छत्तीसगढ़
नशीली सिरप की तस्करी करते दो तस्कर गिरफ्तार, वाहन समेत 14 लाख रुपए सामान बरामद…
सक्ती। जिले की पुलिस ने नशीली सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ दिया है. पुलिस ने करीब 14 लाख 32,000 रुपए का नशीली सिरप बरामद किया है
पुलिस को लगातार क्षेत्र में नशीली सिरप बिक्री की सुचना मिल रहा था। जिले के विशेष पुलिस टीम को गिरोह तक पहुंचने में जुटी हुई थी. गुरुवार को मुखबीर से सूचना मिला की एक ट्रक के अंदर में अवैध रूप से नशीली दवाई (कप सिरफ) रखकर कोरबा की ओर से निकलकर सक्ती होते चांपा जा रहा है कि मुखबीर सूचना पर हमराह स्टाफ व गवाहों के मुखबीर के बताये स्थान पर रवाना होकर ग्राम डडाई (ठाकुर दिया तालाब के पास) रोड किनारे इंतजार करने लगे। गाड़ी आने पर उसे रोककर सवार व्यक्तियों से पूछताछ किया गया। ट्रांसपोर्ट सामान के अंदर छिपाकर प्लास्टिक के 36 नग बोरी प्रत्येक बोरी में दो-दो कार्टून और प्रत्येक कार्टून में 120-120 नग शीशी WINGS PHARMA 100-100ML लिखा हुआ मिला।
पुलिस को गाड़ी से 100ml की 8 हजार 640 सीसी नशीली सिरप कार्टून में पैक मिली. ट्रक चालक और तस्कर को मौके से गिरफ्तार कर थाना लाया गया। पुलिस आरोपियों के खिलाफ 20 बी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है. गिरोह का सरगना मोहम्मद तौसीफ उर्फ प्रिंस ओडिशा का रहने वाला है. वहीं वाहन चालक एवं मालिक कैलाश कुमार तिवारी बनारस का रहने वाला है।
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह में 7 पुलिसकर्मियों को मिलेगा वीरता पदक
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के 7 पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति के वीरता पदक देने की घोषणा की गई है। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह में वीरता पदक दिया जाएगा। आइपीएस अभिषेक पल्लव, आर आई वैभव मिश्रा, एस आई अश्वनी सिन्हा, एस आई यशवंत श्याम, एएसआई उसारू राम कुर्राम और इंस्पेक्टर उत्तम कुमार समेत शहीद एपीसी कृष्णपाल सिंह कुशवाह को मरणोपरांत वीरता पदक दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ पुलिस के सात पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति के वीरता पदक से 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों की घोषणा 26 जनवरी को की गई थी। पुलिस मुख्यालय ने सभी अधिकारियों को एक पत्र जारी कर 15 अगस्त को रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में उपस्थित करने का निर्देश दिया है।
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बता दें कि वीरता पदक सैन्य कर्मियों को खतरनाक परिस्थितियों में वीरता के कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है। और छ्त्तीसगढ़ के 7 पुलिस अधिकारियों इस पदक से नवाजा जाना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। वैभव मिश्रा अभी रायपुर पुलिस लाइन में निरीक्षक पद पर पदस्थ हैं। वहीं आइपीएस अभिषेक पल्लव फिलहाल दुर्ग से ट्रांसफर होने के बाद जिला कबीरधाम में पदस्थ हैं।
बलिदानी एसटीएफ प्लाटून कमांडर कृष्णपाल सिंह कुशवाह भी शामिल
बलिदानी कृष्णपाल सिंह कुशवाह छत्तीसगढ़ की झीरम घाटी में नक्सलियों से मुठभेड़ में बलिदान हो गए थे। बलिदानी कृष्णपाल सिंह ने वर्ष 1995 में भिलाई से एसएएफ ज्वाइन की थी। अभी वह एसटीएफ में एपीसी के पद पर थे।
CG TRANSFER NEWS : बड़ी संख्या में सूबेदारों का तबादला, पदोन्नति भी, देखें लिस्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में तबादले का सिलसिला लगातार जारी है, निरीक्षक और उप निरीक्षक के तबादले के बाद अब सूबेदारों के तबादले की सूची जारी कर दी गई है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में सूबेदारों को पदोन्नति कर निरीक्षक के पद पर नियुक्त कर नई पदस्थापना दी गई है।
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सूबेदारों की पदोन्नति का आदेश

सूबेदारों का तबादला आदेश

किसान आत्महत्या मामला...भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने 5 सदस्यीय जांच समिति का किया गठन
महासमुंद : आज महासमुंद जिला के खल्लारी विधानसभा के अंतर्गत ग्राम छुहिया के किसान “कन्हैया चंद्राकर 52 वर्ष” ने आत्महत्या कर ली है। इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव जी ने एक 05 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति संबंधित स्थान का शीघ्र दौरा कर इस विषय से संबंधित तथ्यों का अन्वेषण कर अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेगी।

समिति के सदस्य निम्नलिखित होंगे :-
1.ननकी राम कंवर, विधायक चुन्नी लाल साहू, सांसद- संयोजक
2 चुन्नी लाल साहू , सांसद -सदस्य
3. पवन साहू प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा-सदस्य
4. संदीप शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा-सदस्य
5. रूपकुमारी चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष महासमुंद-सदस्य
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के पदोन्नति एवं नवीन पदस्थापना आदेश जारी...देखे किसे मिली कहा की ज़िम्मेदारी
राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के पदोन्नति एवं नवीन पदस्थापना आदेश जारी।
राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के 35 अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी..!!
राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के 35 अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी।


बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ में IPS अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर, आदेश जारी
रायपुर: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस विभाग में तबादलों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में आईपीएस (IPS) अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। राज्य शासन ने 6 महानिरीक्षक के तबादले जारी किये है। आदेश जारी…

छत्तीसगढ़ कैबिनेट मंत्रियों के जिला प्रभार में बदलाव...आदेश जारी, देखे किसे मिली कहा की ज़िम्मेदारी
रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कैबिनेट मंत्रियों के जिला प्रभार में बदलाव किया गया है. जिसका आदेश सचिव डीडी सिंह ने जारी किया है. जारी आदेश के अनुसार, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को बेमेतरा और कबीरधाम का प्रभार दिया गया है. वहीं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को महासमुंद और बिलासपुर का प्रभार सौंपा गया है.
मंत्री रविंद्र चौबे को रायपुर औऱ रायगढ़, मंत्री मोहम्मद अकबर को दुर्ग औऱ बालोद, कवासी लखमा को बस्तर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव औऱ नारायणपुर का प्रभार दिया गया है.
इसके अलावा मंत्री शिवकुमार डहरिया को सरगुजा( अंबिकापुर) बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरबा, मंत्री अनिला भेड़िया को उत्तर बस्तर कांकेर और धमतरी, गुरू रूद्र कुमार को मुंगेली और सुकमा, मंत्री जयसिंह अग्रवाल को जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरावही और सक्ती, मंत्री उमेश पटेल को बलौदाबाजार-भाटापारा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ औऱ जशपुर का प्रभार दिया गया है.
वहीं मंत्री मोहन मरकाम को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर औऱ कोरिया, मंत्री अमरजीत भगत को राजनांदगांव, गरियाबंद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी की जिम्मेदारी दी गई है.
