छत्तीसगढ़ / रायपुर

राहुल गांधी के समर्थन में ‘मौन सत्याग्रह’ : अरुण साव बोले- संविधान और न्यायालय को नहीं मानती कांग्रेस

 रायपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस के ‘मौन सत्याग्रह’ पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि, जिस व्यक्ति ने पिछड़े वर्ग को गाली दी, उनका उपहास उड़ाया, उस व्यक्ति के लिए मौन धारण कर प्रदर्शन करना और उसे सत्याग्रह का नाम देना, पिछड़े वर्ग के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा कृत्य है। अरुण साव ने कहा कि, कांग्रेस का जो रवैया है, उससे यह पूर्णत: स्पष्ट है कि आज अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार रहती है तो वह राहुल गांधी की चाटुकारिता के लिए शायद आपातकाल लगाने से भी नहीं चूकती, जैसा कि इंदिरा गांधी के लिए लगाया गया था। कांग्रेस देश के संविधान और न्यायपालिका में विश्वास नहीं रखती। वह केवल एक परिवार को ही सब कुछ मानती है। देश की जनता भी इनकी प्राथमिकता में नहीं है।

श्री साव ने कहा कि, न्यायपालिका जिस पर सभी का भरोसा होता है, आज कांग्रेस उसके खिलाफ, उसके फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रही है। यह देश के संविधान का मजाक उड़ाने जैसा है। जनता अब यह मान रही है कि कांग्रेस गांधी परिवार के आगे देश के संविधान को भी नहीं मानती और न्यायपालिका की विश्वसनीयता को खंडित करने का कुंठित प्रयास करती है। पूरे देश की जनता कांग्रेस का यह कृत्य देख रही है, कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।उल्लेखनीय है कि, ‘मोदी सरनेम’ पर न्यायालय से सजा मिलने के बाद राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस आज ‘मौन सत्याग्रह’ कर रही है। इसके तहत हर राज्य की राजधानी में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे। पार्टी ने राहुल की अयोग्यता के पीछे बीजेपी की ‘घटिया चाल’ को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस ने ये भी आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज को दबाने के लिए नई तरकीबें ढूंढ़ रही, क्योंकि वो सच सुनने से घबराती है

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