छत्तीसगढ़
यात्रियों की कमी से बंद हुई बिलासपुर-अंबिकापुर हवाई सेवा, दो महीने में ही थमी उड़ान
बिलासपुर। केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत शुरू की गई बिलासपुर-अंबिकापुर हवाई सेवा महज दो महीने में ही बंद हो गई है। यात्रियों की कमी के चलते यह सेवा पिछले दो दिनों से स्थगित है, जिससे यात्रियों को फिर से लंबी ट्रेन यात्रा का सहारा लेना पड़ रहा है।
19 दिसंबर को फ्लाई बिग एयरलाइन ने इस रूट पर 19-सीटर विमान की सेवा शुरू की थी, जिससे घंटों की रेल यात्रा एक घंटे से भी कम समय में पूरी हो सकती थी। शुरुआत में टिकट की कीमत 999 रुपये रखी गई थी, लेकिन यात्रियों की संख्या घटने के कारण सेवा बंद कर दी गई है।
हालांकि, फ्लाई बिग एयरलाइन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि उच्च किराए और सीमित यात्रियों की संख्या के कारण यह सेवा टिकाऊ नहीं रही। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सेवा फिर से शुरू होगी, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विधायक देवेंद्र यादव जेल से रिहा, साथ ही 112 अन्य व्यक्तियों को भी हाईकोर्ट से मिली जमानत, जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़....
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार हिंसा मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को सात महीने यानी 188 दिन बाद जेल से रिहाई मिली। सुप्रीम कोर्ट ने उनके जन्मदिन के अगले दिन, 20 फरवरी को जमानत मंजूर की। देवेंद्र यादव 17 अगस्त 2024 से जेल में थे। इसी केस में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चतुर्वेदी सहित 112 अन्य व्यक्तियों को भी हाईकोर्ट से जमानत दी गई है।
रिहाई के बाद, रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ उनका स्वागत करने के लिए उमड़ी। जेल से निकलने के बाद वे सीधे भिलाई पहुंचेगे, जहां खुर्सीपार में उनके सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस समारोह में बलौदाबाजार हिंसा मामले में रिहा हुए सतनामी समाज के लोग और यादव समाज के सदस्य शामिल होंगे।
घटना का विवरण
10 जून 2024 को बलौदाबाजार में सतनामी समाज ने जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना को लेकर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भड़काया और आंदोलन का समर्थन किया। इसी आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में देवेंद्र यादव की दलील
सुप्रीम कोर्ट में अपने बचाव में देवेंद्र यादव ने तर्क दिया कि वे केवल सभा में शामिल हुए थे, लेकिन मंच पर नहीं गए और न ही कोई भाषण दिया। ऐसे में यह कहना गलत होगा कि उन्होंने भीड़ को उकसाया। उन्होंने यह भी बताया कि जिस समय हिंसा हुई, उस वक्त वे वहां मौजूद नहीं थे। उनका कार्यक्रम हिंसा के समय से अलग था और उनकी गिरफ्तारी भिलाई स्थित उनके घर से हुई, जो घटनास्थल से काफी दूर था। देवेंद्र यादव ने पुलिस की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया और इसे पूरी तरह अनुचित करार दिया।
छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण पर कड़ा प्रहार: सरकार जल्द ला सकती है सख्त कानून, देखे क्या कहा कांग्रेस ने....
