पूर्व सांसद और आदिवासी नेता नंदकुमार साय कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम साय को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई है। राजीव भवन में वन मंत्री मो अकबर, प्रेमसाय सिंह टेकाम, अनिला भेड़िया, सत्यनारायण शर्मा समेत कई नेता मौजूद हैं।
रविवार को बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद आज कांग्रेस में शामिल हो गए। अचानक साय के इस्तीफे से बीजेपी में हड़कंप मचा हुआ है।
आदिवासी नेता साय ने अपने इस्तीफे में लिखा है, मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। मेरी गरिमा को लगातार ठेस पहुंचाई जा रही है, जिससे मैं आहत महसूस कर रहा हूं। उन्होंने अपना इस्तीफा स्वीकार करने का आग्रह करते हुए कहा था कि बहुत गहराई से विचार करने के बाद मैंने बीजेपी में अपने सभी पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।
क्या बोले नंदकुमार साय
1. ये निर्णय जीवन का बहुत कठिन निर्णय है। जनसंघ के समय से मैं और मेरे परिवार के लोग बीजेपी में रहे हैं। अटल बिहारी बाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे लोगों के साथ रहा हूं। अटल बिहारी बाजपेयी को फॉलो करता था।
2. अटल, आडवानी की जो पार्टी थी। वो पार्टी अब उस रूप में नहीं है। परिस्थितियां बदल चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में छोटे गांव और कस्बे थे। भूपेश सरकार के काम पर मैंने स्टडी की है। छोटे गांव और कस्बे शहर बन गए।
3. हम कहते थे देशभर का नाता है, गौ हमारी माता है। लेकिन सीएम भूपेश बघेल ने इसे एक नया स्वरूप दिया है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना जनता के लिए कारगर साबित हुई है। मुझे अच्छा लगा भूपेश सरकार ने राम वनगमन पथ को बनाया।
4. आज की तारीख में मैं बीजेपी में किसी पद पर नहीं था। मैं एक सामान्य कार्यकर्ता था। भले ही पार्टी में पद नहीं मिलता, लेकिन काम कैसे किया जा सकता है। ये तो पूछा जा सकता था।
5. भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस अच्छा काम कर रही है । दल महत्व नहीं है, आम जनता से लिए काम करना है। मिलकर काम करेंगे तो छत्तीसगढ़ अच्छा होगा।