देश-विदेश
नहीं रहे गायक पंकज उधास लंबी बीमारी के बाद 72 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, 2006 में मिला था पद्मश्री
एंटरटेनमेंट जगत से बुरी खबर सामने आई है. लेजेंडरी सिंगर पंकज उधास का निधन हो गया है. 72 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. पंकज की बेटी नायाब उधास ने सिंगर की मौत की खबर शेयर की है. पोस्ट में उन्होंने लिखा- बहुत दुख के साथ हमें ये आपको बताना पड़ रहा है कि पद्मश्री पंकज उधास का 26 फरवरी 2024 को निधन हो गया है. वो लंबे समय से बीमार थे.

नहीं रहे पंकज उधास
पंकज उधास के पीआर ने बताया कि सिंगर का निधन 26 फरवरी की सुबह करीबन 11 बजे ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था. लंबे समय से वो बीमार थे. बीते कई दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी. सिंगर के निधन की न्यूज पता चलने के बाद म्यूजिक जगत में मातम पसरा हुआ है. पंकज जैसे गजल गायक का यूं दुनिया छोड़ जाना फैंस को गमगीन कर गया है. हर कोई सोशल मीडिया पर नम आंखों से सिंगर को आखिरी श्रद्धांजलि दे रहा है.
तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराईं मौके पे विधायक की मौत
नई दिल्ली: भारत राष्ट्र समिति की विधायक लस्या नंदिता की आज हैदराबाद में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई. 37 वर्षीया, जो पहली बार विधायक बनी थीं, उन्हें उस समय गंभीर चोटें आईं जब उनका वाहन नियंत्रण खो बैठा और सड़क के डिवाइडर से टकरा गया।
दंगल' फेम सुहानी भटनागर का 19 साल की उम्र में निधन आमिर खान की फिल्म में बनी थीं छोटी बबीता फोगाट
आमिर खान की फिल्म 'दंगल' में उनकी छोटी बेटी बबीता का रोल प्ले करने वाली एक्ट्रेस सुहानी भटनागर का निधन हो गया है। एक्ट्रेस की उम्र महज 19 साल थी। एक्ट्रेस की उम्र बहुत कम थी और उनके निधन से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। लोग सुहानी को दंगल गर्ल के नाम से भी जानते थे। अभी उन्होंने अपना करियर बनाने की ओर पहला कदम रखा ही था कि इस खबर ने फैंस को चौंका दिया है।
ELECTION : लोकसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला..
चुनावी बांड अब RTI के दायरे में; राजनीतिक दलों के फंड की जानकारी दी जाए
नई दिल्ली। Electoral Bonds: लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्शन रिटेंशन स्कीम को अवैध करार देते हुए इस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव पर रोक सूचना के अधिकार का उल्लंघन है। मतदाताओं को पार्टी फंडिंग के बारे में जानने का अधिकार है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि बॉन्ड खरीदने वालों की सूची सार्वजनिक करनी होगी। यह फैसला सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संविधान पीठ ने दिया।
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कहा कि अदालत का मानना है कि गुमनाम मतदाता सूची सूचना के अधिकार और अनुच्छेद 19(1)(ए) का उल्लंघन करती है। संविधान पीठ में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के साथ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं।
चुनावी बांड की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस मामले में फैसला पढ़ा। चीफ जस्टिस ने कहा कि हमारे सामने सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दलों को मिलने वाला फंड भी आरटीआई के तहत आएगा? चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारी (संविधान पीठ) दो राय हैं, लेकिन निष्कर्ष एक ही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि सरकारी पैसा कहां से आता है और कहां जाता है?
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में दो सवाल उठाए गए हैं। पहला यह कि चुनावी बांड में संशोधन संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत सूचना के अधिकार का उल्लंघन है। दूसरा, क्या असीमित कॉरपोरेट फंडिंग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांत के खिलाफ नहीं है?
चुनावी बांड क्या हैं?
