छत्तीसगढ़
दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित हुआ साउथ एशिया ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सपो 2025
SATTE 2025: पर्यटन स्थलों को प्रमोट करने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने बनाया विशेष स्टॉल
नवा रायपुर में देर रात शराबी चालकों पर बड़ी कार्रवाई, पुलिस का सख्त अभियान जारी!
शराब के नशे में पाए गए कई चालकों पर चालान और कानूनी कार्रवाई की गई।
कुछ वाहनों को जब्त भी किया गया।
संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।
नवा रायपुर: सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए नवा रायपुर पुलिस ने देर रात एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई की गई।
देर रात तक चला अभियान, कई वाहन जब्त
शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने नवा रायपुर में प्रमुख सड़कों और चौराहों पर नाकाबंदी की। इस दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों की जांच की और अल्कोहल टेस्टिंग मशीन से चालकों की जांच की। 23 नशेड़ी वाहन चालकों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रकरण निराकरण के लिए कोर्ट भेजा गया. इसके साथ सभी वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन कार्यालय भेजा जाएगा.
जनता को किया जागरूक, नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान सिर्फ दंड देने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को नशे में वाहन न चलाने के प्रति जागरूक करने के लिए भी चलाया जा रहा है।
"शराब पीकर गाड़ी चलाना न केवल खुद के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।" – पुलिस अधिकारी
आगे भी जारी रहेगा अभियान
शहर में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस लगातार ऐसे अभियान चलाती रहेगी। यदि कोई शराब पीकर वाहन चलाता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
छत्तीसगढ़ में विज्ञान और नवाचार की नई क्रांति: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बनेगी साइंस सिटी0
देखे छत्तीसगढ़ की दिनभर की प्रमुख खबरें
1. कांग्रेस में बड़े बदलाव की अटकलें
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं जोरों पर हैं। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पिछले 20 दिनों से राजधानी रायपुर से दूर हैं और बस्तर में मतदान के बाद से कोई महत्वपूर्ण बैठक नहीं हुई है। इससे पार्टी में संभावित परिवर्तनों की अटकलें तेज हो गई हैं।
2. पंचायत चुनाव का अंतिम चरण कल
राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का अंतिम चरण कल संपन्न होगा। डोंगरगांव और डोंगरगढ़ में सुबह 7 से शाम 3 बजे तक मतदान होगा, जिसमें लगभग 2.30 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
3. सेना की जमीन पर अवैध उत्खनन
बिलासपुर में सेना की जमीन पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। सेना के कमांडर ने इस पर रोक लगाने के लिए चार बार पत्र लिखा, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कॉलोनाइजर का दावा है कि उन्हें कलेक्टर से अनुमति मिली थी।
4. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव
कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होंगे। कोयलीबेड़ा और अंतागढ़ में 1.66 लाख मतदाता 315 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
5. शादी का झांसा देकर दुष्कर्म
कोंडागांव में एक युवती से शादी का झांसा देकर दो वर्षों तक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
6. अवैध शराब के साथ गिरफ्तारी
डोंगरगढ़ में पंचायत चुनाव से पहले मतदाताओं को शराब बांटने की तैयारी करते हुए एक सरपंच और भाजपा महामंत्री को 20 पेटी अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है।
7. नक्सली सामान की बरामदगी
सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के एक ठिकाने से हथियार, विस्फोटक और साहित्य बरामद किया है। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
8. स्वच्छ भारत मिशन में नई पहल
चिरमिरी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत महापौर ने शहर का दौरा किया और गार्बेज फ्री सिटी एवं ODF प्लस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
9. पंचायत चुनाव की तैयारियां
बलौदाबाजार-पलारी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के लिए 552 केंद्रों पर मतदान होगा, जिसमें 3.49 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
10. फेरी वाले से मारपीट और आगजनी
पलारी में एक बाइक सवार ने बिहार के गद्दा विक्रेता से मारपीट की और उसके सामान में आग लगा दी। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में राजनीतिक, सामाजिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे लगातार सामने आ रहे हैं, जिन पर प्रशासन और जनता की पैनी नजर है।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, नक्सली ठिकाने से हथियार और विस्फोटक बरामद
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के ठिकाने से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह अभियान चिंतागुफा थाना क्षेत्र के गुंडराजगुडेम गांव के पास स्थित जंगलों में चलाया गया, जहां माओवादियों द्वारा गुप्त रूप से हथियार जमा किए गए थे।
कैसे हुआ ऑपरेशन?
