छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेज एसोसिएशन ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से मुलाकात की। जिसमें उन्होंने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को रखा। जिस पर टीएस बाबा ने इस पर विचार करने के इसे का आश्वासन दिया। पूरा करने
एसोसिएशन की एक यह मांग भी है कि नर्सेस के सैकड़ों पदों पर पुरुष कर्मचारी भी नर्सिंग का काम कर रहे हैं। उन्हें रोजमर्रा की नौकरी में सिस्टर कहकर पुकारा जाता है। जो कि अच्छा नहीं लगता है। इसी वजह से नर्सेस के पदनाम में बदलाव की मांग की गई है।
1) नर्सेस का वेतन विसंगति को दूर करते हुए केंद्र के समान छत्तीसगढ़ की स्टाफ नर्सेज को केंद्र के समान 4800 ग्रेडपे दिया जाए।
2) साइकेट्रिक नर्सों की वेतन विसंगति को भी दूर किया
जाए।
3) समस्त नर्सों को 7200 रुपये नर्सिंग भत्ता और 1800 रुपये ड्रेस भत्ता दिया जाए।
4) स्टाफ नर्सों के पदोन्नती के नियमो मे संशोधन करवाना और प्रत्येक 5 साल में वरीयता आधार पर प्रमोशन हो ।
5) योग्यता के आधार पर संचनालय स्वास्थ्य सेवा में काम कर रहे नर्सों को भी पदोन्नति मिले।
6) समस्त स्टाफ नर्स का पदनाम में परिवर्तन कर नर्सिंग ऑफिसर किया जाए।
7) 24×7 आपातकालीन सेवाएं होने से साल में 13 महीनों का वेतन नर्सेस को मिलना चाहिए।