यह बॉन्ड 2018 में लॉन्च किया गया था। इसका छिपा उद्देश्य यह था कि इससे राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें व्यक्ति, कॉर्पोरेट निकाय बांड खरीदेंगे और उन्हें राजनीतिक दलों को दान देंगे, और राजनीतिक दल बांड को बैंकों में भुनाएंगे और पैसा प्राप्त करेंगे। भारतीय स्टेट बैंक की 29 शाखाओं को चुनावी बांड जारी करने और भुनाने के लिए अधिकृत किया गया था। ये शाखाएँ नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, गांधीनगर, चंडीगढ़, पटना, रांची, गुवाहाटी, भोपाल, जयपुर और बैंगलोर में स्थित थीं।
बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को मिलेगा भारत रत्न, PM मोदी ने खुद किया ऐलान
नई दिल्ली: बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को केंद्र सरकार भारत रत्न से सम्मानित करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। आडवाणी बीजेपी के सबसे पुराने और बड़े नेताओं में शामिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, 'लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। मैंने उनसे बात भी की और उन्हें यह सम्मान दिए जाने पर बधाई दी।'
चार साल पहले ही संसद में पास हो गया था CAA, अगले सात दिन के अंदर ही नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू कर दिया जाएगा??
दिसंबर 2019 में ही संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो गया था। इसके बाद 10 जनवरी 2020 को राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी। बावजूद इसके चार साल तक यह कानून लागू नहीं हो पाया है।
केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने दावा किया है कि अगले सात दिन के अंदर ही नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू कर दिया जाएगा। उनके बयान के बाद सीएए पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। बता दें कि यह विधेयक दिसंबर 2019 में ही संसद में पास हो गया था। इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी विधेयक को मंजूरी दे दी और इसके बाद यह कानून बन गया। यह कानून बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का भी प्रावधान करता है।
कानून बनने के बाद ही शुरू हो गए विरोध प्रदर्शन
सीएए को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। वहीं दिल्ली के शाहीन बाग में महिलाएं धरने पर बैठ गईं। लंबे समय तक चले प्रदर्शन के बाद कोरोना लॉकडाउन के दौरान उन्हें सड़क पर से हटाया गया। वहीं बीते साल भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया था कि सीएए को लागू होने से कोई रोक नहीं सकता। वहीं विपक्ष का कहना है कि 2024 के चुनाव से पहले इस तरह से सीएए की चर्चा करके भाजपा केवल वोट बटोरना चाहती है।
रिपोर्ट्स में कहा गया कि सरकार सीएए को लागू करने से पहले इससे संबंधित प्रक्रिया के लिए सारा काम पूरा करना चाहती है। सरकार चाहती है कि आवेदन से लेकर मंजूरी और नागरिकता देने तक का काम ऑनलाइन हो। इसके लिए वेबसाइट, ऐप और तकनीक की जरूरत है। एक अधिकारी के हवाले से पीटीआई ने रिपोर्ट किया था कि नागरिकता देने के लिए कोई यात्रा का कोई दस्तावेज भी नहीं मांगा जाएगा। केवल शख्स को भारत आने का साल बताना होगा।
सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था सीएए का मामला
पहले तो विपक्ष के विरोध की वजह से सीएए में बाधा आई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी कानून की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए। कहा गया कि यह कानून भेदभाव को बढ़ावा देने वाला हैष इसमें रोहिंग्या और तिब्बती बौद्धों को क्यों नहीं शामिल किया गया है। पूर्वोत्तर के राज्यों में इस कानून का खूब विरोध हुआ। कई जगहों पर हिंसा हुई जिसमें सरकारी संपत्ति का भी नुकसान हुआ।
कानून लागू होते ही क्या बदल जाएगा
इस कानून के मुताबिक तीन पड़ोसी देशों, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी। जो लोग 2014 तक किसी प्रताड़ना के चलते भारत आए हैं उनको नागरिकता मिलेगी। इसमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल होंगे। बता दें कि यह विधेयक 2016 में ही लोकसभा में पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था। इसके बाद इसे 2019 में फिर से पेश किया गया। 10 जनवरी 2020 को राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दी थी। उसके बाद दो साल कोरोना का ही प्रकोप रहा। इस कानून के तहत 9 राज्यों के 30 से ज्यादा डीएम को भी विशेष अधिकारक दिए जाएंगे।
Budget 2024: क्या होगा इस बार बजट में? पीएम मोदी ने कहा- मेरे लिए देश में सिर्फ यही 4 जातियां!
