रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार अपराधों की संख्या बढ़ रही है। इसमें महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की संख्या ज्यादा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक साल में महिलाओं से रेप के तीन हजार से भी ज्यादा मामले में पुलिस थानों में दर्ज है। ये वे मामले हैं जो सामने आये हैं इनके अलावा ऐसे न जाने कितने मामले होंगे जो अभी भी दबे होंगे। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में राजधानी रायपुर अव्वल नंबर पर है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधायक उमेश पटेल के सवाल के जवाब में सदन में पेश अपराधों के आंकड़े पेश किये। इन आंकड़ों से खुलासा हुआ कि, छत्तीसगढ़ में केवल बलात्कार ही नहीं हत्या, लूट, अपहरण जैसे मामलों में रायपुर प्रदेश की राजधानी बना हुआ है।
अपराध की राजधानी बना रायपुर
रायपुर डकैती को छोड़कर हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार के मामलों में राजधानी बना हुआ है। यहां पिछले एक साल में हत्या के 93, लूट के 80, अपहरण के 515, चोरी के 1645, डकैती के 9 और बलात्कार के 268 केस दर्ज किए गए।
इन सब आंकड़ों में बलात्कार के आंकड़े सबसे ज्यादा चौंकाने वाले हैं। प्रदेश में एक साल के भीतर बलात्कार के 3191 केस दर्ज किए गए हैं। इस हिसाब से रोज प्रदेश में 8 से 9 महिलाएं हवस का शिकार बन रही हैं। वहीं सबसे ज्यादा बलात्कार के मामले रायपुर सबसे आगे है।
रायगढ़ जिला हत्या के मामले में तीसरे स्थान पर
गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में साल 2024 से 2025 के बीच हत्या के 1114, लूट के 458, अपहरण के 3644, चोरी के 7960, डकैती के 56 और बलात्कार के 3191 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें रायगढ़ जिला हत्या के मामले में तीसरा, लूट में पांचवा, अपहण में दसवां, चोरी में पांचवा, डकैती में पांचवा और बलात्कार के मामले में छठवें स्थान पर है।