छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव: दूसरे चरण की वोटिंग 20 फरवरी को, 43 विकासखंडों में 46.83 लाख मतदाता करेंगे मतदान
रायपुर: छत्तीसगढ़ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 20 फरवरी, गुरुवार को होगा। इस चरण में प्रदेश के 43 विकासखंडों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, इस चरण में कुल 46,83,736 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य चुनाव आयुक्त अजय सिंह ने पंचायत चुनाव के संबंध में पूरी जानकारी दी है।
इस चरण में 26,988 पंच पदों, 3,774 सरपंच पदों, 899 जनपद सदस्य पदों और 138 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए मतदान होगा। कुल मिलाकर, 65,716 प्रत्याशी पंच पद, 15,217 प्रत्याशी सरपंच पद, 3,885 प्रत्याशी जनपद सदस्य और 699 प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मैदान में हैं।
मतदाता संख्या और मतदान केंद्र
इस चरण में कुल 46,83,736 मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 23,17,492 पुरुष, 23,66,157 महिलाएं और 87 अन्य शामिल हैं। मतदान के लिए 43 विकासखंडों में कुल 9,738 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मतदान दल अपने-अपने मतदान केंद्रों तक पहुंच चुके हैं।
वोटिंग समय
वोटिंग का समय बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुबह 6:45 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि बाकी इलाकों में मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, खासकर बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहां पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
जिन इलाकों में मतदान होगा
दूसरे चरण में जिन जिलों और विकासखंडों में मतदान होगा, उनमें बिलासपुर, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, मुंगेली, जांजगीर चांपा, कोरबा, रायगढ़, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुन्द, धमतरी, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, खैरागढ़, मोहला मानपुर, कबीरधाम, कोण्डागांव, बस्तर, उत्तर बस्तर कांकेर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के विकासखंड शामिल हैं।
अंतिम चरण की वोटिंग
छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव का तीसरा और अंतिम चरण 23 फरवरी को संपन्न होगा, जिसमें बाकी जिलों में मतदान होगा।
मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए समय से मतदान केंद्रों पर पहुंचे और शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में भाग लें।
शराब पीने पर पिता की डांट, 19 वर्षीय युवक ने की आत्महत्या..
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 19 वर्षीय युवक ने पिता की डांट के बाद आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवक ने अपने माता-पिता से कपड़े खरीदने के लिए पैसे मांगे थे, लेकिन उसने वह रकम शराब पर खर्च कर दी। जब पिता को इस बात का पता चला, तो उन्होंने उसे समझाया और डांटा, जिसके बाद उसने यह घातक कदम उठा लिया।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पकरिया गांव (उरगा थाना क्षेत्र) में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 19 वर्षीय विकास पटेल ने पिता की डांट से आहत होकर फांसी लगा ली। सोमवार को विकास ने अपने माता-पिता से नए कपड़े खरीदने के लिए ₹2,000 लिए थे, लेकिन उसने वह रकम शराब पर खर्च कर दी। पंचायत चुनाव में मतदान करने के बाद जब माता-पिता घर लौटे, तो उन्होंने उसे नशे की हालत में पाया। यह देखकर पिता साधराम पटेल नाराज हो गए और उसे डांटते हुए समझाया कि अगर वह इतनी कम उम्र में शराब की लत में पड़ गया, तो उसका भविष्य खराब हो सकता है। इस बात से आहत होकर विकास ने अपने कमरे में जाकर छत के पंखे से फांसी लगा ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शराब की लत युवाओं के लिए खतरा!
यह घटना युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और इसके गंभीर परिणामों को दर्शाती है। कम उम्र में शराब की लत न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन को बर्बाद कर सकती है, बल्कि परिवार को भी गहरे सदमे में डाल सकती है।
समाज और परिवार को चाहिए कि वे बच्चों को सही मार्गदर्शन दें और भावनात्मक रूप से उन्हें मजबूत बनाने की कोशिश करें।
छत्तीसगढ़ में नया दुकान अधिनियम लागू: अब 24x7 खुलेंगी दुकानें
नए नियमों के तहत दुकानें सातों दिन 24 घंटे खुली रह सकेंगी, कर्मचारियों के रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन होगा, और पंजीयन शुल्क को तर्कसंगत बनाया गया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने छोटे दुकानदारों को राहत देने और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 और नियम 2021 को पूरे राज्य में लागू कर दिया है। इसके साथ ही पुराना अधिनियम 1958 और नियम 1959 को निरस्त कर दिया गया है।
नई व्यवस्था में क्या बदलेगा?
