नवा रायपुर के सेंध लेक को जल्द ही नई चौपाटी के रूप में विकसित किया जाएगा। चौपाटी विकसित होने के बाद यहां वाटर स्पोट्र्स की सुविधाएं भी मिलेगी। इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए एनआरडीए 51 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। यह रायपुर की सबसे खूबसूरत झीलों में से एक है। यहां रोजाना 500 लोग आउटिंग के लिए आते हैं। वहीं वीकेंड में इसकी संख्या सीधे दोगुनी हो जाती है।
पाथ-वेः रोजाना आने वाले पर्यटकों के लिए पैदल चलने के लिए झील के किनारे पाथ-वे होगा। इसके साथ ही एक गार्डन भी यहां डेवलप किया जाएगा।
चौपाटीः अभी यहां गाड़ियों के अलावा अस्थाई फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। अब यहां स्थाई चौपाटी विकसित की जा रही है, जिसमें कुल 6 ओपन दुकानें बनाई जाएंगी।
वाटर स्पोर्ट्स: चौपाटी का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण में यहां वाटर स्पोट्र्स की सुविधा शुरू की जाएगी। इसमें एडवेंचर्स वाटर स्पोट्र्स एक्टिविटी शामिल की जाएगी।
नवा रायपुर के सेंध लेंक को नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। साल 2023 के अंत तक पूरा करने का टार्गेट है। चौपाटी, पाथ-वे डेवलप किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद वाटर स्पोटर्स एक्टिविटी भी शुरू करेंगे। अरविंद शर्मा, चीफ इंजीनियर, एनआरडीए