Chhattisgarh: साइबर ठगी के मामलों में 168 करोड़ की धोखाधड़ी, पूर्व सीएम ने लगाये ये आरोप...
रायपुर – छत्तीसगढ़ में 2024-25 के दौरान अब तक 168 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 12 केस डिजिटल अरेस्ट से जुड़े हुए हैं। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक अजय चंद्राकर के सवाल के जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 5 करोड़ 20 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि 4 करोड़ रुपये की राशि खातों में फ्रीज की गई है, जिसे पीड़ितों को लौटाया जाएगा। मामले की जांच के दौरान 722 संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें से 347 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में साइबर थानों को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में एक साइबर सेल स्थापित की गई है, जहां फिलहाल 69 कर्मी कार्यरत हैं। साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 6 पुलिसकर्मियों को साइबर कमांडो की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है, जबकि 129 कर्मियों ने साइबर अपराधों की स्पेशल ट्रेनिंग पूरी कर ली है।
अत्याधुनिक उपकरणों से लैस साइबर थाने
गृहमंत्री ने बताया कि सरकार ने साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम के लिए 2.77 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक साइबर भवन का निर्माण कराया है। इसमें 51 लाख रुपये के उन्नत सॉफ्टवेयर खरीदे गए हैं। साथ ही, यूनिफाइड फॉरेंसिक डिवाइस, मोबाइल फॉरेंसिक किट, डिटेक्शन और डिस्क स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस सिस्टम उपलब्ध कराए गए हैं।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल का ने लगाये आरोप
विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की जासूसी के आरोप को लेकर विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए गर्भगृह तक पहुंचने की कोशिश की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि सरकार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की जासूसी करवा रही है और पुलिसकर्मी उनके बंगले के बाहर रेकी कर रहे थे। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणदास महंत समेत 20 विधायकों को सस्पेंड कर दिया। हालांकि, पांच मिनट बाद यह निलंबन वापस ले लिया गया।
विधानसभा में हंगामे के बीच विधायक उमेश पटेल ने दावा किया कि रायपुर में दंतेवाड़ा पुलिस के कुछ अधिकारी और कर्मियों को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संदिग्ध गतिविधियों में पकड़ा है। विपक्षी दल के सदस्य इस मुद्दे को लेकर अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, सरकार ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों को लेकर विपक्ष को आश्वस्त करने का प्रयास किया, लेकिन विधानसभा का माहौल लगातार गरमाया रहा।