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चांद और सूरज के बाद अब समुद्रयान की तैयारी, भारत एक और सफलता के करीब

 नई दिल्ली। Mission Samudrayaan: चांद, सूरज के बाद अब भारत अपना पहला मानवयुक्त समुद्री मिशन भेजने की तैयारी में जुटा है जिसे समुद्रयान नाम दिया गया है। इस मिशन में स्वदेशी पनडुब्बी मत्स्य-6000 में तीन व्यक्तियों को पानी के भीतर 6,000 मीटर की गहराई तक भेजने की योजना है।

Mission Samudrayaan: बता दें कि अंतरिक्ष की तरह ही समुद्र भी रहस्यों को समाए हुए है। दुनियाभर में समुद्र को लेकर कई खोजें हुई हैं, अब इस कड़ी में भारत भी अपना मिशन भेजने की तैयारी में है। समुद्रयान परियोजना के लिए छह हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें लगे वाहन को मत्स्य-6000 नाम दिया गया है जो टाइटेनियम धातु से बना है। इसका व्यास 2.1 मीटर है। यह यान तीन लोगों को समुद्र की गहराई में ले जाने में सक्षम है।

Mission Samudrayaan: समुद्रयान मिशन से जुडी तस्वीरों को साझा करते हुए केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि इसका निर्माण चेन्नई में स्थित राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान में किया जा रहा है। इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि समुद्रयान में गहरे समुद्र के संसाधनों का अध्ययन करने वाली योजना समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को अस्त-व्यस्त नहीं करेगी। यह योजना प्रधानमंत्री की नीली अर्थव्यवस्था वाली नीति का समर्थन करती है।

 

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