गुप्त सूचना के आधार पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 131वीं बटालियन, कोबरा की 203वीं बटालियन और जिला बल के जवानों ने संयुक्त रूप से यह अभियान शुरू किया। शुक्रवार को मेट्टागुड़ा स्थित नए शिविर से निकली टीम ने पहाड़ी और जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
क्या-क्या बरामद हुआ?
इस अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने दो देसी हथियार, 50 ग्राम विस्फोटक पाउडर, एक दूरबीन, 12 सीरिंज, माओवादी वर्दी, नक्सली साहित्य, डायरी और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए।
नक्सलियों पर बढ़ रहा है दबाव
हाल ही में मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस ने चार महिला नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया था, जो छत्तीसगढ़ की निवासी थीं। इन पर कुल 62 लाख रुपये का इनाम था। इनमें से एक कमांडर आशा थी, जिसके खिलाफ 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बढ़ती कार्रवाई से नक्सलियों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे वे पड़ोसी राज्यों में शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सख्ती जारी
इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद हैं और उनकी गतिविधियों पर लगातार शिकंजा कस रहे हैं। यह अभियान माओवादियों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और सुरक्षा बलों की तत्परता को दर्शाता है।
जेल के बाहर जश्न मनाना कांग्रेस नेताओं को पड़ा भारी देवेंद्र यादव, आकाश सहित 13 पर FIR दर्ज...
जेल से निकलते ही विधायक देवेंद्र यादव पर एक और FIR दर्ज हो गया है। पुलिस ने विधायक देवेंद्र यादव सहित 13 कांग्रेस नेताओं पर मामला दर्ज किया है। दरअसल कल देवेंद्र यादव की रिहाई के दौरान कांग्रेसियों ने रोड जाम कर दिया था।
यात्रियों की कमी से बंद हुई बिलासपुर-अंबिकापुर हवाई सेवा, दो महीने में ही थमी उड़ान
बिलासपुर। केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत शुरू की गई बिलासपुर-अंबिकापुर हवाई सेवा महज दो महीने में ही बंद हो गई है। यात्रियों की कमी के चलते यह सेवा पिछले दो दिनों से स्थगित है, जिससे यात्रियों को फिर से लंबी ट्रेन यात्रा का सहारा लेना पड़ रहा है।
19 दिसंबर को फ्लाई बिग एयरलाइन ने इस रूट पर 19-सीटर विमान की सेवा शुरू की थी, जिससे घंटों की रेल यात्रा एक घंटे से भी कम समय में पूरी हो सकती थी। शुरुआत में टिकट की कीमत 999 रुपये रखी गई थी, लेकिन यात्रियों की संख्या घटने के कारण सेवा बंद कर दी गई है।
हालांकि, फ्लाई बिग एयरलाइन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि उच्च किराए और सीमित यात्रियों की संख्या के कारण यह सेवा टिकाऊ नहीं रही। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सेवा फिर से शुरू होगी, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विधायक देवेंद्र यादव जेल से रिहा, साथ ही 112 अन्य व्यक्तियों को भी हाईकोर्ट से मिली जमानत, जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़....
