छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 13 साल के छात्र ने कर ली आत्महत्या,घर के बाथरूम में लगा ली फाँसी वजह जान आप भी हो जायँगे हैरान
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 13 साल के बच्चे को पिता ने देर रात मोबाइल देने से मना कर दिया। इससे नाराज बेटे ने रात को ही अपने घर के बाथरूम में फांसी लगा ली। बुधवार देर रात करीब ढाई बजे दादी ने बाथरूम में लटकती उसकी लाश देखी। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के अशोक नगर की है। देवानंद जायसवाल का बेटा सोम जायसवाल (13 वर्ष) 7वीं कक्षा का छात्र था। देवानंद ने बताया कि उनके बेटे की मंगलवार को तबीयत खराब थी। रात को पिता-बेटे एक ही कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान सोम ने अपने पिता से मोबाइल मांगा था।
बिलासपुर का नियम और कानून हम दोनों नहीं मानते
बिलासपुर: सरकारी नियम अमूमन सभी लोगों पर लागू होता हैं चाहे वह कोई आम आदमी हो या फिर कोई खास आदमी.सरकारी नियमों के अनुसार बिलासपुर में संचालित होने वाली सभी दुकानों की समय सीमा रात 10:30 बजे से 11:00 बजे तक की होती हैं। पर बिलासपुर की इन दो दुकानों में समय की कोई पाबंदी नहीं हैं। चलिए जानते हैं यह दुकानें कौन कौन सी हैं।
1. रात का राजा बॉम्बे पाव भाजी लिंक रोड।
ज्यादातर रात में घूमने वालें लोगों की भूख मिटाने के लिए बिलासपुर का बॉम्बे पाव भाजी नामक होटल काफी चर्चों में रहता हैं जो रात 2 बजे भी अपनी सेवाओं के लिए जाना जाता है। बॉम्बे पाव भाजी शहर के सिविल लाइन थाने से महज कुछ मिनट की दूरी हैं मगर पुलिस की गाड़ी इनको ना तो बंद करा पाती हैं। ना कुछ कार्यवाही कर पाती है। क्या नियम सिर्फ छोटे छोटे ठेले वालों के लिए ही लागू हैं ?
2. साईं पान मैग्नेटो मॉल।
रात में इनका भी समय शुरू होता हैं जहां पुलिस आती तो है मगर इनका दुकान बंद कराने की जगह दुकान से सामन लें कर चली जाती हैं। तारबहार थाना के अंतर्गत आने वाली यह दुकान रात 3 बजे तक खुलती है। जो कि नियम के विरुद्ध तो है ही मगर पुलिस की भी भूमिका इसमें प्रश्न करने लायक हैं।
बिलासपुर में यह सिर्फ दो दुकानों में ही नियम का उल्हंगन नहीं हो रहा हैं बल्कि ऐसी दर्जनों दुकानें हैं जो पुलिस और प्रशासन के नियमों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती हैं?
छत्तीसगढ़ में लिफ्ट में फसने से नाबालिग की मौत, सामान ले जाते वक्त फसा सिर
न्यायधानी बिलासपुर में इलेक्ट्रिकल दुकान में काम करने वाले लड़के की लिफ्ट में फंसकर दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सामान ले जाने वाली ओपन लिफ्ट में लड़का सामान लेकर जा रहा था। इस दौरान लड़के का सिर चौथे फ्लोर पर लिफ्ट में फंस गया। दुकान में काम करने वाले 15 साल के सुमित केंवट की जान गई है। पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक विशाल इलेक्ट्रिकल्स का नाम भरत हरियानी है। सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची। जहां से शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। हादसे को लेकर मर्ग कायम कर लिया गया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
नाबालिग सुमित केंवट की लिफ्ट में फंसने से मौत हुई है।
जिस समय यह हादसा हुआ, तब सुमित उर्फ काजू दुकान के गोदाम के नीचे से 40 फीट ऊपर चौथे माले पर इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर जा रहा था। तीसरी मंजिल पर पहुंचते ही ओपन लिफ्ट की दीवार में सुमित का सिर फंस गया और लिफ्ट व दीवार से उसका सिर घसीटते हुए चौथी मंजिल तक पहुंच गया। इस दौरान लिफ्ट के नीचे जब खून टपकने लगा, तब दुकान संचालक को इस हादसे की जानकारी हुई। फिलहाल सिटी कोतवाली पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है, जांच के बाद मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में शराब पीने से 03 साल की बच्ची की मौत
बलरामपुर। जिले के बैकुंठपुर में 3 साल की बच्ची ने खेल-खेल में घर में रखी शराब पी ली। जब शराब पीकर वो बेहोश हो गई, तो परिजन उसे वाड्रफनगर अस्पताल ले गए। जहां से रेफर कर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। मंगलवार दोपहर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला त्रिकुंडा थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, ग्राम बैकुंठपुर निवासी सरिता सोमवार की सुबह घर में खेल रही थी। उसकी मां सावित्री पास ही काम कर रही थी। बच्ची खेलते हुए अपनी दादी के कमरे में पहुंच गई। वहां शराब की बोतल और ग्लास रखा हुआ था। बच्ची ने बोतल में रखी शराब को पानी समझकर पी लिया।
शराब पीने के बाद सरिता को नशा चढ़ने लगा तो वह अपनी मां के पास पहुंची और नहलाने के लिए कहा। थोड़ी देर में वो बेहोश हो गई। उसके मुंह से शराब की दुर्गंध आ रही थी। बच्ची के पिता रामसेवक ने अपनी मां के कमरे में जाकर देखा तो वहां शराब पड़ी थी।
सरिता को लेकर परिजन वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ता देख अंबिकापुर रेफर कर दिया। उसे सोमवार शाम अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भी सरिता की हालत में सुधार नहीं हुआ। जिससे मंगलवार दोपहर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पीएम कराया और परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने परिजनों का बयान भी दर्ज किया है। मासूम की मौत से परिजन सदमे में हैं।
बेमेतरा ब्लास्ट हादसे में 2 महीने से ज्यादा पर अब तक नही पता चल पाया हादसे की वजह 9 लोगों की गई थी जान
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के पिरदा गांव स्थित बारूद फैक्ट्री ब्लास्ट मामले की जांच अब भी अधूरी है। हादसे के 45 दिनों में SDMA को जांच रिपोर्ट सौंपना था, लेकिन 63 दिन बीतने के बाद भी मामले की जांच सिफर है।
रायपुर रेल्वे स्टेशन में युवक से मारपीट कर घसीटने वाले कैंटीन के 4 कर्मचारियों को जीआरपी ने किया गिरफ्तार
रायपुर रेलवे स्टेशन में बिस्किट चोरी करने के आरोप में शुक्रवार को एक युवक को कैंटीन के कर्मचारियों ने जमकर पीटा। उसके पैरों को कपड़े से बांधकर प्लेटफॉर्म पर घसीटा। इस दौरान प्लेटफार्म पर तमाम यात्रियों के साथ ही रेलवे पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। घटना का वीडियो वहां से गुजर युवक ने बनाकर सीजी अपडेट को भेजा जिसके बाद
पीरियड्स के दौरान छात्राओं को मिलेगी छुट्टी,HNLU ने 1 जुलाई से लागू की मेंस्ट्रुअल लीव पॉलिसी....