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना छठा बजट 1 फरवरी को पेश करने जा रही हैं. वैसे तो देश के हर वर्ग के लोगों को आने वाले इस बजट से काफी उम्मीदें हैं. ये बजट गरीब, युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए बहुत खास हो सकता है. बजट को तमाम लोग GYAN यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी का बजट भी कह रहे हैं.
प्रधानमंत्री भी इस बात को कह चुके हैं कि मेरे लिए देश में केवल यही 4 जातियां हैं. ऐसे में मुमकिन है कि अंतरिम बजट का फोकस इन 4 वर्ग पर सबसे ज्यादा रह सकता है. यही वजह है कि आम चुनाव को देखते हुए इस बार के बजट में केन्द्र सरकार देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को लुभाने के लिए कई बड़े ऐलान कर सकती है.
महिलाओं के लिए बजट में खास फोकस संभव
इस बार के अंतरिम बजट में महिलाओं के लिए भी बजट का आकार बढ़ाया जा सकता है. खासकर कृषि क्षेत्र में तो महिलाओं के लिए भारी भरकम ऐलान किए जाने की जरूरत है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि भारतीय महिलाएं दुनिया भर के कृषि श्रम में 43 फीसदी हिस्सेदारी रखती हैं. भारत के ग्रामीण इलाकों में इनकी कुल एग्री लेबर में 84 फीसदी भागीदारी है.
ऐसे में पीएम किसान के तहत महिला किसानों के उत्थान के लिए अलग से बड़े एलान किए जाने की जरुरत है. महिलाओं के लिए जिन बड़े एलानों को किए जाने की संभावना है उनमें सबसे पहला है. महिलाओं के लिए बजट एलोकेशन में बढ़ोतरी किया जाना जो बीते 10 साल में 30 फीसदी बढ़ चुका है. इसके अलावा बजट में महिलाओं के लिए डायरेक्ट कैश ट्रांसफर जैसी योजना लाने का ऐलान भी किया जा सकता है.
किसानों पर सरकार की नजर
वहीं महिलाओं को वित्तीय तौर पर मजबूत बनाने के लिए कौशल विकास की योजना भी लाई जा सकती है. महिला किसानों के लिए सम्मान निधि को बढ़ाकर 12 हजार किया जा सकता है. मनरेगा के लिए महिलाओं को विशेष आरक्षण और ज्यादा मानदेय देने की संभावना है. इसके लिए महिलाओं को ब्याज रहित लोन की पेशकश की जा सकती है. यानी संभव है कि आर्थिक रुप से पिछड़ी महिलाओं के लिए चुनाव से पहले पिटारा खोलने में सरकार कोई कंजूसी नहीं करेगी. भारत में लेबर फोर्स में महिलाओं की 24 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि GDP में इनका योगदान 17 फीसदी है. इतनी कम भागीदारी से भारत के लिए 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनना आसान नहीं होगा. वर्ल्ड बैंक के मुताबिक भारत में महिलाओं और पुरुषों की लेबर फोर्स में बराबर हिस्सेदारी होने से देश की GDP में 27 फीसदी का भारी उछाल आ सकता है.
यानी अगर 50 फीसदी महिलाएं भी वर्कफोर्स का हिस्सा बन जाती हैं तो भारत की विकास दर 1.5 फीसदी बढ़कर 9 फीसदी के नजदीक पहुंच सकती है. ऐसे में लेबर फोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं से जुड़ी स्कीम्स का बजट 2023 के मुकाबले 25 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है. इससे महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का ज्यादा असर नजर आएगा. इसके साथ ही लेबर फोर्स के साथ ही दूसरे कई क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी. इन महिलाओं को मुख्य धारा में लाकर इनकी आमदनी बढ़ाने के साथ साथ इनका वोट दिलाने में भी सरकार के ये ऐलान काफी मददगार हो सकते हैं.