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार हिंसा मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को सात महीने यानी 188 दिन बाद जेल से रिहाई मिली। सुप्रीम कोर्ट ने उनके जन्मदिन के अगले दिन, 20 फरवरी को जमानत मंजूर की। देवेंद्र यादव 17 अगस्त 2024 से जेल में थे। इसी केस में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चतुर्वेदी सहित 112 अन्य व्यक्तियों को भी हाईकोर्ट से जमानत दी गई है।
रिहाई के बाद, रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ उनका स्वागत करने के लिए उमड़ी। जेल से निकलने के बाद वे सीधे भिलाई पहुंचेगे, जहां खुर्सीपार में उनके सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस समारोह में बलौदाबाजार हिंसा मामले में रिहा हुए सतनामी समाज के लोग और यादव समाज के सदस्य शामिल होंगे।
घटना का विवरण
10 जून 2024 को बलौदाबाजार में सतनामी समाज ने जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना को लेकर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भड़काया और आंदोलन का समर्थन किया। इसी आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में देवेंद्र यादव की दलील
सुप्रीम कोर्ट में अपने बचाव में देवेंद्र यादव ने तर्क दिया कि वे केवल सभा में शामिल हुए थे, लेकिन मंच पर नहीं गए और न ही कोई भाषण दिया। ऐसे में यह कहना गलत होगा कि उन्होंने भीड़ को उकसाया। उन्होंने यह भी बताया कि जिस समय हिंसा हुई, उस वक्त वे वहां मौजूद नहीं थे। उनका कार्यक्रम हिंसा के समय से अलग था और उनकी गिरफ्तारी भिलाई स्थित उनके घर से हुई, जो घटनास्थल से काफी दूर था। देवेंद्र यादव ने पुलिस की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया और इसे पूरी तरह अनुचित करार दिया।
छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण पर कड़ा प्रहार: सरकार जल्द ला सकती है सख्त कानून, देखे क्या कहा कांग्रेस ने....
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण के मामलों पर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को साफ संकेत दिए कि जल्द ही राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन में शामिल संगठनों पर कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कुछ एनजीओ स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर विदेशी फंडिंग लेकर धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इस पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए कानून लाने की तैयारी कर रही है।
NGO की गहन जांच के आदेश
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर के पुलिस ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि कुछ सामाजिक संगठन स्वास्थ्य और चिकित्सा के नाम पर धर्मांतरण कर रहे हैं, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में कार्यरत उन एनजीओ की गहन जांच की जाएगी, जो विदेशी एजेंसियों से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस फंडिंग का इस्तेमाल किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मांतरण को जबरन या प्रलोभन के माध्यम से कराना न केवल अनैतिक है, बल्कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा, "हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, जहां हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार धर्म मानने की स्वतंत्रता है, लेकिन यदि अशिक्षा, गरीबी, चंगाई या अन्य किसी बहाने से धर्मांतरण कराया जाता है, तो यह कानूनन अपराध माना जाएगा।"
धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून की तैयारी
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि आगामी बजट सत्र में सरकार धर्मांतरण संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। इससे पहले भी राज्य में दो बार धर्मांतरण संशोधन विधेयक लाया गया था, लेकिन वह पारित नहीं हो सका। इस बार सरकार इसे पारित करवाने के लिए पूरी ताकत झोंक सकती है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कोई ऐसा कानून नहीं है, जो धर्मांतरण की प्रक्रिया को वैधानिकता प्रदान करता हो। नया प्रस्तावित कानून जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कराने वालों को कठोर सजा देने का प्रावधान करेगा।
सरकार की प्राथमिकता: सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना
मुख्यमंत्री साय ने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन अगर कोई संस्था धर्मांतरण के नाम पर समाज में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करती है, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि ऐसी गतिविधियों को जड़ से खत्म किया जा सके।
राजनीतिक टकराव तेज
धर्मांतरण को लेकर सरकार के रुख पर विपक्षी दल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "प्रदेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक भाजपा की ही सरकार रही है, तो सबसे ज्यादा धर्मांतरण किसके कार्यकाल में हुआ? यह सरकार नौटंकी बंद करे और असली काम पर ध्यान दे।"
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में धर्मांतरण को खुला समर्थन दिया गया था, जिसे अब खत्म किया जाएगा।
जल्द आ सकता है बड़ा फैसला
सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाने जा रही है, जिसमें धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा होगी। यदि नए कानून को मंजूरी मिलती है, तो छत्तीसगढ़ जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सबसे कठोर कानून बनाने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।
रशियन युवती मामले में वकील को कोर्ट ने दी जमानत वकील बोला.....