रायपुर। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विवि अपने संस्थान में अध्ययनरत लड़कियों को उनके मासिक धर्म के दौरान छड़ी प्रदान करेगा। इस तरह की व्यवस्था करने वाला एचएनएलयू प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। छात्राओं के लिए यह छुट्टी अनिवार्य नहीं होगी, यदि वे चाहें तो ही इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। यदि पीरियड्स के दिनों में भी छात्राएं कक्षाओं में उपस्थित होना चाहें तो हो सकती हैं।
सुकमा में नदी, नाले उफान पर, रास्ते हुए बंद, 100 से भी अधिक गांवों से सम्पर्क टूटा
जिले में लगातर बारिश से नदी व नाले उफान पर होने से आम जन-जीवन पर प्रभाव पड़ा है। जिला मुख्यालय का कोंटा ब्लाक सहित 100 से ज्यादा गांवों से सम्पर्क टूट चुका है। ऐसे में देखा जाए तो जिले के अंदरूनी क्षेत्र में आज भी ग्रामीण दसवीं सदी जैसी स्थिति में जीवन-यापन करने के लिए मजबूर हैं।
एनएच- 30 पर भरा पानी एर्राबोर पुल के ऊपर से बह रहा था। वहीं भारी बारिश से यातायात प्रभावित हुआ है। सड़कों पर गाड़ियों की लाइन लगी हुई है। इधर पुलिस प्रशासन ने सावधानी के लिए बेरिकेट लगा दिए हैं। पुलिस ने वीडियो जारी कर लोगों से नदी व नालों को पार करते समय सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
अधिकारिक जानकारी अनुसार नदी-नाले उफान पर होने के कारणमार्ग बंद होने के कारण एक मरीज को डिस्चार्ज कर वापस गृहग्राम लाया जा रहा था, जिसकी रास्ते में मौत हो गई। मामले पर परिजनों ने बताया कि बढ़ते खर्च के कारण डिस्चार्ज कर वापस लाकर देशी इलाज कराया जाना था। मृतक ग्राम किष्टाराम अडरापेंटा का निवासी रहा।
शव को गृह ग्राम ले जाने की कोशिश की गई पर चारों ओर नदी व नाले भरे हुए थे जिसके कारण 20 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर परिजन शव को खाट में लेकर पुल-पुलिया पार कर अपने गृहग्राम पहुंचे।
सुकमा जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर केरलापाल क्षेत्र के पोगाभेज्जी व सिरसट्टी पंचायत है। इन पंचायतों को एनएच 30 केरलापाल से जोड़ती है। ग्रामीण ने बताया कि सरकारी राशन व हाटबाजार से अपनी दैनिक जरूरतों के सामनों की खरीदी के लिए केरलापाल आना पड़ता है। पर यहां तक पहुंचना भी चुनौति भरा काम है। नदी में दो जगह पर पुल के निर्माण की आवश्यकता है। पुल नहीं होने से इस क्षेत्र में गाड़ियां नहीं चलती हैं।
गांव के आगे सड़क नहीं
वहीं केरलापाल से दो किलोमीटर तक ही पक्की सड़क है उसके बाद भी इन दोनों पंचायत के लिए जाने वाली सड़क बदहाल है। रबडीपारा के पास नाला पार करते ही आगे के लिए पगडंडी नुमा सड़क है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बीच यहां के ग्रामीण वनोपज के साहरे जीवन यापन कर रहे हैं।
दसवीं सदी जैसी स्थिति
जिले के अंदरूनी क्षेत्र में आज भी ग्रामीण दसवीं सदी जैसी स्थिति में जीवन-यापन करने के लिए मजबूर हैं। इन पंचायतों में आज भी ग्रामीणों के चलने के लिए सही तरह से सड़क भी नहीं है। बिजली, पेयजल, शिक्षक, स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के बीच ग्रामीण रहने के लिए मजबूर हैं।
रायपुर : आवासीय तीरंदाजी खेल अकादमी रायपुर के लिए चयनित 40 खिलाड़ियों की सूची जारी
मेडिकल एवं फिजिकल फिटनेस और मेरिट के आधार पर हुआ चयन
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाजी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को विशेष सत्र के लिए आमंत्रित किया जाएगा
