छत्तीसगढ़ / रायपुर

आरक्षण से बढ़ी परेशानी पीएससी ने रोका अगली भर्ती परीक्षा का प्रोग्राम 26 को नहीं आयेगी नोटिफिकेशन

छत्तीसगढ़ पीएससी (राज्य सेवा परीक्षा -2021) के हाल में इंटरव्यू देने वाले उम्मीदवारों को फाइनल सलेक्शन के लिए लंबा इंतजार करना होगा, क्योंकि छत्तीसगढ़ में अभी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं है। आरक्षण की अस्पष्टता का बड़ा असर यह भी हुआ है कि पीएससी ने हर साल 26 नवंबर को जारी किया जाने वाला पीएससी भर्ती परीक्षा का प्रोग्राम अगले आदेश तक रोक दिया है। यानी इस बार 26 नवंबर को पीएससी का नोटिफिकेशन जारी नहीं होगा ।


राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने पीएससी को भेजे गए पत्र में कहा है कि जब तक आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट से स्थगन नहीं मिलता, यथास्थिति बनाई रखी जाए। अफसरों ने यथास्थिति का आशय यही बताया कि इंटरव्यू के नतीजे जारी नहीं होंगे और अगली पीएससी परीक्षा का नोटिफिकेशन भी कोर्ट के स्थगन तक रुका रहेगा। पीएससी-2021 में कुल 171 पद हैं। इसके लिए 20 से 30 सितंबर तक इंटरव्यू हुए। आमतौर पर साक्षात्कार के आखिरी दिन नतीजे जारी होते हैं।

इस बार भी संभावना थी कि 30 सितंबर को नतीजे जारी हो जाएंगे। इसे लेकर इंटरव्यू के बाद देर शाम तक अभ्यर्थी इंतजार करते रहे, लेकिन नतीजे जारी नहीं हुए। आरक्षण की वजह से पीएससी ने रिजल्ट जारी नहीं किया। फिर पीएससी इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगा।

पिछले दिनांक सामान्य प्रशासन विभाग ने पीएससी को पत्र जारी कर कहा कि अभी भर्ती को लेकर यथास्थिति बनाए रखें। सामान्य प्रशासन के इस पत्र के बाद न सिर्फ राज्य सेवा भर्ती के नतीजे अटके हैं, बल्कि प्यून भर्ती परीक्षा समेत अन्य के नतीजे भी देर से जारी होंगे। जानकारों का कहना है कि दिसंबर में पहले सप्ताह में विधानसभा का सत्र शुरू होगा। इसमें आरक्षण के मामले में निर्णय लिया जा सकता है।

नई भर्ती के लिए विज्ञापन नहीं | पीएससी से अभी नई भर्ती के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं होगा। आमतौर पर राज्य सेवा परीक्षा के लिए नवंबर में विज्ञापन जारी होते हैं। इस बार नवंबर में पीएससी -2022 के लिए नोटिफिकेशन जारी होना है। विभिन्न विभागों से 190 से अधिक पदों के प्रस्तावक मिले हैं। अफसरों का कहना है कि आरक्षण की वजह से अभी यह तय नहीं कर पा रहा कि भर्ती किस फार्मूले से होगी। इसलिए नई भर्ती अभी नहीं निकलेगी।

प्रवेश के इंतजार में बैठे छात्र | इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, बीएड, डीएलएड समेत अन्य में एडमिशन की प्रक्रिया भी आरक्षण की वजह से प्रभावित है। इसमें प्रवेश के लिए हजारों की संख्या में छात्र इंतजार में बैठे हैं। प्रवेश में देरी होने से छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस तरह से अभी एमबीबीएस, नर्सिंग में प्रवेश दिया गया, उसी फार्मूले से अन्य कोर्स में भी दाखिला दिया जाए। प्रवेश नहीं होने से साल खराब हो जाएगा। इस मामले में शासन को छात्रहित में निर्देश जारी करना चाहिए।

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