1️⃣ अब दुकानें सप्ताह में सातों दिन और 24 घंटे खुली रह सकेंगी
पहले दुकानों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से बंद रखना पड़ता था, लेकिन अब वे पूरे हफ्ते और 24x7 खुली रह सकती हैं। हालांकि, कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देना जरूरी होगा।
2️⃣ महिला कर्मचारियों के लिए बढ़ी सुरक्षा, रात में भी काम की अनुमति
नई व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारी अब रात में भी काम कर सकेंगी, लेकिन उनके लिए सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
3️⃣ डिजिटल होगा कर्मचारियों का रिकॉर्ड
- सभी दुकानों और स्थापनाओं को अपने कर्मचारियों का डेटा डिजिटल रूप से मेंटेन करना होगा।
- हर साल 15 फरवरी तक कर्मचारियों की वार्षिक जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
4️⃣ पंजीयन शुल्क में बढ़ोतरी, लेकिन छोटे दुकानदारों को राहत
- पहले पंजीयन शुल्क ₹100 से ₹250 तक था, जिसे अब ₹1,000 से ₹10,000 तक किया गया है।
- 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली दुकानें ही अधिनियम के दायरे में आएंगी, जबकि पहले सभी दुकानें (बिना किसी कर्मचारी के भी) नियमों के अंतर्गत आती थीं।
5️⃣ श्रम विभाग करेगा पंजीयन, नगरीय निकाय की भूमिका खत्म
पहले नगरीय निकाय पंजीयन की जिम्मेदारी संभालते थे, लेकिन अब यह कार्य श्रम विभाग के तहत आएगा।
13 फरवरी 2025 की अधिसूचना के अनुसार, सभी पात्र दुकानों को 6 महीने के भीतर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जो श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in के माध्यम से किया जा सकेगा।
6️⃣ जुर्माने में बढ़ोतरी, लेकिन कोर्ट से बचने का विकल्प मिलेगा
- नए अधिनियम में जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है, लेकिन अपराधों को कम्पाउंड करने (समझौता करने) की सुविधा भी दी गई है।
- इससे दुकानदारों और व्यापारियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचने का मौका मिलेगा।
- निरीक्षकों की जगह अब फैसिलिटेटर और मुख्य फैसिलिटेटर नियुक्त किए जाएंगे, जो व्यापारियों को बेहतर मार्गदर्शन देंगे।
छोटे दुकानदारों को कैसे मिलेगा फायदा?
✅ पहले से पंजीकृत दुकानों को 6 महीने के भीतर श्रम पहचान संख्या (LIN) के लिए आवेदन करना होगा, लेकिन इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
✅ 6 महीने बाद आवेदन करने पर शुल्क लागू होगा, जिससे दुकानदारों को समय पर पंजीयन कराने का लाभ मिलेगा।
✅ नए नियमों से पंजीयन प्रक्रिया आसान होगी और छोटे दुकानदारों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी।
क्या कहती है सरकार?