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा रायपुर में संचालित आवासीय तीरंदाजी अकादमी के लिए 20 बालक तथा 20 बालिकाओं का चयन किया गया है। राज्य स्तरीय चयन ट्रायल का आयोजन दिनांक 25 एवं 26 जून को रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम एवं खेल संचालनालय परिसर तीरंदाजी एरिना में सम्पन्न हुआ।
खेल संचालक श्रीमती तनुजा सलाम के निर्देश पर चयन ट्रायल के नोडल अधिकारी चेतन कुमार श्रीवास प्रशासक खेल अकादमी रायपुर के द्वारा चयन ट्रायल सुव्यवस्थित तरीके से कराया गया। चयन समिति में भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केन्द्र रायपुर तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के (एन.आई.एस.) प्रशिक्षक शामिल रहे। चयनकर्ताओं के द्वारा खिलाड़ियों के फिटनेस से संबंधित मोटर एबिलिटी टेस्ट, मेडिकल टेस्ट, स्पोर्ट्स स्कील टेस्ट एवं मेंटल एबिलिटी टेस्ट लिये गए। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले खिलाड़ियों को ही प्रदर्शन के आधार पर मेरिट क्रमानुसार 13 से 17 वर्ष आयुवर्ग के खिलाड़ियों का चयन किया गया है।
प्रदेश भर से आए खिलाड़ियों ने चयन ट्रायल में भाग लिया, इसमें राज्य के जिले रायपुर से 05 बालिका और 09 बालक, सरगुजा से 07 बालिका, धमतरी से 02 बालक और 04 बालिका, महासमुंद से 05 बालिका और 02 बालक, नारायणपुर से 03 बालक, बिलासपुर से 01 बालक, कोण्डागांव से 01 बालक एवं गरियाबंद जिले से 01 बालिका का चयन किया गया है। इन चयनित खिलाड़ियों को 10 दिवस के भीतर अकादमी में प्रवेश दिया जाएगा। यदि चयनित खिलाड़ी में से कोई प्रवेश लेने में असमर्थ रहता है, तो प्रतीक्षा सूची में से मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की कार्यवाही की जाएगी।
खेल अकादमी में प्रवेश लेने वाले खिलाड़ियों को खेल अकादमी संचालन नियम-2014 के अंतर्गत निःशुल्क आवास, भोजन, शैक्षणिक सुविधा, परिधान, प्लेइंग किट, दुर्घटना बीमा एवं प्रतियोगिताओं में सहभागिता आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवासीय खेल अकादमी के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन के द्वारा एन.आई.एस. प्रशिक्षकों की भर्ती की गई है। समय समय पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाजी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को खेल अकादमी में आमंत्रित कर विशिष्ट प्रशिक्षण का आयोजन भी कराया जाएगा।
जल्द ही पूरा बनकर तैयार होगा रायपुर का स्काई वॉक 7 साल से अधूरे स्काई वॉक पूरा बनाने की मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी
रायपुर में आधे-अधूरे पड़े स्काई वॉक (Sky Walk in Raipur) का निर्माण पूरा किया जाएगा। विष्णुदेव साय सरकार (Vishnu Deo Government) ने जनहित में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का निर्णय लिया है। 2018 में राज्य में कांग्रेस सरकार ने स्काई वॉक को अनुपयोगी बताकर इसके निर्माण पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब सरकार के निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग की सेतु निगम ने रिपोर्ट दी है कि स्काई वाक का ढांचा मजबूत है। इसे दोबारा तैयार किया जा सकता है।
रायपुर मोवा का बाजार चौक अब जाना जाएगा शहीद भरत लाल साहू के नाम से
रायपुर, 19 जुलाई। सरकार ने शहीद भरत लाल साहू की स्मृति को अक्षुण्ण रखते हुए मोवा बाजार चौक रायपुर का नामकरण उनके नाम से शहीद भरत लाल साहू चौक करने का निर्णय लिया है।
आरंग में तीन लोगों की मौत: पुलिस ने चार्जशीट में दी घटनाक्रम की नई जानकारी..