BREAKING: अब पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होने की संभावना, इतने कम हो सकते है दाम…
लोकसभा चुनाव से पहले भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में 6 से 11 रुपये कम हो सकते है?
petrol diesel price: आगामी लोकसभा चुनाव बस कुछ ही महीने दूर हैं, इसलिए भाजपा सरकार आम नागरिकों को खुश करने का प्रयास कर रही है। अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इसके बाद मोदी ने देशभर के नागरिकों के लिए सौर ऊर्जा से जुड़ी सूर्योदय योजना की घोषणा की है।
इसके अलावा संभावना है कि जल्द ही पेट्रोल-डीजल के दाम भी कम हो जाएंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें गिरने से भारतीय तेल कंपनियों को फायदा हो रहा है। इसलिए ईंधन की कीमतें कम की जा सकती हैं।
आईसीआरए लिमिटेड के गु्रप हेड गिरीश कुमार कदम ने कहा कि आईसीआरए के अनुमान के मुताबिक, ओएमसी को अंतरराष्ट्रीय उत्पादन की तुलना में पेट्रोल पर 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर अधिक मिल रहा है। सितंबर 2023 की बड़ी कटौती के कुछ ही महीनों बाद, पेट्रोल ट्रेडिंग मार्जिन में सुधार हुआ। गिरीश कुमार कदम ने कहा इसलिए डीजल मार्जिन में सुधार हुआ।
आईसीआरए का मानना है कि इस बढ़े हुए मार्जिन के कारण फिलहाल ईंधन में कटौती संभव है। अगर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहीं तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम हो सकती हैं। कीमत में यह कटौती 6 रुपये से लेकर 11 रुपये प्रति लीटर तक हो सकती है। इस बीच इससे पहले मई 2022 में ईंधन की कीमतों में बड़ी कटौती हुई थी। उस वक्त भी विपक्ष ने केंद्र सरकार पर कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले दरों में कटौती का आरोप लगाया था।
80 डॉलर प्रति बैरल
फिलहाल विश्व बाजार में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से भी कम है। लीबिया और नॉर्वे में बढ़ते उत्पादन के साथ घटती मांग से पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष होने की संभावना नहीं है।
वर्तमान ईंधन दरें
फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये प्रति लीटर है। डीजल 89.62 रुपये पर है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 106.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.27 रुपये प्रति लीटर है।
शायर मुनव्वर राणा का दिल का दौरा पड़ने से निधन, कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे
लंबे समय से बीमार चल रहे मशहूर उर्दू शायर मुनव्वर राणा का निधन हो गया है. प्रसिद्ध शायर पहले से ही गुर्दे की बीमारी, शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे. अचानक तबीयत खराब होने के बाद गुरुवार तड़के लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया. उनकी बेटी सुमैया राणा ने जानकारी देते हुए बताया था कि उनके पिता को वेंटिलेटर पर रखा गया और उनकी हालत गंभीर है. इसके बाद जब उनकी हालत और खराब होने लगी तो उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां आज उनका निधन हो गया.
भारत जोड़ो न्याय यात्रा की आज से शुरुआत, यात्रा में शामिल होंगे छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ नेता
रायपुर। कांग्रेस 14 जनवरी से राहुल गांधी के नेतृत्व में मणिपुर से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू करने जा रही है। वहीं, इस यात्रा में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ नेता मणिपुर के लिए रवाना हुए हैं। जानकारी मिली है, कि दीपक बैज, चरणदास महंत और शिव डहरिया मणिपुर में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ के 7 जिलों से गुजरेगी राहुल गांधी की " भारत जोड़ो न्याय यात्रा"
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का रोड मैप तय हो गया है। मणिपुर से महाराष्ट्र तक की यात्रा छत्तीसगढ़ से भी होकर गुजरेगी। इस दौरान राहुल गांधी 5 दिनों तक छत्तीसगढ़ प्रदेश में यात्रा करेंगे। इन 5 दिनों में राहुल गांधी की यात्रा 7 जिलों और 5 लोकसभा सीटों को कवर करेंगी। वे हसदेव भी जाएंगे। यात्रा की शुरुआत 14 जनवरी को मणिपुर के इंफाल से हो रही है। इस यात्रा को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इंफाल में हरी झंडी दिखाएंगे, जो 15 राज्यों से होते हुए मुंबई में समाप्त होगी। न्याय यात्रा छत्तीसगढ़ के 7 जिलों से गुजरेगी। छत्तीसगढ़ में कुल 536 किलोमीटर की यात्रा होगी।