श्रम विभाग का कहना है कि इस बदलाव से व्यापारियों और कर्मचारियों दोनों को लाभ मिलेगा। एक तरफ छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी, तो दूसरी ओर कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ में नए अधिनियम के लागू होने के बाद, व्यापार जगत और कर्मचारियों के लिए एक संतुलित और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ मेडिकल पीजी प्रवेश में गड़बड़ी पर हाई कोर्ट की सख्ती, काउंसलिंग पर रोक
मुख्य बिंदु:
- याचिकाकर्ताओं ने अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी का लाभ दिए जाने का आरोप लगाया।
- हाई कोर्ट ने काउंसलिंग पर तत्काल रोक लगाई, अगली सुनवाई 25 फरवरी को।
- महाधिवक्ता ने भी अनियमितताओं की पुष्टि की, कोर्ट ने दिया विस्तृत जांच का निर्देश।
- आदेश सिर्फ याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी समान स्थिति वाले उम्मीदवारों पर लागू होगा।
जानिए पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए काउंसलिंग पर रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
याचिकाकर्ता डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने आरोप लगाया कि मेडिकल पीजी प्रवेश की काउंसलिंग में कई अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी का लाभ दिया गया। नियमानुसार, इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी 2024 तक तीन साल की सेवा पूरी करना अनिवार्य था, लेकिन अधिकारियों ने सेवा अवधि की गणना कटऑफ तिथि से आगे बढ़ा दी, जिससे अयोग्य उम्मीदवारों को लाभ मिला।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि एक निजी उम्मीदवार को गलत तरीके से सेवारत श्रेणी में प्रमाणित किया गया। जांच में सामने आया कि यदि सेवा अवधि की गणना सही कटऑफ तारीख तक की जाती, तो संबंधित उम्मीदवार पात्र नहीं होता।
शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई में शिकायत को मजबूत पाया। महाधिवक्ता ने भी कोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि की, जिसके बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 2025: 24 फरवरी से होगा आगाज, हंगामेदार सत्र रहने के आसार..
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें कुल 17 बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेगी। सत्र का समापन 21 मार्च को होगा और इसके हंगामेदार रहने की संभावना है।
1,862 सवाल, सरकार के लिए कड़े सवालों की चुनौती
बजट सत्र के लिए विधायकों ने 1,862 सवाल लगाए हैं, जिनमें 943 तारांकित और 871 अतारांकित सवाल शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से अधिकांश सवाल ऑनलाइन भेजे गए हैं, जो डिजिटल प्रणाली की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
राज्यपाल का अभिभाषण और सरकार की रणनीति
सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार की आगामी योजनाओं और नीतियों का खाका पेश किया जाएगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, "यह बजट सत्र बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और हम हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा के लिए तैयार हैं।"
जनता के लिए कैसा होगा बजट?
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, "हमारी प्राथमिकता आम जनता को अधिकतम लाभ पहुंचाने की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप, हम 'अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @ 2047' के तहत प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
क्या होगा खास?
- राज्य की आर्थिक स्थिति पर गहराई से चर्चा होगी
- विपक्ष सरकार को घेरने के लिए आक्रामक रहेगा
- नई योजनाओं और विकास कार्यों पर फोकस
बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहसें देखने को मिल सकती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार जनता को क्या सौगात देती है और विपक्ष किन मुद्दों पर सवाल उठाता है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा, तकनीकी नवाचार से बिजली बचत: मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 17 फ़रवरी को मंत्रालय महानदी भवन में ऊर्जा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक में प्रदेश में निरंतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, सौर ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा देने और नवीन तकनीकों के माध्यम से बिजली व्यय को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर, नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाएं देकर हम राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएंगे। साथ ही, ग्रामीण व शहरी विद्युतीकरण के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करेंगे।
