छत्तीसगढ़: बैलट पेपर से होंगे नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव “बोर्ड एग्जाम से पहले होंगे चुनाव, 7 जनवरी के बाद लागू होगी आचार संहिता”
छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर अहम फैसला लिया है। इस बार चुनाव बैलट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे। नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए बताया कि EVM मशीनों की तैयारी में देरी के कारण यह कदम उठाया गया है।
मंत्री अरुण साव ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को बोर्ड परीक्षाओं से पहले पूरा किया जाएगा।
7 जनवरी के बाद किसी भी समय आचार संहिता लागू हो सकती है।
चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि प्रक्रिया सुचारू और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो।
आरक्षण प्रक्रिया और नियमों में बदलाव
चुनाव से पहले आरक्षण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है।
आरक्षण प्रक्रिया जारी है और इसे जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार ने चुनाव समय पर और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
EVM की तैयारी में लग रहे समय और अन्य तकनीकी कारणों से चुनाव बैलट पेपर से कराए जाएंगे।बैलट पेपर का उपयोग करना कई वर्षों बाद हो रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारंपरिक तरीके की वापसी हो रही है।
सरकार और चुनाव आयोग की तैयारी
राज्य सरकार और चुनाव आयोग बैलट पेपर की व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक तैयारियों में पूरी तरह से जुटे हुए हैंचुनाव आयोग ने चुनाव सामग्री की छपाई और वितरण सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली है।
सरकार ने जनता को निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का भरोसा दिलाया है।
छत्तीसगढ़ में लंबे समय बाद चुनाव बैलट पेपर से कराए जा रहे हैं। यह निर्णय न केवल तकनीकी चुनौतियों का समाधान है, बल्कि पारंपरिक और भरोसेमंद चुनाव प्रक्रिया की वापसी भी दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बड़े फैसले के साथ चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की प्रतिबद्धता दिखाई है। चुनाव तिथियों की घोषणा जल्द होने की संभावना है।