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र में ट्रक से मवेशी ले जा रहे तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। इसमें खुलासा हुआ है कि इन तीनों की मौत किसी मारपीट से नहीं, बल्कि नदी के पुल से कूदने के कारण हुई थी। पुलिस ने बताया कि पांच आरोपियों ने करीब 53 किलोमीटर तक इनका पीछा किया था, जिसके बाद ये लोग पुल से कूद गए।
घटना का विवरण
पुलिस सूत्रों ने बताया कि 8 जुलाई को रायपुर की अदालत में पेश की गई चार्जशीट में बताया गया है कि गुड्डू खान (35), चांद मियां खान (23) और सद्दाम कुरैशी (उम्र अज्ञात) को मवेशी ले जाते समय पीछा किया गया था। इन तीनों ने अपनी जान बचाने के लिए पुल से छलांग लगा दी थी। पुलिस ने पहले बताया था कि इनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी, जबकि सद्दाम कुरैशी गंभीर रूप से घायल पाया गया था और बाद में अस्पताल में उसकी भी मौत हो गई थी।
पुलिस की जांच और चार्जशीट
पुलिस ने इस मामले में गहन जांच की और रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कीर्तन राठौर के नेतृत्व में 14 सदस्यीय विशेष दल का गठन किया। जांच के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया।
चार्जशीट में पुलिस के दावे
चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि पांचों आरोपियों को मवेशियों को ले जा रहे ट्रक की जानकारी मिली थी। उन्होंने तीन कारों में सवार होकर ट्रक का पीछा किया और उसे रोकने के लिए लोहे की कीलें लगी लकड़ी और कांच के टुकड़े फेंके। ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की और करीब 14 किलोमीटर तक गलत दिशा में गाड़ी चलाई, लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा जारी रखा।
जब ट्रक का एक टायर क्षतिग्रस्त हो गया, तो ट्रक महानदी नदी पर बने पुल पर रुक गया। तीनों लोग डर के कारण ट्रक से उतर गए और पुल से कूद गए। चांद मियां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गुड्डू खान ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। सद्दाम कुरैशी ने 12 दिनों के इलाज के बाद दम तोड़ दिया।
परिजनों के आरोप
चांद और सद्दाम के चचेरे भाई और शिकायतकर्ता शोहेब खान ने आरोप लगाया था कि भीड़ ने उनका पीछा किया और उन पर हमला किया। खान ने दावा किया था कि चांद ने फोन पर बताया था कि उन पर हमला हो रहा है। मोहसिन को की गई फोन कॉल 47 मिनट तक चली थी जिसमें सद्दाम ने कहा था कि उसके हाथ-पैर टूट गए हैं।
इस घटना में पुलिस की जांच और चार्जशीट ने परिजनों के आरोपों के विपरीत तथ्य पेश किए हैं। अब यह देखना होगा कि अदालत में इस मामले का क्या निष्कर्ष निकलता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की श्री नितिन गडकरी से मुलाकात : छत्तीसगढ़ में सड़क परियोजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर चर्चा
आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से उनके निवास पर मुलाक़ात की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में चल रही सड़क परियोजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्री श्री गडकरी को इन परियोजनाओं की प्रगति और आवश्यकताओं से अवगत कराया। मंत्री श्री गडकरी ने छत्तीसगढ़ में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। यह मुलाक़ात राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से रोजगार सृजन, श्रमिक कल्याण और खेल सुविधाओं पर की चर्चा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम, रोजगार, युवा एवं खेल मामलों के मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से उनके आवास पर सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने डॉ. मंडाविया से छत्तीसगढ़ में रोजगार सृजन, श्रमिक कल्याण और खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र सरकार से और अधिक सहायता का आग्रह किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी इस दौरान उनके साथ थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान राज्य में श्रम, रोजगार और खेल के क्षेत्र में हो रही प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि, श्रमिक कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन और रोजगार के नए अवसरों का सृजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने राज्य में बेरोजगारी की दर को कम करने के लिए केंद्र सरकार से और अधिक सहयोग की मांग की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया को राज्य में खेल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएँ शुरू की हैं। मुख्यमंत्री ने डॉ. मंडाविया से अनुरोध किया कि केंद्र सरकार इन योजनाओं को और अधिक समर्थन दे, ताकि राज्य के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
डॉ. मंडाविया ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सराहना की और राज्य में विकास के लिए उठाए जा रहे कदमों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ को हरसंभव सहयोग देने को तैयार है।
रायपुर : छत्तीसगढ़ की चार प्रमुख रेल परियोजनाएं जल्द होगी शुरू, रेल मंत्री ने परियोजनाओं पर तेजी से कार्य का दिया आश्वासन..