अब खड़ी होगी पाकिस्तान की खाट, भारत का प्लान तैयार; आतंक फैलाना पड़ेगा भारी
अधिकारी ने बताया कि ड्रोन के इस्तेमाल से सीमा पार से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी का खतरा अगले छह महीनों में खत्म हो जाएगा। निश्चित रूप से तब तक ड्रोन रोधी प्रौद्योगिकी की व्यवस्था हो जाएगी।
India-Pakistan News: देश के बॉर्डर वाले इलाकों में हमेशा पाकिस्तान ड्रोन के जरिए ड्रग्स से लेकर आतंकियों के लिए हथियार सप्लाई करता रहता है। वह सीमावर्ती एरिया में आतंक को बढ़ाने की कोशिश में दशकों से लगा हुआ है। पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर की सीमाओं वाले इलाकों से सुरक्षाबलों रोजमर्रा इन ड्रोन्स को पकड़ते हैं, लेकिन अब पाकिस्तान की खाट खड़ी होने वाली है। भारत ने इसके लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है। दरअसल, भारत अगले छह महीनों के भीतर पाक के इन ड्रोन्स को रोकने के लिए स्वदेशी एंटी ड्रोन सिस्टम को इंस्टॉल करने की तैयारी में है।
'टाइम्स ऑफ इंडिया' के अनुसार, सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले में कहा कि एंटी ड्रोन टेक्निक की टेस्टिंग चल रही है, जिसमें तीन विकल्पों का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "पूरी पश्चिमी सीमा पर लगाई जाने वाली ड्रोन-विरोधी प्रणाली या तो तीन प्रणालियों में से एक होगी या दो या अधिक प्रौद्योगिकियों का कॉम्बिनेशन होगी।" बीएसएफ के डीजी नितिन अग्रवाल ने हाल ही में जानकारी दी थी कि एक नवंबर, 2022 से 31 अक्टूबर, 2023 के बीच बल द्वारा 90 ड्रोन बरामद किए गए, जिनमें पंजाब में 81 और राजस्थान में नौ शामिल थे। वहीं, पहले ड्रोन देखे जाने की संख्या 300-400 तक पहुंच गई है।
अधिकारी ने बताया, ''ड्रोन के इस्तेमाल से सीमा पार से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी का खतरा अगले छह महीनों में खत्म हो जाएगा। निश्चित रूप से तब तक ड्रोन रोधी प्रौद्योगिकी की व्यवस्था हो जाएगी।'' उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकी का परीक्षण चल रहा है और यह अंतिम चरण में है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ड्रोन या मानवरहित विमान (यूएवी) का उपयोग करके पाकिस्तान से भेजे गये हथियारों, गोला-बारूद और मादक पदार्थों को गिराया जाना कई वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी समस्या रही है। सरकार ने अगस्त में बताया था कि पिछले तीन वर्षों में पंजाब में सीमा पार से हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किये जाने के 53 मामलों का पता चला है।
वहीं, भारत की पूर्वी सीमा को लेकर भी अधिकारी ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों की आवाजाही को रोकने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही व्यवस्था (एफएमआर) जल्द ही बंद कर दी जाएगी। एफएमआर भारत-म्यांमार सीमा के दोनों ओर रहने वाली जनजातियों को पड़ोसी देश के अंदर 16 किमी तक वीजा-मुक्त यात्रा की अनुमति देता है। वहीं, मणिपुर में जातीय हिंसा के लिए एक हद तक अवैध आव्रजन और नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले एफएमआर को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसी वजह से सरकार फिर से विचार करते हुए इस व्यवस्था को बंद करने और म्यांमार के नागरिकों के प्रवेश के लिए वीजा को अनिवार्य बनाने की योजना बना रही है।
Truck drivers strike: सरकार से बातचीत के बाद हिट एंड रन कानून के विरोध में जारी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल खत्म, संगठन और सरकार की बातचीत के बाद किया गया फैसला
नई दिल्ली। हिट एंड रन केस के लिए नए कानून को लेकर सरकार और ट्रांसपोर्टरों में सुलह हो गई है. ट्रांसपोर्ट संगठन ने देशभर के ड्राइवरों से हड़ताल वापस लेने को कहा है. सरकार की तरफ से संगठन को आश्वसान दिया गया है कि फिलहाल कानून को लागू नहीं किया जाएगा और जब भी इसे लागू किया जाएगा तो संगठन से चर्चा की जाएगी. इसके बाद ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने ड्राइवरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है.