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण के मामलों पर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को साफ संकेत दिए कि जल्द ही राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन में शामिल संगठनों पर कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कुछ एनजीओ स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर विदेशी फंडिंग लेकर धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इस पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए कानून लाने की तैयारी कर रही है।
NGO की गहन जांच के आदेश
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर के पुलिस ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि कुछ सामाजिक संगठन स्वास्थ्य और चिकित्सा के नाम पर धर्मांतरण कर रहे हैं, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में कार्यरत उन एनजीओ की गहन जांच की जाएगी, जो विदेशी एजेंसियों से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस फंडिंग का इस्तेमाल किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मांतरण को जबरन या प्रलोभन के माध्यम से कराना न केवल अनैतिक है, बल्कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा, "हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, जहां हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार धर्म मानने की स्वतंत्रता है, लेकिन यदि अशिक्षा, गरीबी, चंगाई या अन्य किसी बहाने से धर्मांतरण कराया जाता है, तो यह कानूनन अपराध माना जाएगा।"
धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून की तैयारी
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि आगामी बजट सत्र में सरकार धर्मांतरण संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। इससे पहले भी राज्य में दो बार धर्मांतरण संशोधन विधेयक लाया गया था, लेकिन वह पारित नहीं हो सका। इस बार सरकार इसे पारित करवाने के लिए पूरी ताकत झोंक सकती है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कोई ऐसा कानून नहीं है, जो धर्मांतरण की प्रक्रिया को वैधानिकता प्रदान करता हो। नया प्रस्तावित कानून जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कराने वालों को कठोर सजा देने का प्रावधान करेगा।
सरकार की प्राथमिकता: सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना
मुख्यमंत्री साय ने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन अगर कोई संस्था धर्मांतरण के नाम पर समाज में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करती है, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि ऐसी गतिविधियों को जड़ से खत्म किया जा सके।
राजनीतिक टकराव तेज
धर्मांतरण को लेकर सरकार के रुख पर विपक्षी दल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "प्रदेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक भाजपा की ही सरकार रही है, तो सबसे ज्यादा धर्मांतरण किसके कार्यकाल में हुआ? यह सरकार नौटंकी बंद करे और असली काम पर ध्यान दे।"
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में धर्मांतरण को खुला समर्थन दिया गया था, जिसे अब खत्म किया जाएगा।
जल्द आ सकता है बड़ा फैसला
सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाने जा रही है, जिसमें धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा होगी। यदि नए कानून को मंजूरी मिलती है, तो छत्तीसगढ़ जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सबसे कठोर कानून बनाने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।
रशियन युवती मामले में वकील को कोर्ट ने दी जमानत वकील बोला.....
रायपुर में रशियन कॉल गर्ल केस में लड़की के साथ घूम रहे वकील को राहत मिली है। कोर्ट ने इसे जमानत दे दी है। रायपुर के VIP रोड पर एक्सीडेंट के बाद शख्स रशियन लड़की के साथ पकड़ा गया था। रशियन कॉल गर्ल (उज्बेकिस्तानी लड़की) ने वकील की कार से एक बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी थी, युवक की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
गर्लफ्रेंड से बायफ्रेंड और उसके दोस्तों ने किया दुष्कर्म युवती ने कर लिया सुसाइड
छत्तीसगढ़ के भिलाई में नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। भिलाई स्थित स्मृति नगर चौकी क्षेत्र में जिस नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्क*र्म की घटना हुई, उसने बाद में फां*सी लगाकर आत्म*ह*त्या कर ली है।
छत्तीसगढ़ में तीन दिन बारिश का अलर्ट: बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग होंगे तरबतर, तापमान में आएगी गिरावट
छत्तीसगढ़ में मौसम में लगातार परिवर्तन देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 फरवरी से 22 फरवरी 2025 के बीच बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके पश्चात, अगले तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।
पिछले 24 घंटों का तापमान विश्लेषण:
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बालोद: प्रदेश में बुधवार को बालोद जिला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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अंबिकापुर: सबसे ठंडा स्थान अंबिकापुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रायपुर में तापमान सामान्य से अधिक:
बुधवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक था। आज मौसम साफ रहने की संभावना है, और दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
बिलासपुर में भी धूप की तीव्रता बढ़ी:
बुधवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक था।
सरगुजा संभाग में तापमान स्थिर:
सरगुजा संभाग के जिलों में दिन और रात का तापमान स्थिर बना हुआ है। बुधवार को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान:
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के इस परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें और आवश्यकतानुसार तैयारी करें।
विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत बालोदबाजार हिंसा केस में 7 माह से थे जेल में बंद...
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. बीते सात महीनों से बलौदाबाजार अग्निकांड मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में कैद देवेंद्र यादव को कागजी कार्यावही के बाद शुक्रवार शाम तक रिहा किया जाएगा
छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव: दूसरे चरण की वोटिंग 20 फरवरी को, 43 विकासखंडों में 46.83 लाख मतदाता करेंगे मतदान
रायपुर: छत्तीसगढ़ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 20 फरवरी, गुरुवार को होगा। इस चरण में प्रदेश के 43 विकासखंडों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, इस चरण में कुल 46,83,736 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य चुनाव आयुक्त अजय सिंह ने पंचायत चुनाव के संबंध में पूरी जानकारी दी है।
इस चरण में 26,988 पंच पदों, 3,774 सरपंच पदों, 899 जनपद सदस्य पदों और 138 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए मतदान होगा। कुल मिलाकर, 65,716 प्रत्याशी पंच पद, 15,217 प्रत्याशी सरपंच पद, 3,885 प्रत्याशी जनपद सदस्य और 699 प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मैदान में हैं।
मतदाता संख्या और मतदान केंद्र
इस चरण में कुल 46,83,736 मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 23,17,492 पुरुष, 23,66,157 महिलाएं और 87 अन्य शामिल हैं। मतदान के लिए 43 विकासखंडों में कुल 9,738 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मतदान दल अपने-अपने मतदान केंद्रों तक पहुंच चुके हैं।
वोटिंग समय
वोटिंग का समय बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुबह 6:45 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि बाकी इलाकों में मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, खासकर बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहां पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
जिन इलाकों में मतदान होगा
दूसरे चरण में जिन जिलों और विकासखंडों में मतदान होगा, उनमें बिलासपुर, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, मुंगेली, जांजगीर चांपा, कोरबा, रायगढ़, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुन्द, धमतरी, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, खैरागढ़, मोहला मानपुर, कबीरधाम, कोण्डागांव, बस्तर, उत्तर बस्तर कांकेर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के विकासखंड शामिल हैं।
अंतिम चरण की वोटिंग
छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव का तीसरा और अंतिम चरण 23 फरवरी को संपन्न होगा, जिसमें बाकी जिलों में मतदान होगा।
मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए समय से मतदान केंद्रों पर पहुंचे और शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में भाग लें।
शराब पीने पर पिता की डांट, 19 वर्षीय युवक ने की आत्महत्या..
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 19 वर्षीय युवक ने पिता की डांट के बाद आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवक ने अपने माता-पिता से कपड़े खरीदने के लिए पैसे मांगे थे, लेकिन उसने वह रकम शराब पर खर्च कर दी। जब पिता को इस बात का पता चला, तो उन्होंने उसे समझाया और डांटा, जिसके बाद उसने यह घातक कदम उठा लिया।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पकरिया गांव (उरगा थाना क्षेत्र) में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 19 वर्षीय विकास पटेल ने पिता की डांट से आहत होकर फांसी लगा ली। सोमवार को विकास ने अपने माता-पिता से नए कपड़े खरीदने के लिए ₹2,000 लिए थे, लेकिन उसने वह रकम शराब पर खर्च कर दी। पंचायत चुनाव में मतदान करने के बाद जब माता-पिता घर लौटे, तो उन्होंने उसे नशे की हालत में पाया। यह देखकर पिता साधराम पटेल नाराज हो गए और उसे डांटते हुए समझाया कि अगर वह इतनी कम उम्र में शराब की लत में पड़ गया, तो उसका भविष्य खराब हो सकता है। इस बात से आहत होकर विकास ने अपने कमरे में जाकर छत के पंखे से फांसी लगा ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शराब की लत युवाओं के लिए खतरा!