रायपुर नगर निगम: शपथ ग्रहण की तैयारी, सभापति पद के लिए चर्चाएँ तेज
रायपुर: नगरीय निकाय चुनावों के सफल समापन के बाद, रायपुर नगर निगम में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ जोरों पर हैं। सोमवार को चुनाव परिणामों की अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके पश्चात् 15 दिनों के भीतर नवनिर्वाचित पार्षदों और महापौर मीनल चौबे का शपथ ग्रहण संपन्न होगा। इसी अवधि में सभापति के चयन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
सभापति पद के लिए संभावित उम्मीदवार
सभापति पद के लिए वरिष्ठ पार्षद सूर्यकांत राठौर और मनोज वर्मा के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। राठौर की सौम्य छवि और शालीन व्यक्तित्व उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाते हैं, जबकि वर्मा ने पूर्ववर्ती परिषद में उप नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई है।
विपक्ष की स्थिति
चुनाव परिणामों में विपक्ष की स्थिति कमजोर रही है। कुल 70 वार्डों में से 60 पर भाजपा का कब्जा है, जबकि कांग्रेस केवल 7 वार्डों में सिमट गई है, और 3 निर्दलीय पार्षद हैं। नियमानुसार, सदन में विपक्ष के लिए न्यूनतम 10% पार्षद होना आवश्यक है, जिसे कांग्रेस ने पूरा कर लिया है। हालांकि, इतनी कम संख्या के कारण सामान्य सभा में आने वाले प्रस्तावों पर विपक्ष का प्रभाव सीमित रहेगा, और अधिकांश प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित होने की संभावना है।
महापौर की प्राथमिकताएँ
नवनिर्वाचित महापौर मीनल चौबे ने शपथ ग्रहण से पूर्व अपने इरादे स्पष्ट करते हुए कहा है कि वे पूर्व महापौर एजाज ढेबर के कार्यकाल की फाइलों की समीक्षा करेंगी। उन्होंने टेंडरों में हुई संभावित गड़बड़ियों की जांच कराने का भी आश्वासन दिया है, ताकि नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
प्रशासनिक कार्यभार
अधिसूचना जारी होने और शपथ ग्रहण समारोह के बीच की अवधि में, महापौर मीनल चौबे निगम कार्यालय में औपचारिक मुलाकातें कर सकती हैं, लेकिन किसी आधिकारिक कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। इस दौरान, निगम के सभी प्रशासनिक कार्यों का दायित्व कलेक्टर एवं प्रशासक डॉ. गौरव सिंह संभालेंगे।
नगरीय निकाय चुनावों के परिणामस्वरूप, रायपुर नगर निगम में सत्ता संतुलन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। आगामी दिनों में शपथ ग्रहण और सभापति के चयन के साथ, नगर निगम की नई कार्यकारिणी अपने दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ करेगी।
छत्तीसगढ़ महापौर चुनाव में BJP की बड़ी जीत, सभी 10 सीटों पर जमाया कब्जा!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए महापौर चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सभी 10 सीटों पर जीत हासिल की है। इस नतीजे ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि BJP की यह जीत कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
BJP की ऐतिहासिक जीत
राज्य के सभी 10 नगर निगमों में बीजेपी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर ली है। इससे यह साफ हो गया है कि राज्य में नगर निगम स्तर पर भाजपा की पकड़ मजबूत हुई है। कांग्रेस, जिसने पिछले निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया था, इस बार कोई भी सीट नहीं जीत पाई।
क्या है जीत का कारण?
BJP की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे कई कारण रहे। मोदी लहर के प्रभाव में केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का पूरा फायदा पार्टी को मिला। इसके साथ ही, संगठित रणनीति के तहत BJP ने जमीनी स्तर पर बेहतरीन तैयारी की और सही उम्मीदवारों का चयन किया। वहीं, कांग्रेस की कमजोरी, उसकी अंदरूनी कलह और कमजोर रणनीति भी इस हार का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
BJP की इस जीत के बाद राज्य की राजनीति और गरमा गई है। जहां पार्टी इसे "जनता का समर्थन और कांग्रेस सरकार की नाकामी का नतीजा" बता रही है, वहीं कांग्रेस इस हार को आत्ममंथन का विषय मान रही है।
क्या बोले बड़े नेता?
???? BJP प्रदेश अध्यक्ष: “यह जीत जनता की BJP पर भरोसे की मुहर है। हम शहरों के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”
???? कांग्रेस प्रवक्ता: “हम हार की समीक्षा करेंगे, लेकिन BJP की जीत में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग भी एक बड़ा कारण रहा है।”
क्या होगा आगे?