वृंदावन में खुला देश का पहला गर्ल्स सैनिक स्कूल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 01 जनवरी, 2024 को उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृन्दावन में बालिकाओं के लिए पहले पूर्ण सैनिक स्कूल, संविद् गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया। इस स्कूल का उद्घाटन सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में गैर सरकारी संगठनों / निजी/ राज्य सरकारी विद्यालयों के साथ साझेदारी के अंतर्गत 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना की पहल के तहत किया गया है, जिनमें से 42 विद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। यह मौजूदा 33 सैनिक स्कूलों के अतिरिक्त बनने वाले विद्यालय हैं, जो पहले से ही पूर्ववर्ती पैटर्न के तहत कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। सैनिक स्कूल मूल रूप से देश की रक्षा सेवाओं में योग्य अधिकारी तैयार करने के लिए बनाए गए स्कूल हैं। यह आवासीय विद्यालय होते हैं। सैनिक स्कूल का संचालन रक्षा मंत्रालय के अधीन, सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा किया जाता है। ये स्कूल अंग्रेजी माध्यम मेंशिक्षा प्रदान करते हैं तथा CBSE पाठ्यक्रम का अनुसरण करते हैं।
जापान में भूकंप के 21 झटकों से मची तबाही, अंधेरे में डूबे 34 हजार घर, अब सुनामी का खतरा
जापान में सोमवार को 90 मिनट के अंदर रिक्टर स्केल पर 4.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप के 21 झटके महसूस किए गए. एक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.6 मापी गई. समुद्र में ऊंची लहरें उठने के बाद देश के उत्तर-पश्चिमी तटीय इलाके में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है और लोगों को यहां से बाहर निकाला जा रहा है. जापान के मौसम विभाग ने इशिकावा प्रांत के नोटो शहर में एक बड़ी सुनामी की चेतावनी जारी है, जिसमें लगभग 5 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है.
सिलसिलेवार भूकंपीय गतिविधियों के बाद 34,000 घरों में बिजली की आपूर्ति बंद हो गई है. मध्य जापान में कई प्रमुख राजमार्ग बंद करने पड़े हैं, क्योंकि भूकंप के कारण सड़कों में बड़ी दारारें पड़ गई हैं. फुकुई प्रांत (फुकुई प्रीफेक्चर जापान के होंशू द्वीप का हिस्सा है) में फायर डिपार्टमेंट और स्थानीय सरकार के अनुसार, कम से कम 5 लोग घायल भी हुए हैं. सभी को मामूली चोटें आई हैं. रूस की समाचार एजेंसी ताश के मुताबिक जापान के करीब स्थित देश के पश्चिमी तट के कुछ हिस्से सुनामी के खतरे में हैं और स्थानीय आबादी को बाहर निकाला जा रहा है.
भारतीय दूतावास ने शुरू की इमरजेंसी हेल्पलाइन सर्विस
दक्षिण कोरिया के मौसम विज्ञान ने सोमवार को कहा कि जापान में आए भूकंप के बाद पूर्वी तट पर गैंगवोन प्रांत के कुछ हिस्सों में समुद्र का जल स्तर बढ़ सकता है. एनएचके पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा कि अधिकारी भूकंप से हुए नुकसान आकलन कर रहे हैं. नागरिकों को भूकंप के और संभावित झटकों के लिए तैयार रहने की जरूरत है. पीएम किशिदा ने कहा, 'मैं उन क्षेत्रों के लोगों से आग्रह करता हूं जहां सुनामी आने की आशंका है, वे जल्द से जल्द इलाके से बाहर चले जाएं'. जापान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया है. किसी भी सहायता के लिए भारतीय नागरिक निम्निलिखित आपातकालीन नंबरों और ईमेल आईडी पर संपर्क कर सकते हैं.
