छत्तीसगढ़ में एक कलेक्टर और जनसंपर्क अधिकारियों के बीच बड़ा विवाद हो गया है । प्रदेश में ऐसा पहली बार है कि कलेक्टर के प्रचार - प्रसार का ही काम देखने वाले डिपार्टमेंट ने उनके खिलाफ ही निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया । आरोप है कि कलेक्टर ने जनसंपर्क अधिकारियों को कार्यालय में बुलाकर डांटा । उनमें से एक अधिकारी को एसडीएम कार्यालय से अटैच कर दिया । अब छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कलेक्टर पर कार्रवाई करने की मांग की है
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया , सरगुजा में जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक दर्शन सिंह सिदार और सूचना सहायक सुखसागर वारे ने उन्हें एक पत्र लिखा है । इसमें बताया गया है कि कलेक्टर कुंदन कुमार ने तीन अगस्त को उन्हें अपने चेंबर में बुलाकर डांटा है । उन्होंने 2 अगस्त को महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के समाचार को गलत बताया । कलेक्टर का कहना था , यह समाचार साजिश के तहत जारी हुआ है ।
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने कहा , सरगुजा कलेक्टर का अशोभनीय और अमर्यादित व्यवहार कर्मठ अधिकारियों के मनोबल को गिराने वाला और उन्हें हतोत्साहित करने वाला है । संगठन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से विभाग के मंत्री होने के नाते संरक्षण की मांग की है । उनका कहना था , इस व्यवहार के लिए सरगुजा कलेक्टर के विरूद्ध उचित कार्रवाई की जाए और उन्हें अपने अमर्यादित व्यवहार के लिए खेद व्यक्त करने के निर्देश दिए जाएं ।