रायपुर में रशियन कॉल गर्ल केस में लड़की के साथ घूम रहे वकील को राहत मिली है। कोर्ट ने इसे जमानत दे दी है। रायपुर के VIP रोड पर एक्सीडेंट के बाद शख्स रशियन लड़की के साथ पकड़ा गया था। रशियन कॉल गर्ल (उज्बेकिस्तानी लड़की) ने वकील की कार से एक बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी थी, युवक की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
गर्लफ्रेंड से बायफ्रेंड और उसके दोस्तों ने किया दुष्कर्म युवती ने कर लिया सुसाइड
छत्तीसगढ़ के भिलाई में नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। भिलाई स्थित स्मृति नगर चौकी क्षेत्र में जिस नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्क*र्म की घटना हुई, उसने बाद में फां*सी लगाकर आत्म*ह*त्या कर ली है।
छत्तीसगढ़ में तीन दिन बारिश का अलर्ट: बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग होंगे तरबतर, तापमान में आएगी गिरावट
छत्तीसगढ़ में मौसम में लगातार परिवर्तन देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 फरवरी से 22 फरवरी 2025 के बीच बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके पश्चात, अगले तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।
पिछले 24 घंटों का तापमान विश्लेषण:
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बालोद: प्रदेश में बुधवार को बालोद जिला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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अंबिकापुर: सबसे ठंडा स्थान अंबिकापुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रायपुर में तापमान सामान्य से अधिक:
बुधवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक था। आज मौसम साफ रहने की संभावना है, और दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
बिलासपुर में भी धूप की तीव्रता बढ़ी:
बुधवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक था।
सरगुजा संभाग में तापमान स्थिर:
सरगुजा संभाग के जिलों में दिन और रात का तापमान स्थिर बना हुआ है। बुधवार को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान:
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के इस परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें और आवश्यकतानुसार तैयारी करें।
विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत बालोदबाजार हिंसा केस में 7 माह से थे जेल में बंद...
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. बीते सात महीनों से बलौदाबाजार अग्निकांड मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में कैद देवेंद्र यादव को कागजी कार्यावही के बाद शुक्रवार शाम तक रिहा किया जाएगा
छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव: दूसरे चरण की वोटिंग 20 फरवरी को, 43 विकासखंडों में 46.83 लाख मतदाता करेंगे मतदान
रायपुर: छत्तीसगढ़ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 20 फरवरी, गुरुवार को होगा। इस चरण में प्रदेश के 43 विकासखंडों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, इस चरण में कुल 46,83,736 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य चुनाव आयुक्त अजय सिंह ने पंचायत चुनाव के संबंध में पूरी जानकारी दी है।
इस चरण में 26,988 पंच पदों, 3,774 सरपंच पदों, 899 जनपद सदस्य पदों और 138 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए मतदान होगा। कुल मिलाकर, 65,716 प्रत्याशी पंच पद, 15,217 प्रत्याशी सरपंच पद, 3,885 प्रत्याशी जनपद सदस्य और 699 प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मैदान में हैं।
मतदाता संख्या और मतदान केंद्र
इस चरण में कुल 46,83,736 मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 23,17,492 पुरुष, 23,66,157 महिलाएं और 87 अन्य शामिल हैं। मतदान के लिए 43 विकासखंडों में कुल 9,738 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मतदान दल अपने-अपने मतदान केंद्रों तक पहुंच चुके हैं।
वोटिंग समय
वोटिंग का समय बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुबह 6:45 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि बाकी इलाकों में मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, खासकर बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहां पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
जिन इलाकों में मतदान होगा
दूसरे चरण में जिन जिलों और विकासखंडों में मतदान होगा, उनमें बिलासपुर, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, मुंगेली, जांजगीर चांपा, कोरबा, रायगढ़, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुन्द, धमतरी, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, खैरागढ़, मोहला मानपुर, कबीरधाम, कोण्डागांव, बस्तर, उत्तर बस्तर कांकेर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के विकासखंड शामिल हैं।
अंतिम चरण की वोटिंग
छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव का तीसरा और अंतिम चरण 23 फरवरी को संपन्न होगा, जिसमें बाकी जिलों में मतदान होगा।
मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए समय से मतदान केंद्रों पर पहुंचे और शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में भाग लें।
शराब पीने पर पिता की डांट, 19 वर्षीय युवक ने की आत्महत्या..
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 19 वर्षीय युवक ने पिता की डांट के बाद आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवक ने अपने माता-पिता से कपड़े खरीदने के लिए पैसे मांगे थे, लेकिन उसने वह रकम शराब पर खर्च कर दी। जब पिता को इस बात का पता चला, तो उन्होंने उसे समझाया और डांटा, जिसके बाद उसने यह घातक कदम उठा लिया।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पकरिया गांव (उरगा थाना क्षेत्र) में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 19 वर्षीय विकास पटेल ने पिता की डांट से आहत होकर फांसी लगा ली। सोमवार को विकास ने अपने माता-पिता से नए कपड़े खरीदने के लिए ₹2,000 लिए थे, लेकिन उसने वह रकम शराब पर खर्च कर दी। पंचायत चुनाव में मतदान करने के बाद जब माता-पिता घर लौटे, तो उन्होंने उसे नशे की हालत में पाया। यह देखकर पिता साधराम पटेल नाराज हो गए और उसे डांटते हुए समझाया कि अगर वह इतनी कम उम्र में शराब की लत में पड़ गया, तो उसका भविष्य खराब हो सकता है। इस बात से आहत होकर विकास ने अपने कमरे में जाकर छत के पंखे से फांसी लगा ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शराब की लत युवाओं के लिए खतरा!
यह घटना युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और इसके गंभीर परिणामों को दर्शाती है। कम उम्र में शराब की लत न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन को बर्बाद कर सकती है, बल्कि परिवार को भी गहरे सदमे में डाल सकती है।
समाज और परिवार को चाहिए कि वे बच्चों को सही मार्गदर्शन दें और भावनात्मक रूप से उन्हें मजबूत बनाने की कोशिश करें।
छत्तीसगढ़ में नया दुकान अधिनियम लागू: अब 24x7 खुलेंगी दुकानें
नए नियमों के तहत दुकानें सातों दिन 24 घंटे खुली रह सकेंगी, कर्मचारियों के रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन होगा, और पंजीयन शुल्क को तर्कसंगत बनाया गया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने छोटे दुकानदारों को राहत देने और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 और नियम 2021 को पूरे राज्य में लागू कर दिया है। इसके साथ ही पुराना अधिनियम 1958 और नियम 1959 को निरस्त कर दिया गया है।
नई व्यवस्था में क्या बदलेगा?
