रायपुर के साइंस कॉलेज चौपाटी को लेकर एक लंबे विवाद का है, जिसमें प्रशासन, व्यापारियों और राजनीतिक दलों के बीच टकराव देखने को मिला है। पांच करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस चौपाटी को अब अमानाका ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट किया जा रहा है।
रायपुर स्मार्ट सिटी ने चौपाटी के वेंडरों को एक दिन के भीतर नई जगह पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। हालांकि, वहां बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर वेंडरों में असंतोष है।
विवाद का कारण:
चौपाटी का निर्माण कांग्रेस सरकार के समय जीई रोड पर ट्रैफिक जाम और वेंडरों के लिए व्यवस्थित जगह देने के उद्देश्य से हुआ था। लेकिन इसे लेकर बीजेपी ने विरोध जताया था, खासकर पूर्व मंत्री मूणत ने।
इस विवाद में ठेका एजेंसी और नगर निगम के बीच कानूनी लड़ाई भी हुई। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को मिलकर समाधान निकालने का आदेश दिया, जिसके तहत चौपाटी को शिफ्ट करने का फैसला लिया गया।
वेंडरों की समस्या:
वेंडरों का कहना है कि नई जगह पर बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली और पानी नहीं हैं। यह स्थिति उनके व्यवसाय को प्रभावित कर सकती है।