यह घटना युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और इसके गंभीर परिणामों को दर्शाती है। कम उम्र में शराब की लत न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन को बर्बाद कर सकती है, बल्कि परिवार को भी गहरे सदमे में डाल सकती है।
समाज और परिवार को चाहिए कि वे बच्चों को सही मार्गदर्शन दें और भावनात्मक रूप से उन्हें मजबूत बनाने की कोशिश करें।
छत्तीसगढ़ में नया दुकान अधिनियम लागू: अब 24x7 खुलेंगी दुकानें
नए नियमों के तहत दुकानें सातों दिन 24 घंटे खुली रह सकेंगी, कर्मचारियों के रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन होगा, और पंजीयन शुल्क को तर्कसंगत बनाया गया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने छोटे दुकानदारों को राहत देने और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 और नियम 2021 को पूरे राज्य में लागू कर दिया है। इसके साथ ही पुराना अधिनियम 1958 और नियम 1959 को निरस्त कर दिया गया है।
नई व्यवस्था में क्या बदलेगा?
1️⃣ अब दुकानें सप्ताह में सातों दिन और 24 घंटे खुली रह सकेंगी
पहले दुकानों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से बंद रखना पड़ता था, लेकिन अब वे पूरे हफ्ते और 24x7 खुली रह सकती हैं। हालांकि, कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देना जरूरी होगा।
2️⃣ महिला कर्मचारियों के लिए बढ़ी सुरक्षा, रात में भी काम की अनुमति
नई व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारी अब रात में भी काम कर सकेंगी, लेकिन उनके लिए सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
3️⃣ डिजिटल होगा कर्मचारियों का रिकॉर्ड
- सभी दुकानों और स्थापनाओं को अपने कर्मचारियों का डेटा डिजिटल रूप से मेंटेन करना होगा।
- हर साल 15 फरवरी तक कर्मचारियों की वार्षिक जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
4️⃣ पंजीयन शुल्क में बढ़ोतरी, लेकिन छोटे दुकानदारों को राहत
- पहले पंजीयन शुल्क ₹100 से ₹250 तक था, जिसे अब ₹1,000 से ₹10,000 तक किया गया है।
- 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली दुकानें ही अधिनियम के दायरे में आएंगी, जबकि पहले सभी दुकानें (बिना किसी कर्मचारी के भी) नियमों के अंतर्गत आती थीं।
5️⃣ श्रम विभाग करेगा पंजीयन, नगरीय निकाय की भूमिका खत्म
पहले नगरीय निकाय पंजीयन की जिम्मेदारी संभालते थे, लेकिन अब यह कार्य श्रम विभाग के तहत आएगा।
13 फरवरी 2025 की अधिसूचना के अनुसार, सभी पात्र दुकानों को 6 महीने के भीतर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जो श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in के माध्यम से किया जा सकेगा।
6️⃣ जुर्माने में बढ़ोतरी, लेकिन कोर्ट से बचने का विकल्प मिलेगा
- नए अधिनियम में जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है, लेकिन अपराधों को कम्पाउंड करने (समझौता करने) की सुविधा भी दी गई है।
- इससे दुकानदारों और व्यापारियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचने का मौका मिलेगा।
- निरीक्षकों की जगह अब फैसिलिटेटर और मुख्य फैसिलिटेटर नियुक्त किए जाएंगे, जो व्यापारियों को बेहतर मार्गदर्शन देंगे।
छोटे दुकानदारों को कैसे मिलेगा फायदा?
✅ पहले से पंजीकृत दुकानों को 6 महीने के भीतर श्रम पहचान संख्या (LIN) के लिए आवेदन करना होगा, लेकिन इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
✅ 6 महीने बाद आवेदन करने पर शुल्क लागू होगा, जिससे दुकानदारों को समय पर पंजीयन कराने का लाभ मिलेगा।
✅ नए नियमों से पंजीयन प्रक्रिया आसान होगी और छोटे दुकानदारों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी।
क्या कहती है सरकार?
