छत्तीसगढ़ / बिलासपुर

बिलासपुर हाईकोर्ट: छत्तीसगढ़ सरकार ने की 2 अतिरिक्त महाधिवक्ता और 23 पैनल लॉयरों की नियुक्ति

 रायपुर। विधि विधायी विभाग ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से मामले मुकदमे की पैरवी करते हुए दो अतिरिक्त महाधिवक्ता के साथ ही आठ लॉ अफसरों और 23 पैनल लॉयरों की नियुक्ति कर दी है। नियुक्ति आदेश के साथ ही जरुरी शर्तों का भी खुलासा कर दिया है।

छत्तीसगढ़ शासन के विधि विधायी कार्य विभाग ने हाई कोर्ट में राज्य शासन की ओर से पैरवी करने के लिए दो अतिरिक्त महाधिवक्ता, दो उप महाधिवक्ता, तीन शासकीय अधिवक्ता और एक उप शासकीय अधिवक्ता के अलावा 23 पैनल लॉयर्स की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है।

देखिए लॉ अफसरों की सूची

अतिरिक्त महाधिवक्ता-शर्मिला सिंघई व सुमित सिंह

उप महाधिवक्ता- सुनीता मानिकपुरी व अविनाश चंद साहू

शासकीय अधिवक्ता- अरविंद दुबे, शरद मिश्रा व एचएपीएस. भाटिया

उप शासकीय अधिवक्ता- अक्षय उप्पल

ये हैं 23 पैनल लॉयर्स

वेदांत षडंगी, कुलदीप सिंह, आशुतोष राज सिन्हा, सौरभ पांडेय, अनुराग अग्रवाल, विक्रम दीक्षित, कशिश सलूजा, वी. जयंत कुमार,, शिवांगी अग्रवाल, नीलम जैसवानी, जया चौधरी, अनुराग त्रिपाठी, त्रिवेणीशंकर साहू, रविकर पटेल, सुनीता साहू, रशिका सोनी, श्वेता राय, हसनैन अल्वी, प्रतिभा साहू, अपूर्वा घोरे,अक्षत पांडेय, के. विनायकम गुप्ता व अभिषेक बंजारे।

विधि अधिकारियों के ये शर्तें

विधि अधिकारियों को देय फीस विभागीय नियमों के अनुसार निर्धारित होगी। पैनल लॉयर की फीस विधि और विधायी कार्य विभाग के 31 दिसंबर 2025 के आदेश के अधीन रहेगी। उनके कर्तव्य और दायित्व विभागीय नियमावली के अनुसार तय होंगे। पैनल लॉयर को इस्तीफा देने से पहले एक महीने का नोटिस देना होगा।

पैनल लायर्स को इन शर्तों का करना होगा पालन

नियुक्त पैनल लॉयर के कर्तव्य और दायित्व छत्तीसगढ़ विधि विभाग मैन्युअल के सुसंगत प्रावधानों के अनुरूप होंगे तथा दोनों पक्ष कभी भी यह संविदा समाप्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे परंतु पैनल लॉयर त्याग पत्र देना चाहे तो एक माह का सूचना पत्र देना आवश्यक होगा।

घोषणा पत्र ये देनी होगी जानकारी

नियुक्त समस्त पैनल लॉयर, विधि विभाग नियमावली के नियम 09 के अनुरूप ये घोषणा करनी होगी।

किसी भी सक्षम न्यायालय द्वारा वित्तीय रूप से दिवालिया घोषित नहीं किया गया है और उनके खिलाफ कोई भी सिविल डिक्री लंबित नहीं या उनके खिलाफ कोई भी मामला लंबित नहीं है।

किसी भी न्यायालय या प्राधिकरण के द्वारा या राज्य विधिज्ञ परिषद, भारतीय विधिज्ञ परिषद जहां उनका पंजीयन हो से अयोग्य घोषित नहीं किया गया है।

उनके विरूध्द कोई भी आपराधिक मामला किसी भी सक्षम न्यायालय में लंबित नहीं है और न ही किसी भी न्यायालय द्वारा उन्हें दोषसिध्द ठहराया गया है।

तीन वर्ष का विधि व्यवसाय का अनुभव रखते हैं।

प्राप्त घोषणा पत्र उक्तानुसार प्राप्त में उक्त संबंधित पैनल लॉयर की नियुक्ति हेतु अनर्हता का कोई तथ्य नहीं होने पर ही महाधिवक्ता उन्हें पदभार ग्रहण करने देंगे, यदि कोई प्रतिकूल तथ्य हो तो कार्यभार ग्रहण करने से निषेधित कर विधि विभाग, मंत्रालय को सूचित करेंगे।

 

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