छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 4000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार ? जानिए पूरा मामला...
भूपेश बघेल और उनके बेटे पर ED की छापेमारी
छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े 14 ठिकानों पर छापेमारी की। ED के अनुसार, चैतन्य बघेल को कथित रूप से इस घोटाले से अर्जित काले धन का हिस्सा मिला था। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घोटाले के माध्यम से करीब 2,161 करोड़ रुपये विभिन्न फर्जी योजनाओं के जरिए हेराफेरी कर siphon किए गए। छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री में अनियमितताओं का कुल मूल्य अब करीब 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
इससे पहले हुई गिरफ्तारियाँ और आरोप पत्र
इससे पहले जनवरी 2024 में ED ने कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। जुलाई 2023 में ED ने अनवर ढेबर (रायपुर के मेयर एजाज ढेबर के भाई), पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के MD अरुणपति त्रिपाठी सहित कई लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।
घोटाले का पूरा मामला क्या है?
छत्तीसगढ़ में केवल राज्य सरकार द्वारा संचालित दुकानें ही शराब बेच सकती हैं। राज्य में कुल 672 सरकारी शराब दुकानें हैं, जो प्रतिदिन 28-32 करोड़ रुपये की नकद बिक्री करती हैं। ED के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी, इस दौरान शराब बिक्री में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। सरकारी ठेके से बिना हिसाब-किताब वाली देशी शराब बेची गई, जिससे सरकार को 3,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शराब बिक्री में व्यवसायी-राजनेता-अधिकारी गठजोड़ के जरिए बड़े पैमाने पर काला धन बनाया गया। इस घोटाले का पैसा सरकारी खजाने में जमा न होकर सीधे सिंडिकेट के लोगों की जेब में चला गया।
भाजपा सरकार में FIR और जांच की प्रगति
जनवरी 2024 में, जब भाजपा सत्ता में आई, तब इस घोटाले में 70 लोगों को आरोपी बनाते हुए FIR दर्ज की गई, जिनमें आबकारी विभाग के अधिकारी, राजनेता और अन्य लोग शामिल हैं। अप्रैल 2024 में ED ने इस मामले में दूसरी ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज की, जबकि इससे पहले SC ने ED की पहली ECIR रद्द कर दी थी। अब तक 205 करोड़ रुपये की संपत्ति ED द्वारा जब्त की जा चुकी है।
भूपेश बघेल और कांग्रेस का रुख
भूपेश बघेल ने इस घोटाले से जुड़े सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ED की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "BJP इस प्रकार की कार्रवाइयों से कांग्रेस को रोक नहीं सकती। हम न डरते हैं, न डरेंगे।" कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार विपक्ष को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
आगे क्या होगा?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। ED ने 2,161 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं और अब तक कई बड़े नेताओं और अधिकारियों पर शिकंजा कस चुका है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर तीखी सियासी जंग छिड़ी हुई है। अब यह देखना होगा कि ED की आगे की कार्रवाई क्या होती है और अदालत में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।