देखें आदेश की कॉपी-

भूपेश बतायें कि सिंहदेव झूठे हैं या कांग्रेस के प्रवक्ता : भाजपा
वादों के विरोधाभास पर नेता प्रतिपक्ष का मुख्यमंत्री से सवाल
रायपुर । विधानसभा नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कांग्रेस जन घोषणा पत्र के वादों की पूर्ति पर कांग्रेस के विरोधाभासी दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि जनता कांग्रेसी घोषणा पत्र के जनक और तीन महीने के उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के उस कबूलनामे को सच माने, जिसमें कहा गया है कि सिर्फ 12 वादे पूरे किए हैं। अथवा कांग्रेस प्रवक्ता के दावे को सत्य माने, जिसमें कहा गया है कि 36 में से 34 वादे पूरे किए जा चुके हैं। अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताना चाहिए कि उनके उप मुख्यमंत्री असत्य बोल रहे हैं या कांग्रेस के प्रवक्ता? सरकार झूठी है अथवा कांग्रेस?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस में किसी भी मामले में कभी एक राय रही नहीं। आज भी सत्ता के भीतर संघर्ष चल रहा है। उप मुख्यमंत्री ने सत्य बयान कर दिया कि पौने पांच साल में एक तिहाई वादे पूरे किए गए हैं तो मुख्यमंत्री को लगा कि इन्होंने सरकार की पोल खोल दी तब कांग्रेस के प्रवक्ताओं से गलतबयानी कराई गई कि लगभग सारे वादे पूरे हो गए। उप मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल के बयानों का विरोधाभास स्पष्ट कर रहा है कि चुनाव में जाते समय भी कांग्रेस झूठ और अंतर्कलह के दलदल में खड़ी है। अब यह अंतर्कलह इतनी बढ़ गई है कि झूठ बोलने में भी इनमें सामंजस्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संवाददाता सम्मेलन में बताया है कि उन्होंने जन घोषणा पत्र के 36 में से 34 वादे पूरे कर दिए हैं। अभी कुछ दिनों पहले विधानसभा सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने बाकायदा एक मीडिया इंटरव्यू में कबूल किया कि हमने 12 वादे पूरे किए हैं। 12 वादों पर कार्य हो रहा है और 12 वादों को हमने नहीं छुआ है। इस हिसाब से अब सरकार की चलाचली की बेला में जो एक तिहाई वादे पूरे करने का जो दिखावा किया गया है, उसके आगे बढ़ने की स्थिति में भूपेश बघेल सरकार नहीं है। जिन वादों पर काम चलना बताया जा रहा है, वे अधर में ही रहेंगे। जिन एक तिहाई वादों को कांग्रेस सरकार ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया है, वे छत्तीसगढ़ के आम लोगों, सरकारी मुलाजिमों और महिलाओं, बुजुर्गों के साथ साथ छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी से जुड़े महत्वपूर्ण वादे हैं। शराबबंदी का वादा तो सामाजिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है। नियमितीकरण का वादा लाखों कर्मचारियों के परिवार से जुड़ा है।
नेता प्रतिपक्ष चंदेल ने कहा कि मेरी कांग्रेसियों को राय है कि कम से कम झूठ बोलने के मामले में एक राय होकर बयान दें। क्योंकि जन घोषणापत्र की सच्चाई तो जनता जानती है कि शराबबंदी की बात करें, नियमितीकरण की बात करें, संपत्ति कर आधा करने की बात करें, गजराज परियोजना की बात करें या और भी इनके वादों की बात करें, वादे पूरे नहीं हुए हैं। जो वादे पूरे करने के दावे किए गए हैं, उनकी सच्चाई भी किसी से छुपी नहीं है। हर वादे के साथ कांग्रेस की धूर्तता और धोखेबाजी चिपकी हुई है।
कांग्रेस जो कहती है पूरा करती है, भाजपा का काम धोखा देना : धनंजय
अब तक पूरा किये 34 वादों की सूची रमन सिंह, अरुण साव, नारायण चंदेल को भेजी
रायपुर । प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के नेता कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर गुमराह कर रहे हैं, झूठ बोल रहे हैं, वादाखलाफी का मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के निवास के पते पर कांग्रेस सरकार में 34 वादों के पूरा होने की सूची और साथ में भाजपा के 2003, 2008, 2013 के झूठ का पुलिंदा को लिफाफा में बंद करके भेज रहे है। ताकि भाजपा के नेता कांग्रेस के घोषणा पत्र और अपने घोषणा पत्र को ईमानदारी से पढ़ें और आत्म अवलोकन करें किस प्रकार जनता से किए वादे को पूरा किया जाता है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार जो कहती है उसको पूरा करती है, कांग्रेस ने 2018 के घोषणा पत्र में 36 बिंदुओं को समाहित किया था। सरकार बनने के बाद अब तक घोषणा पत्र के 34 वादों पर कांग्रेस की सरकार पूर्णता काम की है जिससे प्रदेश की जनता खुशहाल हुई है और बचे दो बिंदुओं को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। कांग्रेस सरकार में चलाए जा रहे योजना के लाभार्थी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, अरुण साव सहित भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता है लेकिन दलीय प्रतिबद्धता के चलते भाजपा के बड़े नेता जनता के बीच झूठ बोल रहे हैं, गुमराह कर रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर झूठ बोलने वाले भाजपा नेताओं को आईना दिखने यह घोषणा पत्र भेजा गया है। इस दौरान मनी वैष्णव, विकास विजय बजाज, सत्यप्रकाश सिंह, ऋषभ चंद्राकर, सुजीत गिधोले मौजूद थे।
मुख्यमंत्री नवमतदाता सम्मेलन का ढोंग करते है, अनुशांगिक संगठन आतंक फैलाते है : भाजपा
रायपुर । पं. रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में स्थित पं.दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में नवमतदाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति रही। आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ता उपस्थित थे, लेकिन किसी वजह से आदत से मजबूर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओ का तेवर गर्म हो गया और वे गुंडागर्दी में उतारू हो गए। मामला इतना बढ़ गया की उन्होंने कांच की साज सज्जा से बने दरवाजे तक को तोड़ दिया। आनन फानन में कर्मचारियों ने उसे साफ करवाया ताकि अन्य किसी प्रकार की हानी से बचा जा सके। साथ ही एनएसयूआई कार्यकर्ता पुलिस से अभद्रता भी करने लगे। पुलिस ने एनएसयूआई के कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया है।
इस पर भाजपा जिला अध्यक्ष जयंती पटेल ने कहा की जब सैया भय कोतवाल तो डर काहे का। कांग्रेस शासन काल में जहां अपराध चरम पर वही कांग्रेस के कार्यकर्ता सत्ता का दुरुपयोग करने में आमादा है। कभी बीच चौराहे में पुलिस वालो को धमकाया जाता है की हमारे चाचा महापौर है और पुलिस विभाग कार्यवाही करने जगह 500₹ के चालान में मामला रफा दफा कर देती है। तो कही कांग्रेस के नेता गुंडों को थाने से छुड़ा कर ले जाते है और पुलिस तमाशबीन बनकर देखती है। कुल मिला के अंधेर नगरी चौपट राजा वाली स्थिति है। जब मुख्यमंत्री की उपस्थिति वाले कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी चरम पर उजागर होती है तो धरातल पर वस्तुस्थिति और भी बदतर होगी। प्रदेश में अपराधियों को खुला संरक्षण प्राप्त है, या यूं कहा जाए की अपराधियों को ही कांग्रेस ने पद और दायित्व दे रखा है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं। शहर भर के तमाम गैरकानूनी कृत्यों को कांग्रेसी नेताओ का संरक्षण प्राप्त है। हमारा मानना है की पुलिस प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी तन्मयता और ईमानदारी से करना चाहिए, न की किसी के दबाव में। भाजपा के जनप्रतिनिधि जब जनसमस्याओं का ज्ञापन देने जाते है तो उन्हें रोकने पुलिस प्रशासन पूरी ताकत झोंक देता है। सत्तासीन नेताओ के इशारे पर बलपूर्वक आंदोलनों के दमन का प्रयास करता है। यदि पुलिस यही ताकत और तन्मयता ईमानदारी के साथ कानून का राज स्थापित करने में लगाती तो शहर और प्रदेश की स्थिति बेहतर होती। छत्तीसगढ़ अपरधगढ़ बनने से बच जाता। कांग्रेसी ध्यान रखें आपका पॉवर और सत्ता बहुत दिन की नही है। जल्द ही प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होगा। शांति , सुरक्षा और कानून का राज आएगा भाजपा का राज आएगा। भाजपा की सरकार बनते ही कानून व्यवस्था बहाल करना हमारा पहला लक्ष्य होगा। चाहे प्रदेश में शांति स्थापित करने हमे भी बुलडोजर का प्रयोग क्यों ना करना पड़े।
कांग्रेस पार्टी और उसके मुख्यमंत्री यदि इस मुगालते में है की प्रायोजित भेंट मुलाकात करके वे युवाओं को फिर से छलने का जाल बिछा लेंगे तो वे गलत है। कल युवाओं ने कांग्रेस की असलियत अपने आंखो से देखी है। प्रदेश का शिक्षित युवा प्रदेश में युवाओं के भविष्य की दुर्दशा रोजाना देख रहा है और 3 माह बाद वह अपनी ताकत दिखाएगा। कांग्रेस के खिलाफ मतदान कर सुशासन वाली भाजपा सरकार बनाने में अपना योगदान देगा।