BJP की यह जीत 2028 के विधानसभा चुनावों की दिशा तय कर सकती है। पार्टी अब इस लय को बरकरार रखते हुए पूरे प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस के लिए यह नतीजा बड़ा सबक है।
बिलासपुर में युवक-युवती की रेलवे ट्रैक पर मिली क्षत-विक्षत लाश, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक और युवती की लाश रेलवे ट्रैक पर टुकड़ों में बंटी हुई मिली। शव इस कदर क्षत-विक्षत थे कि हाथ, पैर और सिर तक कटे हुए थे। युवक के परिवार ने हत्या की आशंका जताई है, खासतौर पर इसलिए क्योंकि उसके मोबाइल से डेटा डिलीट पाया गया है।
युवक-युवती की पहचान
मृतकों की पहचान सिरगिट्टी निवासी सोमनाथ यादव (23) और तमन्ना मानिकपुरी (21) के रूप में हुई है। दोनों एक ही इलाके के रहने वाले थे और उनके बीच प्रेम संबंध बताया जा रहा है।
गायब होने के बाद मिली लाश
जानकारी के मुताबिक, युवती एक दिन पहले किसी परिचित की शादी में गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान युवक के परिजन भी उसे ढूंढ रहे थे, पर उसका भी कोई पता नहीं चला। अगले दिन परसदा रेल लाइन इलाके में दोनों के क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना मिली।
दृश्य भयावह, लाशों के टुकड़े बिखरे मिले
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर खून के धब्बे और शरीर के मांस के टुकड़े बिखरे हुए थे। युवक का सिर, हाथ और पैर अलग हो चुके थे, जबकि युवती का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। इस निर्मम दृश्य ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक सोमनाथ यादव के भाई खोमलाल यदु, जो यादव समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, ने इस मामले को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि उनका भाई बहादुर था और आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने शव की हालत को देखते हुए हत्या की आशंका जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी और चकरभाठा पुलिस जांच में जुट गई है। मृतकों के परिजनों और दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे और यह घटना आत्महत्या है या हत्या। फिलहाल, सभी संभावित एंगल से जांच जारी है।
रेलवे प्रशासन की लापरवाही से यात्री होंगे परेशान, 13 दिनों तक कई ट्रेनें रद्द और लेट...
रायपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्यों में हो रही देरी से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल स्थित बन्डामुंडा स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते 15 से 25 फरवरी, 2025 तक कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द रहेंगी और कई देरी से चलेंगी।
रद्द की गई ट्रेनें:
इस दौरान कई प्रमुख गाड़ियां पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं—
- 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस (15 से 25 फरवरी तक बंद)
- 18113/18114 टाटानगर-बिलासपुर–टाटानगर एक्सप्रेस (25 फरवरी को रद्द)
- 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस (25 फरवरी को रद्द)
- 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस (24 फरवरी को रद्द)
देरी से चलने वाली गाड़ियां:
रेलवे की इस लापरवाही का असर कई ट्रेनों पर पड़ेगा, जो घंटों देरी से चलेंगी—
- 20821 पुणे-शालीमार एक्सप्रेस (17 फरवरी को 2 घंटे देरी से रवाना)
- 12767 नांदेड़-शालीमार एक्सप्रेस (17 फरवरी को 1 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना)
- 07005 सिकंदराबाद-रक्सौल स्पेशल (24 फरवरी को 3 घंटे देरी से रवाना)
- 12101 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस (24 फरवरी को 2 घंटे देरी से रवाना)
- 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (24 फरवरी को 2 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना)
- 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस (25 फरवरी को 2 घंटे देरी से रवाना)
- 08185 हटिया-दुर्ग स्पेशल (25 फरवरी को 2 घंटे देरी से रवाना)
- 12860 हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस (25 फरवरी को 4 घंटे देरी से रवाना)
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेन:
- 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस (24 फरवरी को ईब-झारसुगुड़ा रोड-सम्बलपुर सिटी-कटक के रास्ते पुरी पहुंचेगी।)
बिलासपुर GGU में छात्रों पर बाहरी युवकों का हमला, कुलपति बने मूकदर्शक; 9 पर मामला दर्ज
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (GGU) में शनिवार को एक कार्यक्रम के बाद छात्रों और बाहरी युवकों के बीच हुई झड़प ने गंभीर रूप ले लिया। इस हमले में एक छात्र बेहोश हो गया, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल होकर सिम्स अस्पताल में भर्ती हैं। हमले के वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें छात्रों के मुंह और नाक से खून बहता साफ दिख रहा है।
हैरानी की बात यह रही कि जब यह पूरी घटना हुई, तब विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आलोक चक्रवाल वहीं मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कार में बैठकर तमाशा देखा और कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
क्या है मामला?
छात्रों के अनुसार, चार महीने पहले आयोजित शतरंज ट्रायल में चयनित छात्रों को जोनल स्तर की स्पर्धा के लिए भेजा गया था, लेकिन कोच की कमी के चलते उन्हें उचित मार्गदर्शन नहीं मिल सका। इस मुद्दे को लेकर छात्र फिजिकल एजुकेशन विभाग के एचओडी रत्नेश सिंह से मिले थे, लेकिन उन्होंने छात्रों की समस्या को नजरअंदाज कर दिया।
शनिवार को इसी मुद्दे को लेकर छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद बाहरी युवकों ने छात्रों को मिलने से रोक दिया। कुलपति के कार में बैठते ही विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और छात्रों पर लात-घूंसे बरसाए गए।
छात्रों का आरोप है कि यह हमला फिजिकल एजुकेशन एचओडी रत्नेश सिंह के इशारे पर किया गया।
छात्रों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
ABVP यूनिवर्सिटी इकाई के अध्यक्ष आराध्य तिवारी ने कुलपति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "कुलपति छात्र विरोधी हैं। वे छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय बाहरी गुंडों के सहारे हमें दबाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बेहद निंदनीय है और हम इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।"
9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
छात्रों की शिकायत पर कोनी थाना पुलिस ने सौरभ कुमार, सौरभ सिंह, अमृतांश दुबे, सूरज सिंह, रूपेश कुमार, हिमांशु शर्मा, गौरव कुमार, स्वप्निल सिन्हा और साजिद खान समेत 9 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रायपुर सेंट्रल जेल में अफ्रीकी कैदी ने की आत्महत्या, 4 साल से ड्रग केस में था अंदर…
रायपुर राजधानी से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां रायपुर सेंट्रल जेल में अफ्रीकी कैदी के आत्महत्या करने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि मृतक कैदी चार साल से ड्रग केस में अंदर था। अचानक इस अफ्रीकी कैदी ने जेल में आत्महत्या कर ली, जिससे एक बार फिर रायपुर सेंट्रल जेल विवादों के घेरे में आ गया है।
दरअसल आत्महत्या करने वाले अफ्रीकी कैदी का नाम पेट्रिक यूबीके बायको है जो 2021 से ड्रस केस में जेल में बंद था। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गंज थाना पुलिस मृत कैदी का पंचनामा कर रही है। (chhattisgarh news) बताया जा रहा है कि ड्रग्स तस्करी करने वाले पेट्रिक यूबीके बायको को पुलिस ने मुंबई के नाला सुपोरा के मकान में छापा मारकर गिरफ्तार किया था। पेट्रिक ने रायपुर में ड्रग्स तस्करी की चेन तैयार की थी। वह अपने गिरफ्तार हुए दोस्त मुंबई के ट्रांसपोर्टर रायडेन बेथेला की मदद से राजधानी में ड्रग्स सप्लाई करता था।
श्री सीमेंट संयंत्र खपराडीह में हुई घटना को लेकर कलेक्टर श्री दीपक सोनी का कड़ा रुख, लगाई सभी सीमेंट संयंत्रों के अधिकारियों की क्लास
बलौदाबाजार भाटापारा 28 जनवरी 2025
कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने बलौदा बाजार भाटापारा जिले के सिमगा ब्लॉक के खपराडीह में स्थित श्री सीमेंट संयंत्र के AFR यूनिट से निकलने वाली दुर्गंध के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन द्वारा श्री सीमेंट के एएफआर क्षेत्र को सील करने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद उन्होंने आज जिले में संचालित समस्त सीमेंट संयंत्र के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर उन्हें अपने सीमेंट संयंत्र में अल्टरनेट फ्यूल एंड रॉ मैटेरियल के समुचित प्रबंधन के निर्देश दिए हैं।
