छत्तीसगढ़ / बिलासपुर

बिलासपुर GGU में छात्रों पर बाहरी युवकों का हमला, कुलपति बने मूकदर्शक; 9 पर मामला दर्ज

 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (GGU) में शनिवार को एक कार्यक्रम के बाद छात्रों और बाहरी युवकों के बीच हुई झड़प ने गंभीर रूप ले लिया। इस हमले में एक छात्र बेहोश हो गया, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल होकर सिम्स अस्पताल में भर्ती हैं। हमले के वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें छात्रों के मुंह और नाक से खून बहता साफ दिख रहा है।

हैरानी की बात यह रही कि जब यह पूरी घटना हुई, तब विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आलोक चक्रवाल वहीं मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कार में बैठकर तमाशा देखा और कोई हस्तक्षेप नहीं किया।

क्या है मामला?

छात्रों के अनुसार, चार महीने पहले आयोजित शतरंज ट्रायल में चयनित छात्रों को जोनल स्तर की स्पर्धा के लिए भेजा गया था, लेकिन कोच की कमी के चलते उन्हें उचित मार्गदर्शन नहीं मिल सका। इस मुद्दे को लेकर छात्र फिजिकल एजुकेशन विभाग के एचओडी रत्नेश सिंह से मिले थे, लेकिन उन्होंने छात्रों की समस्या को नजरअंदाज कर दिया।

शनिवार को इसी मुद्दे को लेकर छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद बाहरी युवकों ने छात्रों को मिलने से रोक दिया। कुलपति के कार में बैठते ही विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और छात्रों पर लात-घूंसे बरसाए गए।

छात्रों का आरोप है कि यह हमला फिजिकल एजुकेशन एचओडी रत्नेश सिंह के इशारे पर किया गया।

छात्रों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन

ABVP यूनिवर्सिटी इकाई के अध्यक्ष आराध्य तिवारी ने कुलपति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "कुलपति छात्र विरोधी हैं। वे छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय बाहरी गुंडों के सहारे हमें दबाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बेहद निंदनीय है और हम इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।"

9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

छात्रों की शिकायत पर कोनी थाना पुलिस ने सौरभ कुमार, सौरभ सिंह, अमृतांश दुबे, सूरज सिंह, रूपेश कुमार, हिमांशु शर्मा, गौरव कुमार, स्वप्निल सिन्हा और साजिद खान समेत 9 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Leave Your Comment

Click to reload image