इशिकावा और निगाटा में हाई स्पीड रेल सेवाएं प्रभावित
जापान ने इशिकावा प्रांत के लिए हाई स्पीड रेल सेवाएं निलंबित कर दी हैं. टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने इशिकावा और निगाटा में फोन और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की सूचना दी है. जापान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएचके द्वारा प्रसारित फुटेज में तटीय शहर सुजु में धूल के गुबार के बीच एक इमारत ढहती दिखाई पड़ी. वहीं कानाजावा शहर के निवासी मेजों के नीचे दुबके हुए दिखे. भूकंप से राजधानी टोक्यो में भी इमारतें हिल गईं. जापानी एयरलाइन एएनए ने भूकंप के बाद टोयामा और इशिकावा हवाई अड्डों की ओर जाने वाले चार विमानों को बीच रास्ते से ही वापस लौटा दिया. जापान एयरलाइंस ने अगले आदेश तक के लिए निगाटा और इशिकावा क्षेत्रों के लिए अपनी अधिकांश उड़ानें रद्द कर दी हैं.
जांच में सुरक्षित पाए गए जापान के न्यूक्लियर पावर प्लांट
जापान के परमाणु प्राधिकरण ने कहा है कि तटीय इलाकों में स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी भी अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है. इनमें फुकुई प्रांत में कंसाई इलेक्ट्रिक पावर के ओही और ताकाहामा न्यूक्लियर पावर प्लांट के पांच एक्टिव रिएक्टर भी शामिल हैं. इशिकावा के होकुरिकु में स्थित शिका प्लांट ने नियमित निरीक्षण के लिए भूकंप आने से पहले ही अपने दो रिएक्टरों को बंद कर दिया था. यह न्यूक्लियर पावर प्लांट भूकंप के केंद्र के सबसे करीब स्थित था. अधिकारियों के मुताबिक इस पर भूकंप का कोई प्रभाव नहीं देखा गया है. बता दें कि 11 मार्च, 2011 को जापान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक बड़ा भूकंप और सुनामी आई थी. इस त्रासदी में लगभग 20,000 लोग मारे गए थे. फुकुशिमा न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भी खतरा मंडराने लगा था.
राम भक्तों को रेलवे का तोहफा; अयोध्या के लिए चलाई जाएंगी स्पेशल ट्रेनें, क्यों बिहार वालों की मौज
22 जनवरी को अयोध्या के भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है जिसे लेकर तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में दुनिया भर की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल होने वाली हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उद्घाटन के बाद हजारों की संख्या में भक्त भी राम मंदिर का दर्शन करने पहुंचेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए लोगों की यात्रा को सहज बनाने के लिए भारतीय रेलवे अभी से तैयारियों में जुट गया है। रेलवे की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों से अयोध्या के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
अकेले बिहार से 100 ट्रेनें अयोध्या के लिए फर्राटा भरेंगी। साथ ही राज्य के सभी 38 जिलों में से प्रत्येक से तीन ट्रेनें चलाने का प्लान है। इस दौरान जो स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी वो उसी रूट से दौड़ेंगी जिनसे सामान्य रेलगाड़ियां चलती हैं। राम भक्त आसानी से अयोध्या पहुंच सकें, इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। बताया जा रहा है कि स्पेशल ट्रेनों में से कुछ अयोध्या धाम स्टेशन के पास वाले स्टेशनों पर रूकेंगी जैसे कि वाराणसी, गोरखपुर और लखनऊ। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि बहुत अधिक संख्या में एकसाथ भक्तों के अयोध्या पहुंचने पर किसी तरह की दिक्कत न हो।
अयोध्या में भक्तों के ठहरने की व्यवस्था
अयोध्या में भक्तों के ठहरने की भी व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के पास श्री राम पथ पर तीन मंजिला धर्मशाला बनाई गई है। यहां पर हजारों की संख्या में लोग ठहर सकते हैं। मालूम हो कि अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का विस्तार किया जा चुका है। अब यहां तीन की जगह 6 प्लेटफार्म हैं। साथ ही उन्हें खूबसूरती से सजाया गया है। नए सिरे से तैयार अयोध्या रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा, बच्चों की देखभाल के लिए कमरे और पूजा सामग्री की जरूरतों के लिए दुकानों समेत कई आधुनिक सुविधाएं हैं। राम मंदिर से पैदल दूरी पर स्थित स्टेशन पर तीन मंजिला इमारत और नई सुविधाओं के निर्माण पर 241 करोड़ रुपये की लागत आई। रेलवे ने कहा कि नए स्टेशन भवन में यात्रियों की आवाजाही के लिए ज्यादा जगह होगी।
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