किसान प्रणाम योजना नया धोखा, मोदी सरकार आदतन किसान विरोधी : कांग्रेस
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपा किसानों को गुमराह कर रही है। किसान प्रणाम योजना किसानों के साथ नया धोखा है। हकीकत यह है कि केंद्र की किसान विरोधी, उद्योगपति हितैषी मोदी सरकार किसानों के साथ लगातार छल कर रही है। न तो किसानों को वादे के मुताबिक लागत का दोगुना मूल्य मिल रहा। न ही केंद्र सरकार ने कृषि और किसान हित में कोई कदम उठाए। उर्वरको की सब्सिडी खत्म करने जैविक खाद के प्रमोशन का षडयंत्र किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है क्योंकि यहां किसानों की सरकार है। किसानों ने भाजपा को ठुकराकर कांग्रेस को चुना है। मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों से राजनीतिक प्रतिशोध निकाल रही है। छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ किसान सम्मान निधि में भेदभाव किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के किसानों को रासायनिक खाद के लिए तरसाया जा रहा है। केंद्र सरकार यहां के किसानों की जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं करा रही। छत्तीसगढ़ का कोटा कम किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों की समृद्धि में बाधक बनी हुई है। मोदी सरकार नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को राहत देने के नाम पर जो ताजा ढोंग किया है, उसका छत्तीसगढ़ के अन्नदाता को कोई लाभ नहीं मिलने वाला। प्रदेश भाजपा छत्तीसगढ़ के किसानों को भ्रमित कर वाहवाही लूटने की व्यर्थ कोशिश कर रही है। छत्तीसगढ़ के किसान अच्छी तरह वाकिफ हैं कि 15 साल तक भाजपा की राज्य सरकार ने किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया है और 9 साल से भाजपा की मोदी सरकार भी यही कर रही है। भाजपा किसानों को पूंजीपतियों का बंधुआ बनाने के लिए ही तीन काले कानून लेकर आई थी। कांग्रेस ने भाजपा की साजिश को बेनकाब किया और किसानों का साथ देकर उन काले कानूनों को वापस लेने मजबूर किया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ भाजपा की मोदी सरकार अन्याय कर रही है। कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने किसानों के साथ न्याय किया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिये किसानों को 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का समर्थन मूल्य दिया। अन्य उपज और वनोपज का अधिक दाम दिया। वनोपज खरीदी का दायरा बढ़ाया ताकि किसानों और वनवासियों के जीवन में खुशहाली आये। भाजपा की केंद्र सरकार ने इसमें अड़ंगा लगाकर अपने असल चरित्र का प्रमाण दिया।
रमन राज की अपेक्षा कांग्रेस राज में महिलायें ज्यादा सुरक्षित : कांग्रेस
सुकमा की घटना को भाजपा मणिपुर की जघन्य घटना से ध्यान भटकाने उपयोग करना चाह रही : सुशील
रायपुर । सुकमा पोटा केबिन में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना पर भाजपा स्तरहीन और असंवेदनशील राजनीति कर रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा इस घटना को मणिपुर की घटना से ध्यान भटकाने के लिये उपयोग करना चाह रही जो भाजपा के घृणित मानसिकता का परिचायक है। घटना जैसे ही सामने आई तत्काल एफआईआर दर्ज किया गया, घटना के अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया। दोषी छात्रावास अधीक्षिका पर भी पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कांग्रेस के राज में अपराधियों पर पर्दा नहीं डाला जाता है। अब अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही होती है। मासूम बच्ची के साथ हुई घटना पर स्तरहीन राजनीति करने वाली भाजपा को रमन सरकार के 15 सालों को देखना चाहिए जब प्रदेश में हर रोज तीन बलात्कार की घटना होती थी हर तीसरे दिन एक सामूहिक दुष्कर्म की घटना होती थी।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब भाजपा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल का बेटा आदिवासी बेटी के साथ दुराचार कर फरार हो जाता है तो समूची भाजपा उसके बचाव में जुट जाती है। भानुप्रतापपुर में पॉक्सो एक्ट और मासूम बच्ची के साथ दुराचार के आरोपी को प्रत्याशी बना कर पूरी भाजपा उसके प्रचार में घूमती है। दिल्ली में भाजपा का सांसद बृजभूषण सिंह पर पांच, छः महिला पहलवान यौन शोषण का आरोप लगाती है भाजपा उनका बचाव करती है। बृजभूषण पर कार्यवाही नहीं होती है।