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य की विभिन्न नई रेल परियोजनाओं पर चर्चा की। रेल भवन में हुई बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए रेल नेटवर्क के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस दौरान राज्य की चार प्रमुख रेल परियोजनाओं धर्मजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई लाइन परियोजना, अंबिकापुर-बरवाडीह नई लाइन परियोजना, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन परियोजना और रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना को जल्द शुरू करने का आग्रह किया।
धर्मजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई लाइन परियोजना (240 किमी)
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। यह पत्थलगाँव, कुनकुरी, जशपुर नगर, गुमला आदि महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ती है। यह उत्तरी छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ेगी। इस परियोजना के माध्यम से औद्योगिक (कोरबा) क्षेत्र को लोहरदगा से जोड़ने की योजना है। इसके अतिरिक्त, यह क्षेत्र को पूर्व में कोरबा और रांची के होकर मध्य भारत से जोड़ेगी। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16,000 करोड़ रुपए है।
अंबिकापुर-बरवाडीह नई लाइन परियोजना (200 किमी)
इस परियोजना की मांग आजादी से पहले 1925 में की गई थी। हालांकि, 1948 में मंजूरी मिलने के बावजूद यह परियोजना अब तक अधूरी रही। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना अंबिकापुर (उत्तरी छत्तीसगढ़) को बरवाडीह (झारखंड) से जोड़ेगी और परसा, राजपुर, चंदनपुर आदि महत्वपूर्ण शहरों को कनेक्ट करेगी। इस परियोजना के माध्यम से देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्से में कोयला और अन्य खनिजों के परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 9000 करोड़ रुपए है।
खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन परियोजना (277 किमी)
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना देश के पश्चिमी क्षेत्र में एसईसीएल और एमसीएल कोयला क्षेत्रों की निकासी के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है। यह बिलासपुर और रायपुर स्टेशनों को बायपास करते हुए बलौदाबाजार क्षेत्र को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 8000 करोड़ रुपए है।
रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना (140 किमी)
रेलवे पहले से ही दल्ली-राजहरा-रावघाट 95 किमी नई रेलवे लाइन का निर्माण कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने सुझाव दिया कि इस लाइन को जगदलपुर तक बढ़ाया जाए, ताकि आदिवासी क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास किया जा सके। यह परियोजना छत्तीसगढ़ के खनिज समृद्ध क्षेत्र से इस्पात उद्योगों तक लौह अयस्क की निकासी के कुशल और पर्यावरण अनुकूल साधन प्रदान करेगी। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3500 करोड़ रुपए है।
बैठक के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं की संभावनाओं और लाभों को स्वीकार किया और इन पर तेजी से काम करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएँ राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और रेलवे मंत्रालय इन्हें प्राथमिकता देगा।
छत्तीसगढ़ में गौ तस्करी करने पर होगी 7 साल की सज़ा गाय को दूसरे शहर, राज्य ले जाने के लिए लेना होगा लाइसेंस
छत्तीसगढ़ में गौ तस्करी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। इसे लेकर नया नियम जारी किया गया है। प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि गौ-वंश के परिवहन के लिए अधिकारियों से लाइसेंस लेना होगा। गाड़ी पर फ्लैक्स लगाना होगा कि पशुओं का परिवहन हो रहा है।
अवैध कब्जा पर चलेगा प्रशासन का बुलडोजर,कलेक्टर बोले गलत काम करने वाले लोगो मे होना चाहिए डर,नगर निगम और पुलिस प्रशासन को दिया निर्देश
राजधानी रायपुर में अवैध तरीके से काम करने वाले लोगों पर अब जिला प्रशासन सख्त एक्शन लेने की तैयारी में है। सोमवार को रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने समय सीमा की बैठक ली। बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों, पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए।