हत्या; शराब के लिए प्रेमी ने प्रेमिका से मांगे पैसे, नहीं देने पर उतारा मौत के घाट, फरार आशिक की तलाश में जुटी पुलिस
जशपुर। जिले में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लिव इन में रह रही प्रेमिका को प्रेमी ने मौत के घाट उतार दिया है। बताया जाता है कि प्रेमी ने युवती से 500 रूपए मांगे थे। रूपए नहीं देने पर सरफिरे आशिक ने इस घटना को अंजाम दिया है। आरोपी ने उसके शव को बस स्टैंड में फेंक दिया। फ़िलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है। घटना सन्ना थाना क्षेत्र की है।
बताया जा रहा है कि, मृतिका 20 वर्षीया संगीता कुम्हार और 23 वर्षीय मुकेश उर्फ बौना पैकरा दोनों ही लिविंग रिलेशनशिप में रहते थे। मुकेश शराब का आदि है और अपनी प्रेमिका से पैसे मांगता रहता था। पैसे नहीं देने पर आरोपी मुकेश अपनी प्रेमिका संगीता से मारपीट करता था। युवती ने पिछले दिनों मारपीट को लेकर इसकी शिकायत पुलिस से भी की थी।
घटना बीते बुधवार की रात की है जब मुकेश ने अपनी प्रेमिका से शराब के लिए पांच सौ रूपए मांगे, नहीं देने पर आरोपी ने युवती पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को सन्ना बस स्टैंड में एक होटल के पास फेंक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर इसकी जानकारी मृतिका के परिजनों को दे दी है। पुलिस फरफ आरोपी की तलाश कर रही है।
CRIME NEWS : छत्तीसगढ़ में युवती से सामूहिक दुष्कर्म, तीन आरोपियों ने बंधक बनाकर दिया घटना को अंजाम, सभी गिरफ्तार
CG CRIME NEWS : गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला में एक युवती के साथ हैवानियत का मामला सामने आया हैं। बताया जा रहा हैं कि पीड़ित लड़की के साथ तीन युवकों ने दरिंदगी करते हुए गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गये थे। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं।
गैंगरेप की ये घटना मरवाही थाना क्षेत्र का हैं। जानकारी के मुताबिक पीड़ित युवती के साथ तीन युवकों ने 6 अगस्त को बंधक बनाकर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था। आरोपियों ने लड़की के साथ हैवानियत करने के बाद उसे घटना की जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गयी थी। इस घटना से दहशत में आयी युवती ने एक दिन बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी।
जिसके बाद 8 अगस्त को पीड़िता ने मरवाही थाने में गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश कर रही थी। एक दिन पहले ही पुलिस ने गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी ताराचंद उर्फ लालू,दिनेश और बबलू को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी ताराचंद मध्य प्रदेश का रहने वाला है। वहीं अन्य दो आरोपी मरवाही थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।
अरविंद नेताम के इस्तीफे पर बोले सीएम बघेल, कहा-इस्तीफा देने में देर कर दिए…
रायपुर : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के आदिवासी नेता अरविंद नेताम के इस्तीफे के बाद,प्रदेश में राजनीती भी शुरू हो गई है। इसी बिच सीएम बघेल का बयान भी सामने आया है। सीएम भूपेश ने कहा, इस्तीफा देने में बहुत देर कर दिए। पार्टी विरोधी गतिविधियों में नेताम शामिल थे। कितने बार दल बदल चुके हैं। भानुप्रतापुर उपचुनाव के ही समय उन्होंने उम्मीदवार उतार दिया था। नेताम बीजेपी के इशारों पर चल रहे थे। उनकी लगातार बीजेपी के साथ बैठकें हो रही हैं। हम निष्कासित करते तो फिर किसी पार्टी में चले जाते।
वही इस्तीफे के बाद अरविंद नेताम ने कहा, सामाजिक मुद्दों को लेकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हमारे पास कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। और हम समाज के लोगों की मदद करेंगे। हम आदिवासियों के हित में काम कर रहे हैं। बीजेपी के स्टेटमेंट को हम सुनते रहते हैं। कांग्रेस पार्टी को मुझे कुछ नहीं कहना है। ईमानदारी से कानून कायदा का पालन करें, जो आदिवासियों के हित में बना है।
अरविंद नेताम ने कहा कांग्रेस सरकार आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा नहीं की। प्रदेश में आज आदिवासी कई महीनों से धरने पर हैं। कांग्रेस सरकार समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। नेताम ने कहा मैं स्वाभिमान बेचकर कांग्रेस में नहीं रह सकता। स्वाभिमान को ठेस पहुंचाता है तो लात मारता हूं। पेसा कानून पर कांग्रेस आदिवासी विधायक चुप हैं। उन्होंने यह भी कहा कांग्रेस अब आदिवासी सीटों पर जीतकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि 2018 में सर्व आदिवासी के कारण कांग्रेस की जीत हुई। उन्होंने कहा सोनिया और राहुल गांधी से भेंट नहीं होती थी।कॉर्पोरेट के कारण आज आदिवासी खतरे में है। अब हम सर्व आदिवासी समाज के बैनर पर चुनाव लड़ेंगे।
BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में 50 से ज्यादा जजों के हुए तबादले, देखें पूरी लिस्ट
रायपुर। CG BIG NEWS : हाईकोर्ट ने देर शाम कई न्यायिक सेवा के अधिकारियों का तबादले किये हैं। कई एडिश्नल व सेशंस जज, डिस्ट्रिक्ट जज, सिविल जज के तबादले किये गये हैं। 50 से ज्यादा जजों के तबादले किये गये हैं।
देखिये पूरी लिस्ट












छत्तीसगढ़ में कल से फिर बरस सकते है बादल, गरज-चमक के साथ पड़ेंगी बौछारें
रायपुर : छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मनसूनमे ब्रेक लग गया है। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार कल यानि 11 अगस्त से प्रदेश में एक बार फिर से मानसून सक्रीय हो सकता है। बारिश न होने से लोग उमस से परेशां हो रहे है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो बंगाल की खाड़ी में तैयार हो रहा मानसून 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया है। इससे दुर्ग सहित प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भारी और कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। बता दें की छत्तीसगढ़ में तीन से 6 अगस्त तक लगातार बारिश होने के बाद अचानक मौसम सामान्य हो गया है। इससे हर दिन तापमान में एक से दो डिग्री का इजाफा हो रहा है
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के मुताबिक शुक्रवार से दुर्ग जिले में अच्छी बारिश की संभावना बन रही है। बंगाल की खाड़ी में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई से मानसूनी हवाएं चल रही हैं। इससे प्रदेश के मानसून में बदलाव आएगा। इसके साथ ही एक साइक्लोन सर्कुलेशन पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों और समुद्र दल से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक बढ़ा हुआ है।
Accident News : अज्ञात वाहन ने युवक को मारी जोरदार टक्कर, मौके पर हुई दर्दनाक मौत, गुस्साए परिजनों ने किया चक्काजाम
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत. घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने बुधवार को अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे-130 पर रजपुरी कला मेन रोड पर मंगलवार की देर रात अज्ञात वाहन ने 19 साल के युवक को जोरदार टक्कर मार दी। मृतक का नाम अखिल प्रजापति था, जो रामनगर विश्रामपुर का रहने वाला था। वो रजपुरी कला अपने बड़े मम्मी-पापा के घर 15 दिन पहले ही आया था। अखिल सड़क किनारे खड़े होकर मोबाइल देख रहा था, इसी दौरान अज्ञात वाहन ने उसे जबरदस्त टक्कर मार दी। गंभीर चोट लगने की वजह से उसकी मौके पर मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
आक्रोशित लोगों ने टायर जलाकर किया चक्काजाम
19 वर्षीय अखिल की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने बुधवार को नेशनल हाईवे- 130 पर टायर जलाकर चक्काजाम कर दिया। इससे आवागमन बाधित हो गया। सूचना पर सहायक उप निरीक्षक अरुण गुप्ता अपनी टीम के साथ रजपुरी कला पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर चक्काजाम खत्म कराया। इसके बाद आवागमन बहाल हो सका।
BREAKING : कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता ने दिया पार्टी से इस्तीफा...बताई यह वजह
रायपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अरविंद नेताम ने AICC और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है।
बता दें कि अरविंद नेताम इंदिरा और नरसिम्हा सरकार में मंत्री रह चुके हैं।आने वाले दिनों में सर्व आदिवासी समाज से चुनाव लड़ने के आसार है।
क्या लिखा है पत्र में:
अरविंद नेताम ने अपने पत्र में लिखा है कि, "मैं कांग्रेस पार्टी का क्रियाशील सदस्य हूं। 5 वर्ष पूर्व तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस में वापस आकर अपने अनुभव से पार्टी को मजबूती प्रदान करने का हमेंशा प्रयास किया, लेकिन प्रदेश नेतृत्व के असहयोग रवैये के कारण मुझे निराशा हुई।"
उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा है कि, "प्रदेश नेता तो राज्य में आदिवासी समाज के लिए बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर को द्वार प्रदान सवैधानिक अधिकारों के विपरीत काम करते तथा पैसा कानून 1996 में आदिवासी समाज को जल जंगल, जमीन में ग्राम सभा के अधिकारों को समाप्त कर दिया गया है। इस प्रकार आदिवासी विरोधी सरकार से मुझे हमेशा मार्गदर्शन एवीएन आशीर्वाद मिल रहा है, उसके लिए पार्टी का आभार व्यक्त करता हूं।"

विश्व आदिवासी दिवस की थी इस्तीफा देने की घोषणा:
वहीं, अपने इस्तीफा को लेकर बीते दिन बुधवार को सर्व आदिवासी समाज द्वारा इंडोर स्टेडियम में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में अरविंद नेताम ने कहा था कि, मुझे अभी तो यह पता ही नहीं है कि मैं कांग्रेस का सदस्य हूं या नहीं यह कांग्रेस वाले बताएंगे। फिर भी मेरा इस्तीफा तैयार है। कल मैं एआईसीसी को अपना इस्तीफा भेज दूंगा।
बढ़ती महंगाई से मिली राहत, टमाटर के दामों में आई भारी गिरावट, अब खरीद सकते हैं इतने रुपए में
रायपुर। देश में पिछले कई दिनों से टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। कई राज्यों में 200 रुपए से पार बिक रहे हैं। टमाटर के बढ़ते दामों से आम लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इसी बीच अच्छी खबर निकलकर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में टमाटर के दामों में गिरावट आई है।आज रायपुर के थोक बाजारों में टमाटर के दाम 70 रुपए में बिक रहे हैं। तो वहीं रिटेल में इनके दाम 90 से 100 रुपए प्रति किलो हैं। टमाटर के बढ़ते दामों के बीच आज रायपुर वासियों को राहत की सास ली है। कई राज्यों में बारिश की वजह से टमाटर की खेती में काफी नुकसान हुआ है। जिसकी वजह से टमाटर के दामों में इजाफा देखने को मिला था, लेकिन अब टमाटर का आवक बढ़ने से दाम में गिरावट आई है।
आदिवासी सम्मान की बात न करे भाजपा : कांग्रेस
आदिवासी दिवस के दिन ही आदिवासी अध्यक्ष को हटाया था : बैज
रायपुर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपाईयों के मुंह से आदिवासियों के हित की बात आदिवासी समाज के जले पर नमक छिड़कने के समान है, जो भाजपा विश्व आदिवासी दिवस के दिन अपने आदिवासी अध्यक्ष को अपमानपूर्वक पद से हटा देती है। जिस भाजपा में प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय को घुटन महसूस हो रही थी, वह भाजपा किस नैतिकता से आदिवासी सम्मान की बात कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल के दौरान आदिवासी वर्ग पर अत्याचार हुआ है, शोषण हुआ है, निर्दोष आदिवासियों को जेल में बंद किया गया है। 15 साल में हजारों आदिवासी अपने पैतृक स्थान को छोड़कर पलायन करने मजबूर हुए हैं, दर्जनों गांव उस दौरान वीरान हुआ है। भाजपा कल भी आदिवासी विरोधी थी, आज भी आदिवासी विरोधी है इसलिए अपने राजनीतिक हवस को पूरा करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष झूठ बोल रहे है।
जस्टिस पटनायक आयोग की रिपोर्ट रमन सरकार के दौरान हजारों निर्दोष आदिवासियों को फर्जी मामलों में बंदी बनाने के कुत्सित प्रयास को प्रमाणित करता है। एसपी की शहादत, कलेक्टर का अपहरण, सारकेगुड़ा, एड़समेटा, पेद्दागेलूर की घटना, मिडिल स्कूल के छात्र सोनकू और बिजलू की हत्या, मदनवाड़ा की घटना, झालियामारी में नाबालिक बच्चियों से बलात्कार, मीना खलको, मड़कम हिड़मे से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, आज भी छत्तीसगढ की जनता भूली नहीं है। कांग्रेस सरकार में तो न्याय मिल रहा है, फर्जी प्रकरणों में सैकड़ो निर्दोष आदिवासियों की रिहाई हुई है। सभी को न्याय मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी उत्पीड़न का दौर भाजपा की रमन सरकार के साथ ही चला गया। राज्य में भाजपा की रमन सरकार के दौरान आदिवासियों की डायरिया, मलेरिया और हिंसक घटनाओं में मौते होती थी, कांग्रेस की सरकार बनने के बाद आदिवासियों की सुरक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास के द्वार कांग्रेस सरकार ने खोले। आदिवासियों के लोकतांत्रिक अधिकार कांग्रेस के राज में बहाल किये गये, बस्तर में रमन राज में बंद कर दिये गये 300 से अधिक स्कूलों को कांग्रेस सरकार ने शुरू किया। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीने वापस कर कांग्रेस सरकार ने नया विश्वास पैदा किया। आदिवासियों के महत्वपूर्ण साधन तेंदूपत्ता के मानदेय की राशि 2500 से बढ़ाकर 4000 रू. कर दिया गया। बस्तर कनिष्ठ चयन बोर्ड एवं बस्तर बटालियन के गठन से आदिवासी युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ। भाजपा के राज में 7 वनोपज की खरीदी होती थी, कांग्रेस सरकार ने 62 वनोपजो की खरीदी शुरू किया। 15 साल तक बस्तर, सरगुजा के आदिवासी डायरिया, मलेरिया से मरते थे, कांग्रेस के राज में हाट बाजार क्लीनिक से उनको इलाज की सुविधा देकर इसमें शत प्रतिशत कमी का लक्ष्य हासिल किया गया। नड्डा 15 साल के भाजपा के राज में आदिवासी समाज की उपेक्षा और शोषण के लिये प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिए।
मोदी सरकार ने जनजातीय विकास के लिए 15 हजार करोड़ का पैकेज दिया : बृजमोहन
विश्व आदिवासी बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक अग्रवाल
रायपुर । पूर्व मंत्री एवं रायपुर दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, बस्तर के क्रांतिकारी शहीद डेबरी धुर, शहीद गेंद सिंह, शहीद वीर गुंडाधुर, शहीद वीर झाड़ा सिरहा जैसे वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान के कारण हम आजाद भारत में रह रहे हैं।
विधायक अग्रवाल बुधवार को विश्व आदिवासी बलिदान दिवस पर गोवर्धन चौक, डॉ. राजेन्द्र नगर रायपुर एवं गोंडवाना भवन टिकरापारा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने सम्बोधन की शुरुआत सेवा जोहार और विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाओं से करते हुए उन्होंने कहा कि बूढ़ादेव की आरती कर महुआ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
बृजमोहन ने जनजातीय समाज के लिए भाजपा के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने गरीब परिवार में जन्म लेने वाली आदिवासी बेटी को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर प्रतिष्ठित कर आदिवासी समाज को गर्व की अनुभूति का अवसर दिया।उन्होंने कहा कि पहले आदिवासी समाज के विकास एवं कल्याण के लिए करीब 3,850 करोड़ रुपये का केन्द्रीय बजट होता था, लेकिन नरेन्द्र मोदी की सरकार में ये बजट लगभग ढाई गुना बढ़कर 15000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस राशि से स्वास्थ्य, स्वच्छ जल, स्वच्छता, शिक्षा, बुनियादी ढांचें के क्षेत्रों में जो कमजोर जनजातियों को सहायता प्रदान करेगा और उन्हे स्थायी आजीविका के अवसरों के साथ सशक्त भी करेगा
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से लिपिकीय त्रुटि के कारण संविधान में मिलने वाले अधिकारों और लाभों से वंचित 24 से अधिक जनजातियों को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल किया गया है। आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम सिर्फ और सिर्फ भाजपा ने किया।उन्होंने सवाल किया कि..क्यों किसी राजनीतिक दल को इस बात की याद नहीं आई कि जनजाति गौरव दिवस मनाना चाहिए? क्यों किसी राजनीतिक दल को भगवान बिरसा मुंडा की याद नहीं आई? भाजपा नीत केन्द्र सरकार के कार्यकाल में सबसे पहले जनजातीय विकास मंत्रालय का गठन किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर 27 नेशनल ट्राइबल संस्थान बनाए गए। पीएम आवास योजना, उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत अभियान जैसी योजनाओं से हमारे आदिवासी भाई विशेष रुप से लाभान्वित हुए हैं।
भाजपा की सरकार ने समूचे आदिवासी क्षेत्रों में विकास के कीर्तिमान स्थापित किए थे। जनजाति क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछा, मुफ्त चावल, नमक जैसी योजना ने जीवन स्तर को बदलने का काम किया। धान खरीदी के इंतजामों की दुनिया भर में प्रशंसा हुई। तेंदूपत्ता से लेकर सभी वनोपजों की खरीदी समेत तमाम योजनाएं बनायी गयी और उन्हे जमीनी स्तर पर लागू करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गयी।