उन्होंने कहा कि जनता भाजपा राज में महिलाओं पर हुये अत्याचार को भूली नहीं है। इसी प्रदेश में झलियामारी जैसे कांड और आमाडोला जैसे कांड हुये थे। रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते उनके ओएसडी ओपी गुप्ता पर नाबालिक से बलात्कार का आरोप लगा। चार साल तक एफआईआर दर्ज नही होने दिया गया। इसी राजधानी में छत्तीसगढ़ की महिला सिपाही का दुराचार हो जाता है और एक हफ्ते तक एफआईआर नहीं होती। राजधानी रायपुर में सूदखोरों के गुर्गो ने कर्जदार की बीवी के साथ आटो में घुमा कर दुराचार किया और रिपोर्ट दर्ज करने के लिये उसे हफ्तों घुमना पड़ा। इसी प्रदेश से 27 हजार से अधिक बच्चियां गायब हो गयी थी तब भाजपा की सरकार थी। रमन भाजपा सरकार के समय पीड़िता को न्याय मिलना दूर की बात उनकी शिकायत ही दर्ज नही होती थी।
BREAKING : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल...कई जिलों के बदले गए इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर...देखें जंबो लिस्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर निरीक्षक और उप निरीक्षकों का तबादला हुआ है. 66 निरीक्षक और 533 उप निरीक्षकों का तबादला किया गया है. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर छत्तीसगढ़ गृह विभाग ने आदेश जारी किया है.
देखिए निरीक्षकों की सूची-
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देखिए उप निरीक्षकों की लिस्ट
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मासूम बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है कांग्रेस सरकार : रंजना साहू
एर्राबोर में हुई घटना के बाद सहमे अभिभावक छात्रावास से बच्चों को निकाल रहे है
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता व विधायक रंजना साहू ने सुकमा जिले के एर्राबोर में 5 वर्ष की मासूम छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म की वारदात में पारदर्शी जांच करके आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित बच्ची व उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। श्रीमती साहू ने कहा कि इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद परिस्थितियां और वास्तविकता इस बात का साफ संकेत कर रही है कि आरोपियों की संख्या ज्यादा थी। श्रीमती साहू गुरुवार को एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा कर रही थीं।
सुकमा जिले के एर्राबोर थाना क्षेत्र के पोटाकेबिन आदिवासी बालिका छात्रावास में पहली कक्षा की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म मामले की जांच हेतु गठित भाजपा के 5 सदस्यीय जांच दल ने एर्राबोर पहुंचकर तथ्यों की जांच और विश्लेषण किया। जांच समिति की संयोजक विधायक श्रीमती साहू थीँ और दल में भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य लता उसेंडी, प्रदेश मंत्री ओजस्वी मंडावी महिला, मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत व प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य सुधीर पांडे शामिल थे। एर्राबोर के घटनास्थल से लौटने के बाद राजधानी के पत्रकारों को श्रीमती साहू ने बताया कि पोटाकेबिन में घटित दुष्कर्म की यह घटना दिल दहलाने वाली है और छत्तीसगढ़ महतारी को शर्मसार करने वाली है। श्रीमती साहू ने कहा कि जांच दल को घटनास्थल तक पहुंचने और छात्रावास में जाने से रोकने के प्रशासन ने पूरे इंतजाम किए थे। जांच दल को न तो पीड़ित बच्ची व उसके माता-पिता से और न ही छात्रावास में रह रही अन्य छात्राओं से मिलने दिया जा रहा था। बावजूद इसके हमने छात्राओं से मुलाकात की। छात्राओं से चर्चा के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं उससे यह संकेत मिल रहा है कि घटना में एक से अधिक आरोपी हैं और यह सामूहिक दुष्कर्म का मामला है।
जांच दल की संयोजक व विधायक श्रीमती साहू ने कहा कि बालिका आदिवासी छात्रावास पर अन्य पुरुषों का प्रायः आना-जाना लगा रहता है। आखिर बालिका छात्रावास में पुरुषों को प्रवेश करने क्यों दिया जाता है? श्रीमती साहू ने कहा कि छात्रावास की स्थिति दयनीय है। यहाँ एक कमरे में 40-50 बच्चियों के रहने, सोने, खाने- पीने और पढ़ने की व्यवस्था रखी गई है। जिस शिक्षिका को इन बच्चियों की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर होना था, वह भी नहीं थी। श्रीमती साहू ने बताया कि 500 की क्षमता वाले इस छात्रावास में 440 बच्चियां रह रही है लेकिन दुष्कर्म की इस भयावह घटना के बाद काफी संख्या में अभिभावकों ने अपनी बच्चियों को वहां से निकाल लिया है। छात्रावास में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं दिखा, कोरोना काल से पत्र व्यवहार करने के बावजूद अब तक वहां किसी महिला होमगार्ड को पदस्थ नहीं किया गया है। कुल मिलाकर आदिवासी बच्चियां पूरी तरह असुरक्षित हाथों में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत इस मामले को दबाने और आरोपियों को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रावास की अधीक्षिका व सहायक अधीक्षिका का केवल निलंबन ही पर्याप्त नहीं, उन पर भी एफआईआर हो और उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। पत्रकार वार्ता में घटना के संबंध में जानकारी देते समय श्रीमती साहू अत्यंत भावुक हो गईँ और रुंधे गले से उन्होंने बताया कि यह घटना दरिंदगी और हैवानियत की इंतिहा हैं। पीड़ित बच्ची घटना के बाद दर्द से परेशान हैं और लघु शंका निवारण तक करने में उसको बेहद परेशानी हो रही है। श्रीमती साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार की आंखों की शर्म मर चुकी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा पर कटाक्ष करते हुए श्रीमती साहू ने कहा कि गैर कांग्रेस शासित राज्यों में इस तरह की घटनाओं पर तो वह पूरा प्रदेश सिर पर उठा लेती हैं, पर अब छत्तीसगढ़ के इस मामले पर वह अभी तक खामोश क्यों बैठी हैं? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है तो क्या कांग्रेस महासचिव के नाते मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जवाब तलब करना उन्हें जरूरी नहीं लगता?
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। प्रदेश सरकार हाथ-पर-हाथ धरे बैठी है मुख्यमंत्री बघेल सार्वजनिक मंचों और विधानसभा में तो बातें बड़ी-बड़ी करते हैं 'हमर बेटी - हमर अभिमान' के जुमले उछालते हैं, अब वह बताएं कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियां कहीं भी सुरक्षित क्यों नहीं है? मंत्री संवेदनहीनता का प्रदर्शन करके घटना के बाद फीता काटने में मशगूल थे। नाचा-गम्मत में मशगूल रहने वाले मंत्री को पीड़ित बच्ची और उसके माता-पिता से मिलने प्रशासन को जांच के लिए निर्देश देने की फुर्सत नहीं मिली। यह इस सरकार की बेशर्मी का प्रमाण है। श्रीमती साहू ने कहा कि मंत्री खुद ही इस मामले को दबाने और आरोपी को बचाने के प्रयास में लगे रहे। छात्रावास अधीक्षिका और प्रशासन ने इस घटना को मीडिया से छिपाने का शर्मनाक प्रयास किया। ऐसी सरकार और उसकी ऐसी प्रशासनिक मशीनरी को तो चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। श्रीमती साहू ने दोरनापाल में हाल ही 3 वर्ष की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और एक आदिवासी बच्ची को मारकर उसकी लाश घर के दरवाजे पर फेंकने और नारायणपुर से मानव तस्करी के खुलासे का जिक्र करते हुए पुलिस प्रशासन पर भी सवाल दागे। श्रीमती साहू ने सवाल किया कि इस मामले में अब तक मुख्यमंत्री, गृह मंत्री व बस्तर के मंत्री का कोई बयान क्यों नहीं आया? इसका साफ इशारा यही है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। श्रीमती साहू ने कहा अनुसूचित जनजाति महिलाओं व बच्चियों के साथ घटित आपराधिक वारदातों में प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जबकि यौन उत्पीड़न व दुष्कर्म के मामले में छठे स्थान पर है। प्रदेश सरकार गाहे-बगाहे छत्तीसगढ़ महतारी की दुहाई देती है, आज वही छत्तीसगढ़ महतारी प्रदेश की माताओं और बेटियों की असुरक्षा व दुर्दशा पर शर्मसार है। श्रीमती साहू ने कहा कि जांच दल को रोकने की तमाम सरकारी कोशिशों के बावजूद जांच दल ने सत्य और तथ्य जुटाए हैं और प्रदेश सरकार के निकम्मेपन के सच से हम पूरे प्रदेश को वाकिफ कराएंगे।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, नगर निगम रायपुर की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे एवं महिला मोर्चा की प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ किरण बघेल मौजूद रही।
