छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में तीन दोस्तों ने 16 साल के लड़के की हत्या कर दी । आरोपी मध्य प्रदेश से लड़के को लेकर आए थे । उससे लूटपाट की , फिर हाथ , पैर और मुंह बांधकर 1200 फीट गहरी खाई में फेंक दिया । इसके बाद लड़के के पिता को कॉल किया और नक्सली बनकर 10 लाख की फिरौती मांगी । मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है । हत्या का मास्टरमाइंड लड़के का ही दोस्त निकला । लाइफ स्टाइल से इंप्रेस होकर उसने साजिश रची थी ।
जानकारी के मुताबिक , मध्य प्रदेश के सिंगरौली में विंध्यनगर क्षेत्र के सिम्पलेक्स कॉलोनी निवासी अरमान रकीब अहमद ( 16 ) पुत्र रकीब अहमद 17 अगस्त को बाइक लेकर बाजार के लिए निकला था । इसके बाद देर रात तक घर नहीं पहुंचा । परिजनों ने कॉल किया तो नंबर भी बंद था । इस पर परिजन उसे रिश्तेदारों , दोस्तों और मिलने वालों के पास तलाश करते रहे , लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला । इसके बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी ।
अरमान के लापता होने के 2 दिन बाद 19 अगस्त को उसी के मोबाइल से पिता रकीब अहमद के पास कॉल आया । कॉल करने वाले ने खुद को नक्सली बताया और 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी । साथ ही रुपए नहीं देने पर अरमान की हत्या कर शव बोरे में भेजने की धमकी दी । इस पर रकीब अहमद ने इसकी सूचना पुलिस को दी । फिरौती का कॉल आने पर पुलिस ने शहर के CCTV फुटेज से जांच शुरू की । इसमें अरमान एक युवक के साथ जाता दिखाई दिया ।
पुलिस ने युवक की तस्दीक की तो पता चला कि वह सिंगरौली के ग्राम सरसवाह लाल निवासी श्याम कार्तिक बैस ( 22 ) है । इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया । पूछताछ में श्याम शाम ने लूट और हत्या की बात स्वीकार कर ली । बताया कि रुपयों की लालच में रिश्तेदार और दोस्त के साथ किडनैपिंग की साजिश रची थी । उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रविवार को सूरजपुर के झनझन के कुंड से शव बरामद किया । वह करीब 1200 फीट गहरा है ।
सिंगरौली एसपी बीरेंद्र सिंह ने बताया कि अरमान ने श्याम कार्तिक से कट्टा लेने की बात कही थी । इस पर श्याम ने अपने भाई सूरजपुर के बिहारपुर निवासी रामकया कट्टा से दिलवाने की बात कही । फिर अरमान को लेकर सूरजपुर के ग्राम बांका पहुंचा । वहां के रामकया के साथ अपने दोस्त सिंगरौली के तियरा बैढ़न निवासी अमरेश बैस को भी बुला रखा था । तीनों अरमान को लेकर झनझन कुंड पहुंचे और मोबाइल , रुपए और बाइक छीनकर कुंड में फेंक दिया ।
एसपी बीरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों ने अरमान की बाइक मकरोहर के जंगल में छिपा दी थी । अरमान के पिता रकीब अहमद कोल ब्लॉक के आउटसोर्सिंग कंपनी में काम करते हैं । अरमान तीन बहनों का इकलौता भाई था । माता - पिता उसकी हर जिद पूरी करते थे । श्याम ने जब उसे महंगी बाइक , मोबाइल और खर्चे देखे तो एक माह पहले दोस्ती की । दोनों साथ में घूमने - फिरने लगे । वारदात के बाद से परिजनों का रो - रो कर बुरा हाल है । मां और बहन कह रहे हैं कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए ।