छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में कल होगा मंत्रिमंडल का गठन विष्णु देव साय का दिल्ली जाना टला !
राज्य मंत्रिमंडल का शुक्रवार को विस्तार की चर्चा है। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में हो सकता है। बताया गया कि सीएम विष्णु देव साय का कल दिल्ली जाने की संभावना थी लेकिन उनका कार्यक्रम टल गया। इसके बाद मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चा है कि शुक्रवार को सुबह पौने 12 बजे नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। सूत्रों से जानकारी आ रही है कि मंत्रिमंडल शपथग्रहण समारोह के कार्ड भी छप गए है और अगले एक घंटे में कार्ड वितरित होने चले जाएंगे।
दीपक बैज हुए लोकसभा से निलंबित , सदन से अब तक 100 सांसदों का हो चूका है निलंबन
संसद का शीतकालीन सत्र जारी है, लेकिन यह अपने शुरुआत के दिन से हंगामेदार रहा है गुरुवार को एक बार फिर कांग्रेस के तीन सांसदों का निलंबन किया गया l संसद में अपमे अमर्यादित व्यवहार के कारण गुरुवार को शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए तीन सांसद लोकसभा से निलंबित कर दिए गए l इससे अब निचले सदन में ऐसे सदस्यों की कुल संख्या 100 हो गई है जिनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई है l
संसदीय कार्य मंत्री ने पेश किया निलंबन प्रस्ताव
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने डी के सुरेश, दीपक बैज और नकुल नाथ के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया. जोशी ने कहा कि, "इस सदन ने दीपक बैज, डी के सुरेश, नकुल नाथ के कदाचार को गंभीरता से लिया है. उन्होंने सदन और अध्यक्ष के अधिकार की घोर अवहेलना की. उन्होंने तख्तियां दिखाई और सदन के वेल में प्रवेश कर गए इस कारण से इन्हें सदन से निलंबित किया जा रहा है l इससे पहले दिन में, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तीनों सांसदों को सदन में विरोध करने की चेतावनी दी थी l
प्रश्नकाल में गूंजे नारे
गुरुवार सुबह जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने सदन से बड़ी संख्या में सांसदों के निलंबन के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा और संसद सुरक्षा उल्लंघन मुद्दे पर चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की. प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के नारे की भेंट चढ़ गया l
CG News: किरण देव सिंह बने छत्तीसगढ़ BJP के प्रदेश अध्यक्ष,अरुण साव को डिप्टी सीएम बनाए जाने के बाद संगठन में बदलाव
रायपुर। CG News: छत्तीसगढ़ में किरण देव सिंह को बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
बीजेपी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अरुण साओ को डिप्टी सीएम बनाए जाने के बाद संगठन में पहली यह बदलाव किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किरण देव सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। खबर है कि प्रदेश के 3 महामंत्री भी जल्द ही बदले जा सकते हैं।
संगठन के कई पदों रह चुके किरण देव
किरण देव सिंह बस्तर संभाग की अनारक्षित सीट जगदलपुर से विधायक है। इससे पहले वे जगदलपुर नगर निगम के महापौर रह चुके हैं। भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले सिंह पार्टी की बस्तर जिला इकाई के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह 2009 में 2014 तक जगदलपुर नगर निगम के महापौर रहे। वह भाजपा संगठन में और भी कुछ दायित्वों को संभाल चुके हैं।
बीजेपी ने सामान्य वर्ग को दिया मौका
बीजेपी ने इस बाद सामान्य वर्ग को प्रदेश बीजेपी इकाई जिम्मेदारी दी है। इससे पहले ओबीसी और आदिवासी को प्रदेश बीजेपी की जिम्मेदारी दी गई। ओबीसी वर्ग से धरमलाल कौशिक और अरुण साव प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसी के साथ नंदकुमार साय, विष्णुदेव साय और विक्रम उसेंडी आदिवासी वर्ग से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इससे पहले डॉ. रमन सिंह सामान्य वर्ग से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
CM विष्णुदेव साय ने दी बधाई
किरण देव को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सीएम विष्णुदेव साय ने बधाई दी। सीएम ने कहा कि मुझे आशा नहीं, अपितु विश्वास है। किरण देव के कुशल नेतृत्व में निश्चित ही पार्टी नई ऊंचाइयों को छुएगी।
छग विधानसभा में 12,992 करोड़ रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित, देखिये कौन कौन सी योजनाएं है शामिल
रायपुर। : छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) में आज वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 12,992 करोड़ 70 लाख 98 हजार 800 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट (second supplementary budget) ध्वनि मत से पारित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Chief Minister Vishnu Dev Sai) ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमारे घोषणा पत्र में जनता से किए गए वायदों को पूरा करने की शुरूआत, हम इस अनुपूरक बजट के माध्यम से करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष की उम्र में मेरे सिर से पिता का साया उठ गया था, लेकिन मैं प्रदेश के युवाओं को यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं एक पिता और एक पालक के रूप में आपकी बेहतरी के लिए सदैव काम करता रहूंगा। प्रदेश की बहनों की सुरक्षा-समृद्धि के लिए एक भाई की तरह तत्पर रहूंगा। अपने पुत्र धर्म का निर्वाह करते हुए प्रदेश के सभी बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं सुविधाओं के लिए सदैव प्रयासरत रहूंगा। मैं छत्तीसगढ़ के हर नागरिक की बेहतरी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने में कभी पीछे नहीं हटूंगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता से प्राप्त अभूतपूर्व समर्थन के लिए आम जनता का आभार व्यक्त किया।
खेलने की उम्र में कहलाएंगे कॉन्स्टेबल, SP रामगोपाल गर्ग ने पेश की मिशाल, दो बच्चों को दी अनुकंपा नियुक्ति
दुर्ग : छत्तीसगढ़ पुलिस के अभिनव पहल से दुर्ग एसपी रामगोपाल गर्ग (Durg SP Ramgopal Garg) ने दो बच्चों को बाल आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किया, सात साल की अंजनी भट्ट और पांच साल की विवान भास्कर के बच्चे को आरक्षक के रूप में नियुक्ति मिली है। खेलने की उम्र में अब ये मासूम बच्चा पुलिस विभाग में बाल कॉन्स्टेबल कहलाएगा। दोनों बच्चे 18 उम्र पार करने के बाद वह अपने पिता के स्थान पर नौकरी करने लगेगी। यह छत्तीसगढ़ पुलिस का दो सबसे नन्हा कॉन्स्टेबल बन गया है। खास बात यह रही कि नियुक्ति पत्र देते समय जब एसएसपी ने बाल कॉन्स्टेबल से पूछा की पुलिस की नौकरी करोगे तो बालक ने हां कहा और दोनों हाथ जोड़कर नमस्ते किया। इस दौरान मां की आंखों में आंसू भी छलक आए।
दरअसल एसएसपी रामगोपाल गर्ग ने आज 5 साल की विवान भास्कर से पहले बहुत ही आत्मीयता के साथ बीत की। उसके बाद नियुक्ति आदेश पत्र सौपा। एसएसपी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि विवान को बाल आरक्षक के रुप में भर्ती की गई है। बच्ची के पिता की असामयिक निधन के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। मां के साथ एसएसपी कार्यालय में पहुंची बच्ची को दुलार करते हुए उसे बताया कि अब आप भी पुलिस बन गई हो। परिवार को किसी भी प्रकार की आवश्यकता में दुर्ग पुलिस द्वारा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। दिवंगत आरक्षक राजकुमार भास्कर के आकस्मिक निधन पर परिवार के सदस्यों से मिलकर सांत्वना दी। एसएसपी की आत्मीय व्यवहार व अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए परिजनों ने आभार जताया। आपको बता दे की दुर्ग एसएसपी रामगोपाल गगने कल ही 7 साल की बच्ची अंजनी भट्ट को बल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किया था,वही एसएसपी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि हमारे पुलिस विभाग में कोई भी पुलिस कर्मी आकस्मिक में निधन हो जाती है, तो उन्हें अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है,इसी के चलते 18 वर्ष से कम के बच्चे हैं, उन्हें बाल आरक्षक के पद पर भर्ती दी जाती है, अंजलि भट्ट उनकी उम्र 7 वर्ष और विवान भास्कर उम्र 5 वर्ष हैं दोनों को बल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है।
वही बाल आरक्षक की मां अंजू भास्कर का कहना है कि उनके पति आरक्षक राजकुमार भास्कर निवासी बेमेतरा के हैं,पति की मौत के बाद पत्नी अंजू भास्कर ने अपने 5 वर्षीय बेटा विवान भास्कर को पुलिस की नौकरी दिलाने की ठानी। जिला बेमेतरा में पद खाली न होने पर दुर्ग ज़िले में पदस्थाना के निर्देश प्राप्त हुए। गुरुवार को दुर्ग एसएसपी रामगोपाल गर्ग ने आवश्यक कार्रवाई कराते हुए मां की उपस्थिति में पांच वर्ष के बालक को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति का पत्र सौंपा है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र Live : सदन नियम और कानून से चलता है- बृजमोहन अग्रवाल, किसान आत्महत्या पर हुई तीखी बहस
विधानसभा अपडेट्स:
• अजय चंद्राकर ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव का उल्लेख नहीं था; विधायक लखेश्वर बघेल ने किसान आत्महत्या मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराए जाने की मांग की थी।
• पूर्व सीएम भूपेश बघेल - भले ही उल्लेख ना किया हो, लेकिन नई सरकार आने के बाद अगर ऐसी घटना घटी है तो इसपर चर्चा कराई जानी चाहिए।
• बृजमोहन अग्रवाल ने कहा - सदन नियम और कानून से चलता है। ध्यानाकर्ण और स्थगन पर इस पर चर्चा कराने का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए सदन के कानून को समझते हुए सीधे अनुपूरक बजट पर चर्चा की जानी चाहिए।
• नेता प्रतिपक्ष ने बोला - अगर 5 मिनट की चर्चा किसी गरीब के लिए की जाए तो इसमें आखिरकार क्या परेशानी है। कवासी लखमा ने कहा - एक आदिवासी किसान विधानसभा के पहले आत्महत्या किया है नियम शिथिल करने की मांग कर रहे हैं।
• आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा - सदन के भीतर मोबाइल फोन वर्जित है, न मोबाइल फोन लेकर आएं और न ही इस्तेमाल करें। इससे पहले सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही शुरू होते ही किसान आत्महत्या मामले पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।
पिछले सत्र के आखिरी दिन, किसान आत्महत्या के मामले पर विपक्ष ने ऐतिहासिक हंगामा किया। स्थगन प्रस्ताव को लेकर प्रतिष्ठान्ता भरे तरीके से उठाए गए सवालों के बाद, जब सदन ने प्रस्ताव को अस्वीकार किया, तो विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस के दौरान, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने यह कहा कि इस मुद्दे पर पहले से ही चर्चा की गई थी और स्थगन प्रस्ताव का कोई उल्लेख नहीं है। साथ ही, अल्प सूचना में सत्र आहूत की गई, जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने हंगामा करते हुए सदन से वाक आउट कर दिया।
क्या होता है अनुपूरक बजट
छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार ने कामकाज के लिए अनुपूरक बजट की मांग की है। जब विभागों को बजट सत्र में आवंटित राशि कम पड़ जाती है तो ऐसे में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले ही एक बजट लेकर आती है। इसे ही अनुपूरक बजट कहते हैं। आमतौर पर वित्तीय वर्ष पूरा होने से पहले ही अनुपूरक बजट लाया जाता है।
क्या बिजली बिल हाफ योजना बंद होगी, इसे स्पष्ट करें - कांग्रेस
विधानसभा के आखिरी दिन, अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीव्र नोकझोंक जारी है। कांग्रेस सदस्य उमेश पटेल ने बिजली बिल हाफ योजना के बंद होने पर उठाए गए सवालों के माध्यम से विपक्षी दलों की चुनौती को और भी तेज़ किया है। इसके बावजूद, भाजपा सदस्यों ने इसे ठगवा सरकार बताते हुए उत्तर दिया है।
उमेश पटेल के तंज को महसूस करते हुए भाजपा सदस्यों ने कहा, "यह भगवा नहीं ठगवा सरकार है।" इस बहस के चलते सदन में हंगामा बढ़ गया, और जय श्रीराम के नारों के साथ हंगामा ने रूप बदल लिया।
कांग्रेस ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए, जैसे कि धान खरीदी, महतारी वंदना योजना, आवास योजना, और बेरोजगारी भत्ता। उनका कहना है कि अनुपूरक में धान खरीदी का कोई विशेष प्रावधान नहीं है, जिसे लेकर उन्होंने सरकार को जवाबी कदम उठाने की आवश्यकता होने का दावा किया है।
यह विवाद से भरी बहस के बावजूद, सदन में एक नई दिशा आ सकती है, जिसमें विभिन्न दलों के बीच सहमति की कोशिश की जा सकती है, ताकि राज्य के लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालकों के निलंबन पर कोर्ट ने लगाई रोक, पूर्व सरकार में किए गए थे निलंबित
रायपुरl कोर्ट ने हाल ही में सभी अफसरों की निलंबन कार्रवाई को खत्म करके उन्हें पुन: उन्हीं जगहों पर पदस्थ रहने (रि-स्टे करना) के निर्देश दिए हैं, जहां ये अधिकारी कार्यरत थे। इस निर्णय से रायपुर संभाग के के तत्कालीन संयुक्त संचालक के.कुमार ने अब एससीईआरटी में संयुक्त संचालक का पदभार ग्रहण करने का निर्णय लिया है। साथ ही, सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक हेमंत उपाध्याय, बिलासपुर संभाग के संयुक्त जेके प्रसाद और दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक जीएस मरकाम की भी निलंबन कार्रवाई समाप्त हो गई है। इन अफसरों ने कोर्ट में निलंबन से बहाली के आवेदन को याचिका दी थी, और कोर्ट ने स्वीकार करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग को कारण बताते हुए निलंबन आदेश जारी करना चाहिए।
राज्य सरकार ने 90 दिनों के बाद भी किसी ठोस कारण की प्रस्तुति नहीं की है, और इसके परिणामस्वरूप कोर्ट ने निलंबन से बहाली के आवेदन को स्वीकार कर लिया है। पिछली सरकार ने पदोन्नत के बाद संशोधन करने का कारण किया था।
अधिकारिक सूत्रों की मानें के अनुसार, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कुछ मंत्रियों और नेताओं ने राजनीतिक दृष्टिकोण से इन अफसरों से सहायक शिक्षक से शिक्षक में पदोन्नत होने वाले शिक्षकों के पदस्थापना आदेश में संशोधन कराया था। इसके पश्चात, पूर्व प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला और सचिव डा. एस. भारतीदासन ने इस मामले में बिना किसी प्रमाण के सभी अधिकारियों को ही दोषी ठहराते हुए निलंबित कर दिया था। इस निर्णय में अफसरों ने स्वीकार किया कि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण विभाग में पदास्थापना आदेश में संशोधन किया गया है। इसका मतलब है कि शिक्षा विभाग द्वारा इन अफसरों पर लगाए गए आरोपों में कोई ठोसीन प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर में नक्सलियों ने दिया बड़ी घटना को अंजाम
सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. सुकमा में यात्री बस समेत 3 वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। नक्सलियों ने कोंटा के इंजरम के पास 1 यात्री बस और 2 ट्राला को आग के हवाले कर दिया है।
वहीं दूसरी तरफ बीजापुर में नक्सलियों ने चक्काजाम कर दिया है। नक्सलियों ने भैरमगढ़-बीजापुर के बीच बेलचर के नेशनल हाइवे पर पेड़ रखकर चक्काजाम किया है। रोड जाम होने के कारण आवागमन बाधित हो गया है, जिससे कि यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। इस घटना की जानकारी मिलते ही बीजापुर SP अंजनेय वार्ष्णेय ने मौके के लिए पुलिस बल को रवाना करने के आदेश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ में 21 क्विन्टल धान प्रति एकड़ धान खरीदेंगी सरकार 1 नवंबर से ही आदेश होगा लागू देखे आदेश
छत्तीसगढ़ सरकार 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी करेगी। इसे लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बुधवार रात आदेश जारी कर दिया है। धान खरीदी का आदेश 1 नवंबर 2023 से ही मान्य हो गया है। जो किसान पुराने नियम के हिसाब से धान बेच चुके हैं, वे भी अब निर्धारित पात्रता में बेच सकेंगे।

कांग्रेस का दामन छोड़े नन्द कुमार साय देखे क्या बोले साय...
कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता नंद कुमार साय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि चुनाव से ठीक पहले ही नंदकुमार साय ने भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थामा था। ज्ञात हो कि नंदकुमार साय ने जब कांग्रेस का दामन थामा तो भूपेश बघेल ने टिप्पणी करते हुए कहा था नंद कुमार साय को नमक नहीं लगता, क्योंकि ये नमक ही नहीं खाते।

गौरतलब है कि 1 मई को नंदकुमार साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। इस दौरान नंदकुमार साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई और लाल कृष्ण आडवाणी जैसे लोगों के साथ रहा हूं। अटल बिहारी वाजपेई को फॉलो करता था। अटल आडवाणी के दौर की को बीजेपी थी, वो पार्टी अब उस रूप में नहीं है। परिस्थितियां बदल चुकी है। भूपेश सरकार मैंने स्टडी की है, छत्तीसगढ़ में छोटे गांव और कस्बे अब शहर बन गए है। मैं आज की तारीख में बीजेपी के किसी के पद पर नहीं था, मैं एक सामान्य कार्यकर्ता था।
रायपुर में दिनदहाड़े व्यापारी पर हुई फायरिंग,आरोपी ने कट्टे से किया वार
राजधानी रायपुर में एक बार फिर गोली चलने की घटना सामने आई है। बदमाश इतने बेखौफ हो गए है कि उन्होंने पुलिस का भी डर नहीं रहे गए हैं । ओरोपी बेखौफ होकर सऱे आम गोलियां चला रहे है.ऐसी ही घटना तेलीबांधा क्षेत्र के लाभांड़ी में लगभग 11 बजे हुई है. जिसमें आरोपी अमन शर्मा ने रायपुर निवासी संदीप कुमार के ऊपर गोली चला दी है।
आज से विधानसभा सत्र शुरू मुख्यमंत्री साय पहुचे विधानसभा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छठवीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने विधानसभा पहुंचे है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन और अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें कि आज से शुरु होने वाले विधानसभा सत्र की कार्रवाई तीन दिनों तक चलेगी। सबसे पहले आज राज्यपाल का होगा अभिभाषण होगा। जिसके बाद 90 नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण होगा। लगभग 10 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश होगा।
छत्तीसगढ़ रायपुर में कल मंत्रिमंडल का होगा गठन तैयारी हुई शुरु कल शपथ ग्रहण
रायपुर। साय मंत्रिमंडल के विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। कल शाम को 8 मंत्री शपथ ले सकते हैं। कल से ही विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। नवनिर्वाचित विधायक कल ही विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेंगे। इसके बाद शाम को मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह होगा।
19 दिसंबर से शुरू होगा छत्तीसगढ़ के विधानसभा का शीतकालीन सत्र, नवनिर्वाचित विधायक लेंगे शपथ…
विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल 19 दिसंबर से शुरू होगा और 21 दिसंबर तक चलेगा। 19 से 21 दिसंबर तक कुल 3 बैठके होंगे। विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण होगा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल का अभिभाषण होगा। वहीं बताया जा रहा है कि 10 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश होगा।
रमन सिंह ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंहने बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है, रमन सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना त्याग पत्र प्रस्तुत किया है। जिसमें सिंह ने लिखा है कि-
वर्तमान में मैं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद का निर्वहन कर रहा हूँ, किन्तु भारतीय जनता पार्टी द्वारा मुझे छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष पद हेतु नामित किया गया है। अतः भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से मेरा त्यागपत्र सादर प्रस्तुत है, कृपया मेरा त्यागपत्र स्वीकार की जायें।आपको बता दें आज रविवार को डॉ. रमन को छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। डॉ. रमन सिंह को 2018 में भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। वे लगातार पांच सालों तक वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में लागू हो सकता नो रिपीट वाला गुजरात मॉडल...कैबिनेट विस्तार में चौंका सकते हैं कई नए चेहरे...यहां देखें पूरी सूची
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ में 19 दिसंबर से प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले सीएम विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल के विस्तार होने की अटकलों के बीच छत्तीसगढ़ में नो रिपीट वाला गुजरात मॉडल लागू किए जाने की चर्चा दिल्ली में चल पड़ी है। छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश और राजस्थान में सीएम के चुनाव में इसका असर भी दिखा है।
बता दें कि सीएम विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा के साथ इस वक्त दिल्ली में पार्टी दफ्तार में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर के साथ कैबिनेट विस्तार में शामिल होने वाले नामों पर मंथन कर रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अगर छत्तीसगढ़ में गुजरात मॉडल वाला नो रिपीट वाला फार्मूला लागू हुआ तो मंत्री बनने की दौड़ में शामिल कई पूर्व मंत्रियों को विधायक का पद ही नसीब होगा। उन्हें मंत्री पद की दौड़ से बाहर किया जा सकता है। इनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
गुजरात में लागू किया गया था नो रिपीट फार्मूला
बता दें कि भाजपा ने गुजरात में चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष सभी को बदल दिया था। सभी की जगह नए चेहरों को स्थान दिया था। गुजरात को भाजपा की सियासी प्रयोगशाला माना जाता है। यही वजह है कि 25 सदस्यों वाली गुजरात सरकार में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित नौ मंत्री पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर आए थे और उन्हें कैबिनेट में शामिल होने का मौका मिल गया।
गुजरात में बीजेपी का यह ‘नो रिपीट फार्मुला’ सफल भी रहा। दिल्ली के सूत्रों के अनुसार भाजपा के बड़े नेता बार-बार यह संकेत दे रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में भी पार्टी गुजरात माडल लागू कर सकती है। ऐसे में कई पूर्व मंत्रियों को शायद ही मंत्री बनने का अवसर मिले।
मंत्री पद की दौड़ में ये पूर्व मंत्री शामिल
बता दें छत्तीसगढ़ में विधानसभा सीटों के हिसाब से मुख्यमंत्री समेत 13 मंत्री ही हो सकते हैं। अब तक मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्री नियुक्त हो चुके हैं। बाकी 10 को मंत्री बनाना है मगर दावेदार 15 से अधिक है। मंत्री पद के दावेदारों में जिनके नाम शामिल बताए जा रहे हैं उनमें पूर्व मंत्री रामविचार नेताम, रेणुका सिंह, अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले, दयालदास बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, केदार कश्यप, लता उसेंडी प्रमुख हैं। इनमें से कुछ को क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरण के हिसाब से मंत्री मंडल में जगह मिल सकती है। बाकी नए नामों में विचार किया जा रहा है, जो चौंकाने वाले हो सकते हैं।
नए चेहरे –
1 ओपी चौधरी महामंत्री
2 किरण देव महामंत्री
3 गोमती साय
4 मोतीलाल साहू
5 आसाराम नेताम
6 खुशवंत गुरु साहिब
7 डीएल कोरसेवाड़ा
8 अनुज शर्मा
9 पुरंदर मिश्रा
10 भावना वोहरा
11 राजेश अग्रवाल
12 रिकेश सेन