बैठक में कलेक्टर श्री सोनी ने श्री सीमेंट्स के प्रबंधन को ए एफ आर क्षेत्र निगरानी के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर जिला प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि संयंत्रों में हुई लापरवाही के कारण आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी सजगता से निगरानी कर रहा है कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए। कलेक्टर ने कहा कि यदि श्री सीमेंट प्रबंधन को जारी नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने सभी सीमेंट संयंत्रों में एएफआर क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण, कुशल मानव संसाधन की नियुक्ति करते हुए इस आशय का प्रमाण पत्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में एएफआर क्षेत्र में मैटेरियल उपयोग की क्षमता, भौतिक भंडारण एवं प्राप्ति के स्त्रोत,संयंत्र द्वारा भंडारण / निस्तारित किये जा रहे एएफआर हेतु प्राप्त अनुमतियां,संयंत्र के भीतर एएफआर का भंडारण / निस्तारण हेतु एसओपी, संयंत्र के भीतर एएफआर के भंडारण हेतु मापदण्ड अनुसार शेड, नाली एवं सेग्रिगेशन पिट निर्माण की स्थिति, दुर्गंध पृथक्करण प्रणाली,एएफआर के उपयोग एवं प्रबंधन में संयंत्र द्वारा की जा रही कार्यवाही और सीमेंट संयंत्र द्वारा इस दिशा में लोगों को असुविधा से बचाने एवं उनकी सुरक्षा के लिए किए गए उपायों की रिपोर्ट तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
रायगढ़ में सिलेंडर फटा, चार लोग झुलसे, वाहन जलकर खाक
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है, जहां ढिमरापुर चौक स्थित एक समोसा दुकान में सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। इस हादसे में चार लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया है।
रायपुर में नहीं थम रहा चाकूबाजी हेयर स्टाइल पे कमेंट किया तो सिने पर किए कई वार
रायपुर में हेयर स्टाइल पर कमेंट करने पर 9वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह नाबालिगों के बीच विवाद हुआ। इस दौरान स्कूल 15 साल के नाबालिग ने 17 साल के नाबालिग के सीने पर चाकू मार दिया।
छत्तीसगढ़ मे गैंग रेप और 3 लोगो की हत्या करने वाले 5 को, कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 4 साल पहले पहाड़ी कोरवा नाबालिग से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। अब कोर्ट ने 5 दोषियों को फांसी की सजा और एक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय (पॉक्सो) ने यह फैसला सुनाया है। मामला लेमरू थाना इलाके का है। दरअसल, आरोपियों ने नाबालिग से रेप किया, तो पिता और नातिन ने देख लिया था। इसलिए सभी को मार डाला। सतरेंगा गांव निवासी दोषी संतराम यादव, अनिल, आनंद, परदेशी और जब्बार को फांसी की सजा सुनाई गई है। वहीं एक आरोपी उमाशंकर यादव को आजीवन कारावास की सजा मिली है। जानिए क्या है पूरा मामला 29 जनवरी 2021 को गढ़-उपोड़ा के कोराई जंगल में एक परिवार के 3 लोगों की हत्या कर दी गई थी। मृतकों में देवपहरी गांव के धरमू उर्फ झकड़ी राम (45), उनकी बेटी (16) और नातिन सतमति (4) शामिल थे। 30 जनवरी को जंगल में धरमू का शव मिला था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो सतमति और नाबालिग गंभीर हालत में मिली। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में 15 नक्सली को पुलिस ने किया ढेर इनमे 1 करोड़ का इनामी भी
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले (Gariabandh district) में सुरक्षाबलों ने ओडिशा सीमा पर एक बड़ी मुठभेड़ में 15 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें से एक प्रमुख नक्सली जयराम उर्फ चलपति भी था, जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था। रविवार रात से मंगलवार तक जारी रही इस मुठभेड़ में नक्सलियों के शव और उनके हथियार बरामद किए गए हैं। यह मुठभेड़ मैनपुर थाना क्षेत्र के कुल्हाड़ी घाट स्थित भालू डिग्गी के जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने लगभग 60 नक्सलियों को घेर लिया था। मुठभेड़ के दौरान फायरिंग रुक-रुक कर होती रही, जबकि ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे। इस दौरान कोबरा बटालियन का एक जवान भी घायल हुआ, जिसे हेलीकॉप्टर से रायपुर भेजा गया।