1️⃣ अब दुकानें सप्ताह में सातों दिन और 24 घंटे खुली रह सकेंगी
पहले दुकानों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से बंद रखना पड़ता था, लेकिन अब वे पूरे हफ्ते और 24x7 खुली रह सकती हैं। हालांकि, कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देना जरूरी होगा।
2️⃣ महिला कर्मचारियों के लिए बढ़ी सुरक्षा, रात में भी काम की अनुमति
नई व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारी अब रात में भी काम कर सकेंगी, लेकिन उनके लिए सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
3️⃣ डिजिटल होगा कर्मचारियों का रिकॉर्ड
- सभी दुकानों और स्थापनाओं को अपने कर्मचारियों का डेटा डिजिटल रूप से मेंटेन करना होगा।
- हर साल 15 फरवरी तक कर्मचारियों की वार्षिक जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
4️⃣ पंजीयन शुल्क में बढ़ोतरी, लेकिन छोटे दुकानदारों को राहत
- पहले पंजीयन शुल्क ₹100 से ₹250 तक था, जिसे अब ₹1,000 से ₹10,000 तक किया गया है।
- 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली दुकानें ही अधिनियम के दायरे में आएंगी, जबकि पहले सभी दुकानें (बिना किसी कर्मचारी के भी) नियमों के अंतर्गत आती थीं।
5️⃣ श्रम विभाग करेगा पंजीयन, नगरीय निकाय की भूमिका खत्म
पहले नगरीय निकाय पंजीयन की जिम्मेदारी संभालते थे, लेकिन अब यह कार्य श्रम विभाग के तहत आएगा।
13 फरवरी 2025 की अधिसूचना के अनुसार, सभी पात्र दुकानों को 6 महीने के भीतर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जो श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in के माध्यम से किया जा सकेगा।
6️⃣ जुर्माने में बढ़ोतरी, लेकिन कोर्ट से बचने का विकल्प मिलेगा
- नए अधिनियम में जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है, लेकिन अपराधों को कम्पाउंड करने (समझौता करने) की सुविधा भी दी गई है।
- इससे दुकानदारों और व्यापारियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचने का मौका मिलेगा।
- निरीक्षकों की जगह अब फैसिलिटेटर और मुख्य फैसिलिटेटर नियुक्त किए जाएंगे, जो व्यापारियों को बेहतर मार्गदर्शन देंगे।
छोटे दुकानदारों को कैसे मिलेगा फायदा?
✅ पहले से पंजीकृत दुकानों को 6 महीने के भीतर श्रम पहचान संख्या (LIN) के लिए आवेदन करना होगा, लेकिन इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
✅ 6 महीने बाद आवेदन करने पर शुल्क लागू होगा, जिससे दुकानदारों को समय पर पंजीयन कराने का लाभ मिलेगा।
✅ नए नियमों से पंजीयन प्रक्रिया आसान होगी और छोटे दुकानदारों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी।
क्या कहती है सरकार?
श्रम विभाग का कहना है कि इस बदलाव से व्यापारियों और कर्मचारियों दोनों को लाभ मिलेगा। एक तरफ छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी, तो दूसरी ओर कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ में नए अधिनियम के लागू होने के बाद, व्यापार जगत और कर्मचारियों के लिए एक संतुलित और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ मेडिकल पीजी प्रवेश में गड़बड़ी पर हाई कोर्ट की सख्ती, काउंसलिंग पर रोक
मुख्य बिंदु:
- याचिकाकर्ताओं ने अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी का लाभ दिए जाने का आरोप लगाया।
- हाई कोर्ट ने काउंसलिंग पर तत्काल रोक लगाई, अगली सुनवाई 25 फरवरी को।
- महाधिवक्ता ने भी अनियमितताओं की पुष्टि की, कोर्ट ने दिया विस्तृत जांच का निर्देश।
- आदेश सिर्फ याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी समान स्थिति वाले उम्मीदवारों पर लागू होगा।
जानिए पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए काउंसलिंग पर रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
याचिकाकर्ता डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने आरोप लगाया कि मेडिकल पीजी प्रवेश की काउंसलिंग में कई अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी का लाभ दिया गया। नियमानुसार, इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी 2024 तक तीन साल की सेवा पूरी करना अनिवार्य था, लेकिन अधिकारियों ने सेवा अवधि की गणना कटऑफ तिथि से आगे बढ़ा दी, जिससे अयोग्य उम्मीदवारों को लाभ मिला।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि एक निजी उम्मीदवार को गलत तरीके से सेवारत श्रेणी में प्रमाणित किया गया। जांच में सामने आया कि यदि सेवा अवधि की गणना सही कटऑफ तारीख तक की जाती, तो संबंधित उम्मीदवार पात्र नहीं होता।
शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई में शिकायत को मजबूत पाया। महाधिवक्ता ने भी कोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि की, जिसके बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा।