छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण पर कड़ा प्रहार: सरकार जल्द ला सकती है सख्त कानून, देखे क्या कहा कांग्रेस ने....
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण के मामलों पर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को साफ संकेत दिए कि जल्द ही राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन में शामिल संगठनों पर कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कुछ एनजीओ स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर विदेशी फंडिंग लेकर धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इस पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए कानून लाने की तैयारी कर रही है।
NGO की गहन जांच के आदेश
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर के पुलिस ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि कुछ सामाजिक संगठन स्वास्थ्य और चिकित्सा के नाम पर धर्मांतरण कर रहे हैं, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में कार्यरत उन एनजीओ की गहन जांच की जाएगी, जो विदेशी एजेंसियों से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस फंडिंग का इस्तेमाल किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मांतरण को जबरन या प्रलोभन के माध्यम से कराना न केवल अनैतिक है, बल्कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा, "हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, जहां हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार धर्म मानने की स्वतंत्रता है, लेकिन यदि अशिक्षा, गरीबी, चंगाई या अन्य किसी बहाने से धर्मांतरण कराया जाता है, तो यह कानूनन अपराध माना जाएगा।"
धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून की तैयारी
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि आगामी बजट सत्र में सरकार धर्मांतरण संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। इससे पहले भी राज्य में दो बार धर्मांतरण संशोधन विधेयक लाया गया था, लेकिन वह पारित नहीं हो सका। इस बार सरकार इसे पारित करवाने के लिए पूरी ताकत झोंक सकती है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कोई ऐसा कानून नहीं है, जो धर्मांतरण की प्रक्रिया को वैधानिकता प्रदान करता हो। नया प्रस्तावित कानून जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कराने वालों को कठोर सजा देने का प्रावधान करेगा।
सरकार की प्राथमिकता: सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना
मुख्यमंत्री साय ने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन अगर कोई संस्था धर्मांतरण के नाम पर समाज में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करती है, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि ऐसी गतिविधियों को जड़ से खत्म किया जा सके।
राजनीतिक टकराव तेज
धर्मांतरण को लेकर सरकार के रुख पर विपक्षी दल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "प्रदेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक भाजपा की ही सरकार रही है, तो सबसे ज्यादा धर्मांतरण किसके कार्यकाल में हुआ? यह सरकार नौटंकी बंद करे और असली काम पर ध्यान दे।"
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में धर्मांतरण को खुला समर्थन दिया गया था, जिसे अब खत्म किया जाएगा।
जल्द आ सकता है बड़ा फैसला
सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाने जा रही है, जिसमें धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा होगी। यदि नए कानून को मंजूरी मिलती है, तो छत्तीसगढ़ जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सबसे कठोर कानून बनाने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।