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छत्तीसगढ़ में कहीं जमकर बरसे बादल तो कहीं बारिश का इंतजार, बलरामपुर में 73% ज्यादा तो बेमेतरा में 40% कम बारिश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन बारिश का मिजाज काफी असमान रहा है। प्रदेश के कुछ जिलों में सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि कई इलाकों में मानसून की बेरुखी देखने को मिली है। प्रदेश के औसत आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल बारिश सामान्य के करीब है, लेकिन जिलेवार स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया है।

1 जून से 4 सितंबर 2026 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 949.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में सामान्य वर्षा का आंकड़ा करीब 972.7 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 2 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि राज्य के औसत आंकड़े से यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि हर जिले में बारिश की स्थिति एक जैसी रही है।
 
बलरामपुर में सामान्य से 73 फीसदी ज्यादा बारिश
 
बारिश के आंकड़ों में सबसे ज्यादा अंतर बलरामपुर और बेमेतरा जैसे जिलों में देखने को मिला है। बलरामपुर में सामान्य बारिश की तुलना में 73 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार अच्छी बारिश से यहां कई इलाकों में जल स्रोतों और खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहने की स्थिति है।
इसके उलट बेमेतरा में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में कम बारिश वाले क्षेत्रों में खेती और जल स्रोतों को लेकर चिंता बनी रह सकती है।
 
जिलेवार बारिश क्यों है इतनी अलग?
मौसम का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं होता। किसी इलाके में कम समय में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ दूरी पर स्थित दूसरे जिले में बादलों की मौजूदगी के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं होती।
छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति, स्थानीय मौसम प्रणालियां, हवा की दिशा और मानसूनी गतिविधियों के कारण बारिश का वितरण अलग-अलग क्षेत्रों में बदलता रहता है। इसलिए पूरे प्रदेश की औसत बारिश को देखकर किसी एक जिले की स्थिति का सही आकलन करना मुश्किल होता है।
 
किसानों के लिए आने वाले दिनों की बारिश अहम
 
मानसून की बारिश का सीधा संबंध खरीफ फसलों से है। फसल के अलग-अलग चरणों में मिट्टी में पर्याप्त नमी होना जरूरी होता है। जिन इलाकों में बारिश सामान्य से कम हुई है, वहां आने वाले दिनों में होने वाली बारिश खेती के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। वहीं जिन क्षेत्रों में पहले ही सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हो चुकी है, वहां अत्यधिक वर्षा होने पर खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी रहती है।
औसत आंकड़ा सामान्य, लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग
छत्तीसगढ़ की इस मानसूनी स्थिति से एक बात साफ होती है कि सिर्फ राज्य का औसत बारिश आंकड़ा पूरी तस्वीर नहीं बताता। प्रदेश में कुल बारिश सामान्य के आसपास होने के बावजूद अलग-अलग जिलों में अधिक बारिश और बारिश की कमी, दोनों स्थितियां एक साथ मौजूद हैं।
अब मानसून के बाकी दिनों में होने वाली बारिश पर किसानों, जल संसाधन विभाग और प्रशासन की नजर रहेगी। खासकर कम बारिश वाले जिलों के लिए आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता महत्वपूर्ण होगी।

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