स्थानीय वैद्यों की पहचान कर औषधीय जड़ी-बूटियों को संरक्षित करें : नंद कुमार साय
बैठक में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष ने वनौषधि पार्क बनाने पर दिया जोर
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष डॉ. नंद कुमार साय ने बुधवार को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर काम-काज की समीक्षा की। बैठक में डॉ. साय ने कहा कि प्रदेश के स्थानीय वैद्यों की पहचान कर औषधीय जड़ी-बूटियों को संरक्षित करने के लिए कार्य योजना तैयार किया जाए। उन्होंने औद्योगिक विकास के तहत छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड से समन्वय कर वनौषधि पार्क बनाने पर भी जोर दिया। बैठक में मरवाही विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य श्रीमती अर्चना पोर्ते, कलेक्टर श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, वन मंडलाधिकारी सत्यदेव शर्मा, एसडीएम पेंड्रारोड पुष्पेंद्र शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
सीएसआईडीसी के अध्यक्ष डॉ. साय ने कहा कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला वन और आदिवासी बाहुल्य जिला है, यहां वनौषधि जड़ी-बूटियों की कमी नहीं है। उन्होने औद्योगिक विकास के तहत वनौषधि पार्क भी प्रस्तावित करने कहा। डॉ साय ने औषधीय जड़ी-बूटियों के गुणों के बारे में अपने स्वयं के अनुभव भी साझा किए। उन्होने हड्डी जोड़, जहरीले सांप, बिच्छु का विष उतारने, पीलिया खत्म करने आदि के बारे में बताते हुए कहा कि जड़ी बूटियों के जानकार वैद्यों कि पहचान करें और वनौषधि पार्क बनाने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि अश्वगंधा, गिलोय आदि वनौषधियों का प्रभाव काफी कारगर है। वनौषधियों के उपयोग से किसी तरह का दुष्प्रभाव भी नहीं होता है।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया ने बताया कि जिले में लेमन ग्रास की खेती के साथ ही औषधीय पौधों के संरक्षण के लिए मरवाही विकासखंड के ग्राम पथर्रा, सेखवा एवं मड़ई के 10 महिला स्व सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया गया है। औषधीय पौधों की खेती के लिए केंवची क्षेत्र में भी कार्य योजना प्रस्तावित है
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पहले जिले में 31 अक्टूबर 2000 तक 749 सूक्ष्म, लघु उद्योग पंजीकृत थे, जिसमें 94.82 लाख का निवेश एवं 1508 व्यक्ति रोजगार में नियोजित थे। राज्य गठन 1 नंवबर 2000 से 31 मार्च 2020 तक 380 पंजीकृत सूक्ष्म, लघु उद्योग जिसमें निवेश राशि 36 करोड़ 66 लाख 69 हजार और 1833 लोग उद्योगों में नियोजित है। 1 अप्रैल 2020 से 28 अप्रैल 2023 तक 21 उद्योग उत्पादन प्रमाण पत्र प्राप्त हैं, जिसमें 18 करोड़ 39 लाख 20 हजार पूंजी निवेश एवं 196 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ है। इन पंजीकृत उद्योगों में मुख्यतः हॉलर एण्ड फ्लोर मिल, राईस मिल, फेब्रीकेशन, ईंट निर्माण, बर्तन निर्माण, ऑयल एण्ड फ्लोर मिल, फ्लाई एश ब्रिक्स, एल्युमिनियम प्रोडक्ट, आरसीसी पोल, हर्बल प्रोडक्ट, फिनाईल आदि इकाईयां संचालित है। इसके साथ ही नई औद्योगिक नीति 2019-2024 के तहत जिले में 301 प्रस्तावित नये इकाईयों ने उद्यम आकांक्षा प्राप्त किया है, जिसमें 85 करोड़ 94 लाख 62 हजार रूपए का पूंजी निवेश एवं 1234 लोगों के लिए रोजगार प्रस्तावित है।
AIIMS रायपुर में नए निदेशक की नियुक्ति...डॉ. अजय सिंह को मिली जिम्मेदारी
रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह को रायपुर एम्स के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रो. सिंह एक बाल चिकित्सा आर्थोपेडिक सर्जन और आपातकालीन चिकित्सा में अग्रणी हैं।