श्रम विभाग का कहना है कि इस बदलाव से व्यापारियों और कर्मचारियों दोनों को लाभ मिलेगा। एक तरफ छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी, तो दूसरी ओर कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ में नए अधिनियम के लागू होने के बाद, व्यापार जगत और कर्मचारियों के लिए एक संतुलित और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ मेडिकल पीजी प्रवेश में गड़बड़ी पर हाई कोर्ट की सख्ती, काउंसलिंग पर रोक
मुख्य बिंदु:
- याचिकाकर्ताओं ने अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी का लाभ दिए जाने का आरोप लगाया।
- हाई कोर्ट ने काउंसलिंग पर तत्काल रोक लगाई, अगली सुनवाई 25 फरवरी को।
- महाधिवक्ता ने भी अनियमितताओं की पुष्टि की, कोर्ट ने दिया विस्तृत जांच का निर्देश।
- आदेश सिर्फ याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी समान स्थिति वाले उम्मीदवारों पर लागू होगा।
जानिए पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए काउंसलिंग पर रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
याचिकाकर्ता डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने आरोप लगाया कि मेडिकल पीजी प्रवेश की काउंसलिंग में कई अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी का लाभ दिया गया। नियमानुसार, इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी 2024 तक तीन साल की सेवा पूरी करना अनिवार्य था, लेकिन अधिकारियों ने सेवा अवधि की गणना कटऑफ तिथि से आगे बढ़ा दी, जिससे अयोग्य उम्मीदवारों को लाभ मिला।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि एक निजी उम्मीदवार को गलत तरीके से सेवारत श्रेणी में प्रमाणित किया गया। जांच में सामने आया कि यदि सेवा अवधि की गणना सही कटऑफ तारीख तक की जाती, तो संबंधित उम्मीदवार पात्र नहीं होता।
शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई में शिकायत को मजबूत पाया। महाधिवक्ता ने भी कोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि की, जिसके बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 2025: 24 फरवरी से होगा आगाज, हंगामेदार सत्र रहने के आसार..
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें कुल 17 बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेगी। सत्र का समापन 21 मार्च को होगा और इसके हंगामेदार रहने की संभावना है।
1,862 सवाल, सरकार के लिए कड़े सवालों की चुनौती
बजट सत्र के लिए विधायकों ने 1,862 सवाल लगाए हैं, जिनमें 943 तारांकित और 871 अतारांकित सवाल शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से अधिकांश सवाल ऑनलाइन भेजे गए हैं, जो डिजिटल प्रणाली की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
राज्यपाल का अभिभाषण और सरकार की रणनीति
सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार की आगामी योजनाओं और नीतियों का खाका पेश किया जाएगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, "यह बजट सत्र बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और हम हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा के लिए तैयार हैं।"
जनता के लिए कैसा होगा बजट?
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, "हमारी प्राथमिकता आम जनता को अधिकतम लाभ पहुंचाने की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप, हम 'अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @ 2047' के तहत प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
क्या होगा खास?
- राज्य की आर्थिक स्थिति पर गहराई से चर्चा होगी
- विपक्ष सरकार को घेरने के लिए आक्रामक रहेगा
- नई योजनाओं और विकास कार्यों पर फोकस
बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहसें देखने को मिल सकती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार जनता को क्या सौगात देती है और विपक्ष किन मुद्दों पर सवाल उठाता है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा, तकनीकी नवाचार से बिजली बचत: मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 17 फ़रवरी को मंत्रालय महानदी भवन में ऊर्जा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक में प्रदेश में निरंतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, सौर ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा देने और नवीन तकनीकों के माध्यम से बिजली व्यय को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर, नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाएं देकर हम राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएंगे। साथ ही, ग्रामीण व शहरी विद्युतीकरण के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करेंगे।
रायपुर नगर निगम: शपथ ग्रहण की तैयारी, सभापति पद के लिए चर्चाएँ तेज
रायपुर: नगरीय निकाय चुनावों के सफल समापन के बाद, रायपुर नगर निगम में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ जोरों पर हैं। सोमवार को चुनाव परिणामों की अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके पश्चात् 15 दिनों के भीतर नवनिर्वाचित पार्षदों और महापौर मीनल चौबे का शपथ ग्रहण संपन्न होगा। इसी अवधि में सभापति के चयन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
सभापति पद के लिए संभावित उम्मीदवार
सभापति पद के लिए वरिष्ठ पार्षद सूर्यकांत राठौर और मनोज वर्मा के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। राठौर की सौम्य छवि और शालीन व्यक्तित्व उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाते हैं, जबकि वर्मा ने पूर्ववर्ती परिषद में उप नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई है।
विपक्ष की स्थिति
चुनाव परिणामों में विपक्ष की स्थिति कमजोर रही है। कुल 70 वार्डों में से 60 पर भाजपा का कब्जा है, जबकि कांग्रेस केवल 7 वार्डों में सिमट गई है, और 3 निर्दलीय पार्षद हैं। नियमानुसार, सदन में विपक्ष के लिए न्यूनतम 10% पार्षद होना आवश्यक है, जिसे कांग्रेस ने पूरा कर लिया है। हालांकि, इतनी कम संख्या के कारण सामान्य सभा में आने वाले प्रस्तावों पर विपक्ष का प्रभाव सीमित रहेगा, और अधिकांश प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित होने की संभावना है।
महापौर की प्राथमिकताएँ
नवनिर्वाचित महापौर मीनल चौबे ने शपथ ग्रहण से पूर्व अपने इरादे स्पष्ट करते हुए कहा है कि वे पूर्व महापौर एजाज ढेबर के कार्यकाल की फाइलों की समीक्षा करेंगी। उन्होंने टेंडरों में हुई संभावित गड़बड़ियों की जांच कराने का भी आश्वासन दिया है, ताकि नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
प्रशासनिक कार्यभार
अधिसूचना जारी होने और शपथ ग्रहण समारोह के बीच की अवधि में, महापौर मीनल चौबे निगम कार्यालय में औपचारिक मुलाकातें कर सकती हैं, लेकिन किसी आधिकारिक कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। इस दौरान, निगम के सभी प्रशासनिक कार्यों का दायित्व कलेक्टर एवं प्रशासक डॉ. गौरव सिंह संभालेंगे।
नगरीय निकाय चुनावों के परिणामस्वरूप, रायपुर नगर निगम में सत्ता संतुलन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। आगामी दिनों में शपथ ग्रहण और सभापति के चयन के साथ, नगर निगम की नई कार्यकारिणी अपने दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ करेगी।
छत्तीसगढ़ महापौर चुनाव में BJP की बड़ी जीत, सभी 10 सीटों पर जमाया कब्जा!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए महापौर चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सभी 10 सीटों पर जीत हासिल की है। इस नतीजे ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि BJP की यह जीत कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
BJP की ऐतिहासिक जीत
राज्य के सभी 10 नगर निगमों में बीजेपी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर ली है। इससे यह साफ हो गया है कि राज्य में नगर निगम स्तर पर भाजपा की पकड़ मजबूत हुई है। कांग्रेस, जिसने पिछले निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया था, इस बार कोई भी सीट नहीं जीत पाई।
क्या है जीत का कारण?
BJP की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे कई कारण रहे। मोदी लहर के प्रभाव में केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का पूरा फायदा पार्टी को मिला। इसके साथ ही, संगठित रणनीति के तहत BJP ने जमीनी स्तर पर बेहतरीन तैयारी की और सही उम्मीदवारों का चयन किया। वहीं, कांग्रेस की कमजोरी, उसकी अंदरूनी कलह और कमजोर रणनीति भी इस हार का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
BJP की इस जीत के बाद राज्य की राजनीति और गरमा गई है। जहां पार्टी इसे "जनता का समर्थन और कांग्रेस सरकार की नाकामी का नतीजा" बता रही है, वहीं कांग्रेस इस हार को आत्ममंथन का विषय मान रही है।
क्या बोले बड़े नेता?
???? BJP प्रदेश अध्यक्ष: “यह जीत जनता की BJP पर भरोसे की मुहर है। हम शहरों के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”
???? कांग्रेस प्रवक्ता: “हम हार की समीक्षा करेंगे, लेकिन BJP की जीत में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग भी एक बड़ा कारण रहा है।”
क्या होगा आगे?
BJP की यह जीत 2028 के विधानसभा चुनावों की दिशा तय कर सकती है। पार्टी अब इस लय को बरकरार रखते हुए पूरे प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस के लिए यह नतीजा बड़ा सबक है।
बिलासपुर में युवक-युवती की रेलवे ट्रैक पर मिली क्षत-विक्षत लाश, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक और युवती की लाश रेलवे ट्रैक पर टुकड़ों में बंटी हुई मिली। शव इस कदर क्षत-विक्षत थे कि हाथ, पैर और सिर तक कटे हुए थे। युवक के परिवार ने हत्या की आशंका जताई है, खासतौर पर इसलिए क्योंकि उसके मोबाइल से डेटा डिलीट पाया गया है।
युवक-युवती की पहचान
मृतकों की पहचान सिरगिट्टी निवासी सोमनाथ यादव (23) और तमन्ना मानिकपुरी (21) के रूप में हुई है। दोनों एक ही इलाके के रहने वाले थे और उनके बीच प्रेम संबंध बताया जा रहा है।
गायब होने के बाद मिली लाश
जानकारी के मुताबिक, युवती एक दिन पहले किसी परिचित की शादी में गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान युवक के परिजन भी उसे ढूंढ रहे थे, पर उसका भी कोई पता नहीं चला। अगले दिन परसदा रेल लाइन इलाके में दोनों के क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना मिली।
दृश्य भयावह, लाशों के टुकड़े बिखरे मिले
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर खून के धब्बे और शरीर के मांस के टुकड़े बिखरे हुए थे। युवक का सिर, हाथ और पैर अलग हो चुके थे, जबकि युवती का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। इस निर्मम दृश्य ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक सोमनाथ यादव के भाई खोमलाल यदु, जो यादव समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, ने इस मामले को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि उनका भाई बहादुर था और आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने शव की हालत को देखते हुए हत्या की आशंका जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी और चकरभाठा पुलिस जांच में जुट गई है। मृतकों के परिजनों और दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे और यह घटना आत्महत्या है या हत्या। फिलहाल, सभी संभावित एंगल से जांच जारी है।
रेलवे प्रशासन की लापरवाही से यात्री होंगे परेशान, 13 दिनों तक कई ट्रेनें रद्द और लेट...
रायपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्यों में हो रही देरी से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल स्थित बन्डामुंडा स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते 15 से 25 फरवरी, 2025 तक कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द रहेंगी और कई देरी से चलेंगी।
रद्द की गई ट्रेनें:
इस दौरान कई प्रमुख गाड़ियां पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं—
- 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस (15 से 25 फरवरी तक बंद)
- 18113/18114 टाटानगर-बिलासपुर–टाटानगर एक्सप्रेस (25 फरवरी को रद्द)
- 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस (25 फरवरी को रद्द)
- 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस (24 फरवरी को रद्द)
देरी से चलने वाली गाड़ियां:
रेलवे की इस लापरवाही का असर कई ट्रेनों पर पड़ेगा, जो घंटों देरी से चलेंगी—
- 20821 पुणे-शालीमार एक्सप्रेस (17 फरवरी को 2 घंटे देरी से रवाना)
- 12767 नांदेड़-शालीमार एक्सप्रेस (17 फरवरी को 1 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना)
- 07005 सिकंदराबाद-रक्सौल स्पेशल (24 फरवरी को 3 घंटे देरी से रवाना)
- 12101 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस (24 फरवरी को 2 घंटे देरी से रवाना)
- 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (24 फरवरी को 2 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना)
- 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस (25 फरवरी को 2 घंटे देरी से रवाना)
- 08185 हटिया-दुर्ग स्पेशल (25 फरवरी को 2 घंटे देरी से रवाना)
- 12860 हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस (25 फरवरी को 4 घंटे देरी से रवाना)
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेन:
- 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस (24 फरवरी को ईब-झारसुगुड़ा रोड-सम्बलपुर सिटी-कटक के रास्ते पुरी पहुंचेगी।)